स्किन पर दिखें ये संकेत तो हो जाएं सतर्क, वरना सड़ जाएगी आपकी किडनी
punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 10:52 AM (IST)
नारी डेस्क: आज के समय में किडनी की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। इसे अक्सर “साइलेंट डिजीज” कहा जाता है, क्योंकि शुरुआत में इसके साफ लक्षण नजर नहीं आते। लेकिन जैसे-जैसे किडनी ठीक से काम करना बंद करती है, शरीर खासकर त्वचा कई तरह के संकेत देने लगती है। अगर इन लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। यहां जानिए त्वचा पर दिखने वाले किडनी रोग के 11 अहम संकेत,
बहुत ज्यादा रूखी त्वचा
किडनी सही ढंग से काम न करें तो शरीर से हानिकारक तत्व पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते। इसका असर सबसे पहले त्वचा पर देखने को मिलता है। त्वचा अचानक बहुत सूखी, खुरदुरी और पपड़ीदार हो सकती है। कुछ लोगों में यह इतनी अधिक सूखी हो जाती है कि त्वचा पर दरारें पड़ने लगती हैं, जो दर्द भी दे सकती हैं। कई बार त्वचा मछली की चमड़ी जैसी दिखाई देने लगती है। यह न सिर्फ दिखने में अजीब लगता है, बल्कि त्वचा को और संवेदनशील बना देता है, जिससे खुजली और इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है।

लगातार खुजली
बिना किसी स्पष्ट कारण के पूरे शरीर या किसी एक हिस्से में लगातार खुजली होना किडनी की खराबी का बड़ा संकेत हो सकता है। शुरुआत में यह हल्की खुजली हो सकती है, लेकिन समय के साथ यह तेज और लगातार होने लगती है। कई लोग इसे सिर्फ ड्राई स्किन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह आपके शरीर की चेतावनी है कि किडनी सही तरीके से टॉक्सिन बाहर नहीं निकाल पा रही। लगातार खुजली से नींद, रोजमर्रा के काम और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।
खरोंच के निशान और मोटी त्वचा
लगातार खुजली होने पर त्वचा को खुरचने से खरोंच के निशान दिखाई देने लगते हैं। कुछ जगहों पर त्वचा मोटी और सख्त हो सकती है। यह मोटी और कड़ी त्वचा अक्सर हाथ, पैर और पीठ पर होती है। इससे सिर्फ दिखावट बिगड़ती है, बल्कि इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। अगर ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
ये भी पढ़ें: ये लोग भूलकर भी न खाएं पपीता? वरना बन सकता है जहर
त्वचा का रंग बदलना
किडनी की खराबी के कारण खून में टॉक्सिन और अन्य हानिकारक तत्व जमा होने लगते हैं। इसका असर त्वचा के रंग पर भी पड़ता है। त्वचा पीली, धूसर (ग्रे) या असामान्य रूप से फीकी दिख सकती है। कुछ मामलों में त्वचा मोटी और पीली परत वाली हो जाती है। यह बदलाव धीरे-धीरे नजर आता है, इसलिए कई बार लोग इसे थकान या सामान्य कमजोरी समझ लेते हैं। त्वचा के रंग में यह बदलाव समय पर पहचानना जरूरी है।

नाखूनों में बदलाव
किडनी की बीमारी से नाखूनों पर भी असर पड़ता है। नाखूनों का ऊपरी हिस्सा सफेद और निचला हिस्सा भूरा या लाल दिखाई देने लगता है। कभी-कभी नाखूनों पर सफेद रेखाएं या धब्बे उभरने लगते हैं। यह संकेत भी शरीर में विषैले तत्व बढ़ने का ही होता है। लोग इसे अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह किडनी की समस्या की शुरुआती चेतावनी हो सकती है।
शरीर में सूजन (एडेमा)
किडनी ठीक से काम न करें तो शरीर में पानी और नमक का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे पैरों, टखनों, हाथों या चेहरे पर सूजन (एडेमा) दिखाई देती है। सूजन वाली जगह की त्वचा तनी हुई या चमकदार हो सकती है। शुरुआत में यह हल्की लगती है, लेकिन धीरे-धीरे गंभीर हो सकती है। खासकर सुबह उठने पर चेहरे की सूजन या जूतों और अंगूठियों के तंग पड़ने से यह संकेत मिल सकते हैं।
दाने और रैशेज
खून में टॉक्सिन बढ़ने से त्वचा पर छोटे-छोटे दाने या रैशेज निकल सकते हैं। ये दाने उभरे हुए होते हैं और खुजली के साथ आते हैं। कई बार ये बार-बार उभरते रहते हैं। शुरुआत में हल्के लग सकते हैं, लेकिन समय के साथ यह तेज खुजली और जलन पैदा कर सकते हैं। यह भी किडनी की खराबी का संकेत होता है जिसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
बिना कारण फफोले
कुछ गंभीर मामलों में त्वचा पर अचानक फफोले निकलने लगते हैं। ये फफोले हाथ, पैर या चेहरे पर दिखाई दे सकते हैं और सूखने के बाद निशान छोड़ जाते हैं। अक्सर लोग इन्हें एलर्जी या किसी संक्रमण के कारण समझते हैं, लेकिन अगर यह बार-बार हो तो यह किडनी की समस्या से जुड़ा हो सकता है।
पेट या कमर के पास गांठ
अगर पेट या कमर के आसपास कोई नई सूजन या गांठ दिखे, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह केवल सामान्य सूजन नहीं, बल्कि किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या या दुर्लभ मामलों में कैंसर का संकेत भी हो सकता है। इस तरह की गांठ अक्सर बिना दर्द के भी बढ़ती है, इसलिए समय रहते डॉक्टर से जांच जरूरी है।
त्वचा का असामान्य रूप से सख्त होना
कभी-कभी त्वचा असामान्य रूप से कसी और सख्त महसूस होती है। इसे नेफ्रोजेनिक सिस्टमिक फाइब्रोसिस कहा जाता है। यह बहुत कम मामलों में होता है, लेकिन अगर त्वचा पूरी तरह सख्त और कसावट वाली लगने लगे, तो यह गंभीर किडनी समस्या का संकेत हो सकता है।

त्वचा के नीचे कैल्शियम जमा होना
किडनी की खराबी से खून में कैल्शियम और फॉस्फेट का संतुलन बिगड़ सकता है। इसके कारण त्वचा के नीचे, खासकर जोड़ों के आसपास, कैल्शियम जमा हो सकता है। यह जमा होना दर्दनाक भी हो सकता है और जोड़ों के आसपास कठोर गांठ जैसी बनावट पैदा कर सकता है। समय पर पहचान और इलाज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
क्या करें?
अगर इन लक्षणों में से कोई भी लंबे समय तक नजर आए, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं। समय पर इलाज से किडनी को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है।
ध्यान रखें: त्वचा में बदलाव को हल्के में न लें, क्योंकि कई बार यही शरीर का पहला चेतावनी संकेत होता है।

