बार-बार टूट रहे हैं नाखून? शरीर में हो सकती है इन पोषक तत्वों की कमी

punjabkesari.in Saturday, Oct 17, 2026 - 10:07 AM (IST)

नारी डेस्क:   नाखूनों का बार-बार टूटना, किनारों से उखड़ना या कमजोर होकर बीच से फट जाना एक आम समस्या है। कई बार हम इसे नाखूनों की सही देखभाल न करने या नेल पॉलिश के ज्यादा इस्तेमाल से जोड़कर देखते हैं। लेकिन कुछ मामलों में इसके पीछे शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है। आयरन, प्रोटीन और जिंक जैसे पोषक तत्व नाखूनों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, बार-बार पानी और साबुन के संपर्क में आने, केमिकल वाले प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी नाखून कमजोर हो सकते हैं। अगर आपके नाखून भी बार-बार टूट रहे हैं, तो उनकी देखभाल के साथ यह समझना जरूरी है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। आइए जानते हैं नाखून टूटने की वजह, उन्हें मजबूत बनाने के तरीके और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

किन पोषक तत्वों की कमी से टूटने लगते हैं नाखून?

नाखून मुख्य रूप से केराटिन नाम के प्रोटीन से बने होते हैं। इन्हें मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए शरीर को संतुलित आहार की जरूरत होती है। कुछ पोषक तत्वों की कमी होने पर नाखूनों की बनावट और मजबूती प्रभावित हो सकती है।

PunjabKesari

आयरन की कमी

शरीर में आयरन की कमी होने पर नाखून पतले और कमजोर हो सकते हैं। कुछ लोगों के नाखूनों में दरारें पड़ने लगती हैं या वे आसानी से टूटने लगते हैं। गंभीर मामलों में नाखून चम्मच की तरह अंदर की ओर धंसे हुए भी दिखाई दे सकते हैं। इसे कोइलोनिकिया कहा जाता है। अगर नाखून टूटने के साथ लगातार थकान, कमजोरी, चेहरे पर पीलापन या थोड़ा चलने पर सांस फूलने जैसी परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। ये लक्षण आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के संकेत हो सकते हैं। हालांकि, केवल नाखून देखकर आयरन की कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

प्रोटीन की कमी

प्रोटीन शरीर के ऊतकों के निर्माण और उनकी मरम्मत के लिए जरूरी है। चूंकि नाखून केराटिन नाम के प्रोटीन से बनते हैं, इसलिए भोजन में पर्याप्त प्रोटीन न मिलने पर उनकी सेहत भी प्रभावित हो सकती है। अगर आपकी डाइट में लंबे समय से प्रोटीन की कमी है, तो नाखूनों के साथ बालों और मांसपेशियों पर भी असर पड़ सकता है। दाल, दूध, दही, पनीर, अंडे, सोया और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को अपने भोजन में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

ये भी पढ़ें:  प्रियंका चोपड़ा रोज पीती हैं साउथ इंडियन स्टाइल छाछ, जानें फायदे

बायोटिन की कमी

बायोटिन को विटामिन बी7 भी कहा जाता है। यह शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलने समेत कई जरूरी प्रक्रियाओं में मदद करता है। बायोटिन की कमी से नाखून कमजोर हो सकते हैं, लेकिन इसकी कमी सामान्य रूप से बहुत कम लोगों में पाई जाती है। इसलिए नाखून टूटने पर बिना जांच या डॉक्टर की सलाह के बायोटिन सप्लीमेंट लेना सही नहीं है। संतुलित आहार लेना और समस्या की असली वजह पता करना ज्यादा जरूरी है।

 जिंक और विटामिन बी12 की कमी

जिंक शरीर की कोशिकाओं के विकास और मरम्मत में मदद करता है। वहीं, विटामिन बी12 लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। इन पोषक तत्वों की कमी होने पर भी कुछ लोगों में नाखूनों से जुड़ी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं। हालांकि, नाखून टूटने का मतलब यह नहीं है कि आपके शरीर में इन सभी पोषक तत्वों की कमी है। सही कारण जानने के लिए लक्षणों, खानपान और जरूरत पड़ने पर मेडिकल जांच को ध्यान में रखना चाहिए।

PunjabKesari

पोषक तत्वों की कमी के अलावा इन वजहों से भी टूटते हैं नाखून

बार-बार पानी और साबुन के संपर्क में आना

अगर आप दिनभर बर्तन धोते हैं, कपड़े साफ करते हैं या बार-बार हाथ धोते हैं, तो नाखून लगातार गीले और सूखे होते रहते हैं। इससे उनकी बाहरी परत कमजोर होकर उखड़ सकती है। लंबे समय तक पानी के संपर्क में रहने से नाखूनों के टूटने की आशंका बढ़ जाती है।

नेल पॉलिश और रिमूवर का ज्यादा इस्तेमाल

बार-बार नेल पॉलिश लगाना और उसे हटाने के लिए रिमूवर का इस्तेमाल करना कुछ लोगों के नाखूनों को रूखा बना सकता है। खासकर एसीटोन वाले रिमूवर के बार-बार इस्तेमाल से नाखूनों में सूखापन बढ़ सकता है।

नाखूनों को दांत से काटना

कई लोगों को नाखून चबाने या दांतों से काटने की आदत होती है। इससे नाखूनों के किनारे खराब हो सकते हैं और उनके आसपास की त्वचा को भी नुकसान पहुंच सकता है। नाखूनों से बोतल खोलना या दूसरी चीजों को खुरचना भी उनकी मजबूती को प्रभावित कर सकता है।

थायराइड की समस्या

थायराइड हार्मोन में गड़बड़ी होने पर भी नाखूनों की बढ़त और बनावट में बदलाव आ सकता है। इसके साथ थकान, बाल झड़ना, वजन में बदलाव या ठंड ज्यादा लगने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर ऐसी परेशानियां लगातार बनी हुई हैं, तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।

उम्र और मौसम का असर

उम्र बढ़ने के साथ नाखूनों की बढ़त धीमी हो सकती है और वे पहले की तुलना में ज्यादा कमजोर हो सकते हैं। वहीं, सर्दियों या शुष्क मौसम में नाखूनों और उनके आसपास की त्वचा में रूखापन बढ़ने से भी नाखून टूटने लगते हैं।

नाखूनों को मजबूत बनाने के लिए क्या खाएं

अगर आप चाहते हैं कि नाखून स्वस्थ रहें और बार-बार न टूटें, तो सबसे पहले अपने खानपान पर ध्यान दें। किसी एक खास चीज को खाने से तुरंत नाखून मजबूत नहीं होते। इसके लिए संतुलित आहार और नियमित देखभाल जरूरी है।

आयरन के लिए: पालक, दालें, चना, राजमा और अन्य फलियां खाएं। जरूरत के अनुसार डॉक्टर आयरन की कमी की जांच और इलाज की सलाह दे सकते हैं।

प्रोटीन के लिए: दूध, दही, पनीर, अंडे, सोया, दाल और मेवे को डाइट में शामिल करें।

जिंक के लिए: कद्दू के बीज, तिल, दालें, मेवे और साबुत अनाज खा सकते हैं।

बायोटिन के लिए: अंडे अच्छी तरह पकाकर खाएं। मेवे, बीज और संतुलित आहार से भी शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं।

विटामिन सी के लिए: आंवला, अमरूद, संतरा और नींबू जैसे खाद्य पदार्थ खाएं। विटामिन सी पौधों से मिलने वाले आयरन को शरीर में बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है।

इसके साथ पर्याप्त पानी पिएं और लंबे समय तक बहुत कम खाने या एक ही तरह की डाइट लेने से बचें।

नाखूनों की देखभाल के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

नाखून छोटे रखें: लंबे नाखून जल्दी अटक सकते हैं और टूटने का खतरा बढ़ जाता है। उन्हें नियमित रूप से काटें और किनारों को नेल फाइल से चिकना कर लें।

 हाथों पर मॉइस्चराइजर लगाएं: हाथ धोने के बाद हैंड क्रीम लगाएं। नाखूनों और उनके आसपास की त्वचा पर भी मॉइस्चराइजर लगाने से रूखापन कम करने में मदद मिल सकती है।

बर्तन धोते समय दस्ताने पहनें: डिटर्जेंट और पानी के लगातार संपर्क से बचने के लिए दस्तानों का इस्तेमाल करें। काम खत्म होने के बाद हाथों को अच्छी तरह सुखाएं।

नेल पॉलिश से कुछ समय का ब्रेक लें: अगर नाखून बहुत रूखे या कमजोर हो गए हैं, तो कुछ समय तक नेल पॉलिश और रिमूवर का इस्तेमाल कम करके देखें।

नाखूनों को खींचकर न तोड़ें: अगर नाखून की कोई परत उखड़ रही है, तो उसे दांतों से खींचने या हाथ से नोचने से बचें। इससे नाखून और ज्यादा खराब हो सकता है।

सप्लीमेंट लेने में जल्दबाजी न करें: नाखून टूटने पर आयरन, बायोटिन या अन्य विटामिन की गोलियां खुद से शुरू न करें। जरूरत से ज्यादा कुछ पोषक तत्व लेना नुकसानदायक हो सकता है। सप्लीमेंट तभी लें, जब डॉक्टर इसकी सलाह दें।

नाखून टूटने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अगर नाखून कभी-कभार टूटता है, तो आमतौर पर इसकी वजह रोजमर्रा की आदतें हो सकती हैं। लेकिन अगर कई हफ्तों तक देखभाल करने के बावजूद समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

PunjabKesari

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

नाखून लगातार टूट रहे हों या उनकी परतें बार-बार उखड़ रही हों। नाखूनों का रंग बदलने लगे या उनका आकार असामान्य दिखाई दे। नाखूनों के आसपास सूजन, दर्द या लालिमा हो। नाखूनों के साथ बाल भी बहुत झड़ रहे हों। लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर आना या सांस फूलने जैसी परेशानी हो। नाखून मोटे होने लगें, उनमें असामान्य धब्बे दिखें या वे नाखून के नीचे की त्वचा से अलग होने लगें। डॉक्टर आपकी परेशानी और दूसरे लक्षणों को देखते हुए जरूरत पड़ने पर खून की जांच, आयरन की स्थिति या थायराइड की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। हर व्यक्ति को सभी जांचों की जरूरत नहीं होती।

नाखूनों की सेहत को न करें नजरअंदाज

बार-बार नाखून टूटने की वजह पोषक तत्वों की कमी, पानी और केमिकल का ज्यादा संपर्क, रूखापन या कोई स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। इसलिए केवल नाखूनों पर तेल या क्रीम लगाने के बजाय उनकी देखभाल के साथ खानपान पर भी ध्यान दें। अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे या दूसरे लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेकर सही कारण पता करें। इससे नाखूनों को स्वस्थ रखने के लिए सही कदम उठाने में मदद मिलेगी।
 

   
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Priya Yadav

Related News

static