धनतेरस पर जरूर पढ़ें मां लक्ष्मी की ये कथा, घर में कभी नहीं होगी धन की कमी!

punjabkesari.in Thursday, Nov 05, 2026 - 02:05 PM (IST)

नारी डेस्क : दिवाली के पांच दिवसीय महापर्व में धनतेरस का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर खरीदारी करने के साथ-साथ मां लक्ष्मी की कथा सुनना और उसका पाठ करना भी बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं कि जो भक्त इस दिन सच्चे मन से माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं और उनकी कथा पढ़ते हैं, उनके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। अगर आप भी मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो धनतेरस के दिन उनकी यह पौराणिक कथा जरूर पढ़ें।

धनतेरस का धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुएं खरीदने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से आरोग्य और माता लक्ष्मी की आराधना करने से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। वहीं, कुबेर देव की पूजा धन और वैभव की कामना के लिए की जाती है।

PunjabKesari

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने वाली कथा

कथा के अनुसार, एक बार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी पृथ्वी लोक पर भ्रमण के लिए आए। इस दौरान, भगवान विष्णु को कुछ कार्य याद आ गए और वह दक्षिण दिशा की ओर चले गए। माता लक्ष्मी, विष्णु जी का इंतजार करती रहीं, लेकिन जब वह काफी समय तक नहीं आए, तो उन्होंने भी उनकी दिशा में चलने का निर्णय लिया। चलते-चलते माता लक्ष्मी को एक गन्ने का खेत दिखाई दिया। भूख के मारे उन्होंने गन्ना तोड़ा और उसे खाने लगीं। इस पर भगवान विष्णु क्रोधित हो गए और मां लक्ष्मी को श्राप दिया कि उन्हें उस किसान की 12 साल तक सेवा करनी होगी, जिसका गन्ना उन्होंने खाया था।

ये भी पढ़ें: दिवाली पर लगा लिया ये तोरण तो घर में नहीं घुसेगी बुरा शक्ति, इस पत्ते का तोरण सबसे शुभ

12 वर्षों की सेवा

माता लक्ष्मी ने 12 वर्षों तक उस किसान की सेवा की। जब 12 साल बाद विष्णु जी लक्ष्मी जी को लेने आए, तो उन्होंने किसान को दरवाजे पर रोक लिया। भगवान विष्णु ने किसान को गंगा स्नान करने और कौड़ियां गंगा में अर्पित करने का उपाय बताया। जब किसान यह करने के लिए जा रहा था, तो उन्हें मां गंगा मिलीं, जिन्होंने बताया कि उनके घर में मां लक्ष्मी रह रही थीं।

PunjabKesari

किसान ने वापस जाकर विष्णु जी और लक्ष्मी जी से जाने के लिए मना किया। देवी-देवताओं ने किसान को श्राप के बारे में बताया और कहा कि यदि वह चाहते हैं कि लक्ष्मी जी हमेशा उनके घर में रहें, तो उन्हें धनतेरस पर पूजा और व्रत करना होगा। किसान ने हर साल पूरी निष्ठा से धनतेरस का व्रत किया और लक्ष्मी जी की पूजा की। इसके फलस्वरूप, उसे कभी भी धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ा।

PunjabKesari

कथा का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो लोग सच्चे मन से हर साल धनतेरस पर इस कथा का पाठ करते हैं, उन्हें जीवन में कभी भी पैसों की कमी नहीं होती। इसके साथ ही, उनके घर में सुख-शांति का वास रहता है।

यें भी पढ़ें : सोने की कलम से लिखी होती है इस मूलांक वालों की किस्मत, धन-वैभव खुद आता है इनके पास

नोट : यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रस्तुत की गई है। इस धनतेरस पर, मां लक्ष्मी की कृपा से आप भी अपने जीवन में समृद्धि और खुशहाली की प्राप्ति कर सकते हैं!


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Monika

Related News

static