डायबिटीज में पैर काले क्यों पड़ने लगते हैं? जानिए कब नजर आते हैं ये गंभीर संकेत
punjabkesari.in Monday, Jul 13, 2026 - 03:27 PM (IST)
नारी डेस्क: डायबिटीज केवल ब्लड शुगर बढ़ने तक सीमित बीमारी नहीं है। अगर लंबे समय तक शुगर का स्तर नियंत्रित न रहे, तो इसका असर शरीर के कई अंगों पर पड़ सकता है। इनमें पैर सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। कई मरीजों में पैरों में सुन्नपन, घाव, सूजन या त्वचा के रंग में बदलाव देखने को मिलता है। अगर पैर या पैर की उंगलियां काली पड़ने लगें, तो इसे सामान्य बदलाव मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह किसी गंभीर जटिलता का संकेत हो सकता है और समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।
डायबिटीज में पैर काले क्यों पड़ जाते हैं
जब लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर अधिक रहता है, तो इसका असर नसों और रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसल्स) पर पड़ने लगता है। इस स्थिति को डायबिटिक न्यूरोपैथी और पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (Peripheral Artery Disease) जैसी समस्याओं से जोड़ा जाता है।खराब ब्लड सर्कुलेशन के कारण पैरों तक पर्याप्त मात्रा में खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इससे वहां की कोशिकाएं (टिश्यू) प्रभावित होने लगती हैं। यदि स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाए, तो टिश्यू को नुकसान पहुंच सकता है और त्वचा का रंग काला या नीला दिखाई देने लगता है। कुछ मामलों में यह गैंग्रीन जैसी गंभीर स्थिति का संकेत भी हो सकता है, जिसमें तुरंत चिकित्सा की जरूरत पड़ती है।

किन लोगों में ज्यादा रहता है खतरा
डायबिटीज के मरीजों में कुछ स्थितियां इस समस्या का जोखिम और बढ़ा सकती हैं। इनमें लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहना, पैरों में रक्त संचार कम होना, नसों का कमजोर पड़ना, पैरों में चोट लगना, घाव का संक्रमित हो जाना और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं शामिल हैं। अगर इन कारणों पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो पैरों में गंभीर संक्रमण और अन्य जटिलताएं विकसित हो सकती हैं।
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इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर डायबिटीज के मरीज के पैर या पैर की उंगलियों का रंग काला या नीला पड़ने लगे, घाव लंबे समय तक ठीक न हो, पैरों में लगातार सूजन बनी रहे, दर्द या सुन्नपन महसूस हो, या घाव से बदबू आने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ये संकेत बताते हैं कि पैरों में रक्त प्रवाह या संक्रमण से जुड़ी गंभीर समस्या हो सकती है, जिसका समय पर इलाज बेहद जरूरी है।

डायबिटिक फुट से कैसे करें बचाव
डायबिटीज के मरीजों के लिए पैरों की रोजाना देखभाल बहुत जरूरी होती है। हर दिन पैरों की जांच करें और देखें कि कहीं कोई कट, छाला, घाव या रंग में बदलाव तो नहीं है। पैरों को साफ और सूखा रखें और आरामदायक जूते पहनें। नंगे पैर चलने से बचें, क्योंकि छोटी-सी चोट भी संक्रमण का कारण बन सकती है। इसके अलावा, ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना, संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेना डायबिटिक फुट जैसी जटिलताओं के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए यदि पैरों की त्वचा का रंग तेजी से बदल रहा हो, घाव भरने के बजाय बढ़ रहा हो, तेज दर्द, सूजन, पस या बदबू जैसी समस्या हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं, यहां तक कि पैर बचाने में भी मदद मिल सकती है।

