ये कैसी आफत! इस बीमारी की चपेट में आ रहा पूरा शरीर, तेजी से बढ़ रही...
punjabkesari.in Friday, Apr 24, 2026 - 09:17 AM (IST)
नारी डेस्क: अगर आप या फिर आपके घर में कोई भी व्यक्ति लीवर की किसी भी समस्या से परेशान है तो ये लेख सिर्फ आपके लिए है। दरअसल, इस समय लीवर की बीमारियां काफी बढ़ रही है। खासकर लीवर सिरोसिस की। इस बीमारी से बहुत से लोग जूझ रहे है। हरियाणा के फरीदाबाद में भी इस बीमारी से पीड़ित बहुत मरीज है। इसी बीच एक अहम जानकारी सामने आई है, जिसे जानना लीवर के मरीज के लिए बहुत जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि सिरोसिस बीमारी का असर सिर्फ लीवर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे शरीर को प्रभावित करता है। चलिए जानतें है कैसे...
क्या होता है सिरोसिस का असर?
जानकारी के मुताबिक, सिरोसिस के मरीजों में मांसपेशियां तेजी से कमजोर होने लगती हैं। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में सार्कोपेनिया कहा जाता है। सार्कोपेनिया (Sarcopenia) उम्र बढ़ने के साथ होने वाली मांसपेशियों के द्रव्यमान (mass), ताकत और कार्यक्षमता में क्रमिक कमी है, जो आमतौर पर 40 वर्ष की आयु के बाद शुरू होती है। इससे कमजोरी, संतुलन में कमी, गिरने का खतरा और दैनिक कार्यों में कठिनाई हो सकती है।

क्या कहते है डॉक्टर?
डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मरीजों को हाथ-पैरों में कमजोरी, जल्दी थकान और कई बार सांस फूलने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ये सभी संकेत बताते हैं कि शरीर की मसल्स कमजोर हो रही हैं। सिर्फ दवाइयों से ही इस बीमारी को संभाला नहीं जा सकता। मरीज की लाइफ को बेहतर बनाने के लिए फिजियोथैरेपी बहुत बड़ा रोल निभाती है। मरीज की हालत सुधारने और जीवन को बेहतर बनाने में फिजियोथैरेपी की अहम भूमिका होती है। अगर समय रहते सही तरीके से फिजियोथैरेपी शुरू की जाए, तो मरीज को काफी फायदा मिल सकता है।

मरीज को चलने फिरने में होती है परेशानी
लीवर सिरोसिस के मरीजों को अक्सर चलने-फिरने में परेशानी, शरीर में कमजोरी और संतुलन बिगड़ने जैसी दिक्कतें होती हैं। ऐसे में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, बैलेंस और को-ऑर्डिनेशन से जुड़ी एक्सरसाइज काफी फायदेमंद साबित होती हैं। इससे मरीज के गिरने का खतरा भी कम हो जाता है। सही एक्सरसाइज करने से शरीर में बढ़ा हुआ अमोनिया लेवल कम करने में भी मदद मिलती है, जो लीवर सिरोसिस के मरीजों के लिए बेहद जरूरी है।

