फिट दिखने वाले प्रतीक यादव के शरीर में छिपी थीं गंभीर बीमारियां, डॉक्टर ने किए खुलासे
punjabkesari.in Wednesday, May 13, 2026 - 04:39 PM (IST)
नारी डेस्क: Prateek Yadav के निधन की खबर ने हर किसी को हैरान कर दिया। बाहर से बेहद फिट और बॉडी बिल्डर जैसी पर्सनैलिटी रखने वाले प्रतीक को देखकर शायद ही किसी ने सोचा होगा कि वह कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। अब उनकी पुरानी डॉक्टर ने उनके स्वास्थ्य को लेकर कुछ अहम जानकारियां साझा की हैं, जिनसे पता चलता है कि उनकी फिटनेस के पीछे शरीर के अंदर कई गंभीर समस्याएं मौजूद थीं।
हाई बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियों से थे परेशान
डॉक्टर के अनुसार, प्रतीक यादव लंबे समय से उनके मरीज थे। उन्हें हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन और डायबिटीज जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां थीं। ये दोनों बीमारियां अक्सर “साइलेंट किलर” मानी जाती हैं, क्योंकि इनका असर धीरे-धीरे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है। बाहर से फिट नजर आने के बावजूद उनके शरीर के अंदर स्वास्थ्य संबंधी कई जटिलताएं बढ़ रही थीं।

फेफड़ों में जमे थे खून के थक्के
डॉक्टर ने बताया कि प्रतीक यादव Pulmonary Embolism जैसी गंभीर स्थिति से भी जूझ रहे थे। इस बीमारी में फेफड़ों की नसों में खून के थक्के जम जाते हैं, जिससे ऑक्सीजन की सप्लाई प्रभावित होने लगती है। हाल ही में इसी समस्या के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, फेफड़ों में जमे थक्कों की वजह से उनके दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था, जिससे हृदय की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही थी।
सांस फूलने की समस्या भी बनी हुई थी
डॉक्टर ने बताया कि प्रतीक को अक्सर सांस फूलने की शिकायत रहती थी। फेफड़ों और दिल की समस्याओं का असर उनकी सांस लेने की क्षमता पर भी पड़ रहा था। अस्पताल में इलाज के दौरान उन्हें आराम करने और लगातार निगरानी में रहने की सलाह दी गई थी। बताया गया कि फेफड़ों की धमनियों में ब्लॉकेज के कारण उनके दिल पर लगातार दबाव बढ़ रहा था।
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नियमित दवाइयों और ब्लड थिनर पर थे निर्भर
डॉक्टर के मुताबिक, उनकी हालत को देखते हुए उन्हें नियमित दवाइयां और ब्लड थिनर दिए जा रहे थे। ऐसी बीमारियों में दवाओं और निगरानी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।

फिटनेस हमेशा अच्छे स्वास्थ्य की गारंटी नहीं
Prateek Yadav जिम और बॉडी बिल्डिंग के काफी शौकीन थे। उनकी फिट बॉडी देखकर लोग उन्हें पूरी तरह स्वस्थ मानते थे, लेकिन डॉक्टर के खुलासों ने यह साफ कर दिया कि बाहरी फिटनेस हमेशा अंदरूनी स्वास्थ्य की सही तस्वीर नहीं दिखाती। उनकी मौत ने एक बार फिर इस बात पर चर्चा शुरू कर दी है कि तनावपूर्ण जीवनशैली, लाइफस्टाइल बीमारियां और शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव लंबे समय में कितना गंभीर असर डाल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित हेल्थ चेकअप, संतुलित जीवनशैली और समय पर इलाज बेहद जरूरी है। कई बार शरीर बाहर से स्वस्थ दिखता है, लेकिन अंदर गंभीर समस्याएं धीरे-धीरे बढ़ रही होती हैं।
ऐसे में लगातार थकान, सांस फूलना, हाई बीपी या ब्लड शुगर जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।

