मौत से पहले शरीर देता है ये 7 संकेत, आखिरी समय में दिखने लगते हैं ऐसे बदलाव

punjabkesari.in Tuesday, May 19, 2026 - 11:45 AM (IST)

नारी डेस्क : जीवन का सबसे कठिन दौर तब होता है जब कोई अपना इंसान जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर पहुंच जाता है। लंबे समय से बीमार व्यक्ति के शरीर में धीरे-धीरे कई बदलाव आने लगते हैं, क्योंकि शरीर के अंग धीरे-धीरे काम करना कम कर देते हैं। ऐसे समय में कुछ खास संकेत दिखाई देते हैं, जो यह बताते हैं कि व्यक्ति मृत्यु के करीब पहुंच रहा है। इन संकेतों को समझकर परिवार के लोग खुद को मानसिक रूप से तैयार कर सकते हैं और मरीज की बेहतर देखभाल कर सकते हैं।

भूख और प्यास कम हो जाना

मृत्यु से कुछ दिनों या हफ्तों पहले व्यक्ति की खाने-पीने में रुचि कम होने लगती है। शरीर की ऊर्जा की जरूरत घट जाती है, इसलिए मरीज बहुत कम खाना चाहता है या बिल्कुल मना कर देता है। कई बार पानी पीने की इच्छा भी खत्म हो जाती है। ऐसे समय में मरीज को जबरदस्ती खाना खिलाने से बचना चाहिए।

ज्यादा नींद आना और सुस्ती महसूस होना

व्यक्ति ज्यादातर समय सोता रहता है और बहुत कमजोर महसूस करता है। कई बार वह आसपास की बातों का जवाब देना भी कम कर देता है। शरीर में ऊर्जा की कमी होने के कारण मरीज धीरे-धीरे अनरिस्पॉन्सिव (Unresponsive) होने लगता है और बार-बार उनींदापन  (Drowsiness) महसूस करता है।

मांसपेशियों का कमजोर होना

मृत्यु के करीब पहुंचते समय शरीर की मसल्स कमजोर पड़ने लगती हैं। मरीज को उठने-बैठने या करवट बदलने में भी परेशानी होने लगती है। शरीर में हर समय थकान बनी रहती है। ऐसे में मरीज को सहारा देकर आराम से बैठाना या लिटाना चाहिए।

शरीर का ठंडा पड़ना

उस दौरान जब शरीर में ब्लड सर्कुलेशन कम होने लगता है तो हाथ और पैर ठंडे महसूस होने लगते हैं। कई बार त्वचा पर नीले या बैंगनी धब्बे भी नजर आने लगते हैं। यह संकेत शरीर के धीरे-धीरे बंद होने की ओर इशारा करता है।

सांस, हार्टबीट और ब्लड प्रेशर में बदलाव

आखिरी समय में व्यक्ति की सांस लेने की गति बदलने लगती है। कभी सांस बहुत धीमी हो जाती है तो कभी तेज। ब्लड प्रेशर गिरने लगता है और हार्टबीट अनियमित हो सकती है। कई बार पल्स महसूस करना भी मुश्किल हो जाता है।

दर्द और बेचैनी बढ़ जाना

अगर व्यक्ति पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा हो तो शरीर में दर्द बढ़ सकता है। मरीज कराहने लगता है या बेचैनी महसूस करता है। ऐसे समय में डॉक्टर की सलाह से दर्द कम करने वाली दवाइयों की मदद ली जा सकती है ताकि मरीज को आराम मिल सके।

मानसिक भ्रम और पहचानने में दिक्कत

मृत्यु के करीब व्यक्ति को मानसिक भ्रम होने लगता है। वह अपने आसपास के लोगों को पहचानने में परेशानी महसूस कर सकता है या उनकी आवाज पर प्रतिक्रिया नहीं देता। शरीर में ऑक्सीजन की कमी और दिमाग की गतिविधि धीमी होने के कारण ऐसा होता है।

ऐसे समय में क्या करें?

मरीज के साथ शांत और प्यार भरा व्यवहार रखें।
उसे अकेला महसूस न होने दें।
डॉक्टर की सलाह लेते रहें।
मरीज को आरामदायक स्थिति में रखें।
परिवार के लोग भावनात्मक रूप से एक-दूसरे का सहारा बनें।

ध्यान दें: ये संकेत सामान्य जानकारी के लिए हैं। हर व्यक्ति में लक्षण अलग हो सकते हैं। किसी भी मेडिकल स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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Content Editor

Monika

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