सर्दियों में ज्यादा आराम सेहत के लिए खतरनाक, जान लें इसके नुकसान!
punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 05:26 PM (IST)
नारी डेस्क: सर्दियों के मौसम में लोग अक्सर आलस महसूस करते हैं। ठंडी हवा, कम धूप और आराम करने की आदत के कारण शरीर सुस्त हो जाता है। रजाई में रहना और कम चलना इस मौसम में आम बात हो गई है। लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना आपकी सेहत पर गंभीर असर डाल सकता है। आयुर्वेद भी शरीर की सुस्ती को चेतावनी मानता है, क्योंकि यह धीरे-धीरे शरीर की ताकत और ऊर्जा को कम कर देता है।
कम शारीरिक गतिविधि का आयुर्वेदिक नजरिया
आयुर्वेद के अनुसार, शरीर को सक्रिय रखना बेहद जरूरी है। शास्त्रों में कहा गया है कि आलसी और निष्क्रिय जीवन रोगों की जड़ बन सकता है। जब शरीर पर्याप्त सक्रिय नहीं रहता, तो वात और कफ दोष असंतुलित हो जाते हैं। इसका असर पाचन, इम्युनिटी और ऊर्जा स्तर पर पड़ता है। सर्दियों में कम चलना-फिरना कफ दोष को बढ़ाता है, जिससे सर्दी-खांसी जैसी सामान्य समस्याओं से लेकर गंभीर बीमारियों तक का खतरा बढ़ सकता है।

मेटाबॉलिज्म और वजन पर असर
अगर दिन का बड़ा हिस्सा बैठे-बैठे बीतता है, तो शरीर में फैट जमा होने लगता है और मेटाबॉलिज्म कमजोर हो जाता है। यही वजह है कि सर्दियों में मोटापा और डायबिटीज जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से मांसपेशियों में जकड़न होती है। साथ ही, जोड़ों में दर्द, गठिया और कमर दर्द जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं, जो समय के साथ और बढ़ सकती हैं।

दिल, दिमाग और इम्युनिटी पर प्रभाव
शारीरिक गतिविधि कम होने से ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में ऑक्सीजन की कमी मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालती है, जिससे डिप्रेशन, चिंता और तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। आलस के कारण पाचन तंत्र कमजोर होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) भी घटने लगती है।

सर्दियों में कैसे रहें एक्टिव और हेल्दी
हल्की एक्सरसाइज: दिन में 20–30 मिनट हल्की एक्सरसाइज, योग या स्ट्रेचिंग जरूर करें।
नियमित चलना-फिरना: घर के अंदर भी थोड़ी-थोड़ी दूरी चलकर फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाएं।
सूरज की रोशनी लें: सुबह की धूप शरीर को गर्म रखती है और विटामिन D देती है।
संतुलित आहार: सर्दियों में विटामिन और मिनरल युक्त भोजन खाएं, ताकि ऊर्जा बनी रहे।

