होली की मस्ती में बच्चों की सेहत न हो हल्की, इन 5 बातों का रखें खास ध्यान
punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 03:17 PM (IST)
नारी डेस्क: होली का त्योहार बच्चों के लिए सबसे पसंदीदा होता है, लेकिन इस दौरान उन्हें सुरक्षित रखने के लिए माता-पिता को खास सावधानियां बरतनी चाहिए। तेज धूप, पानी के गुब्बारे और केमिकल युक्त रंग बच्चों की नाजुक त्वचा और आंखों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए, इस होली पर बच्चों की सुरक्षा और हाइड्रेशन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
बच्चों को होली पर एक्स्ट्रा केयर की क्यों जरूरत होती है?
बच्चों की त्वचा और आंखें बेहद संवेदनशील होती हैं। उनका इम्यून सिस्टम भी पूरी तरह विकसित नहीं होता, इसलिए केमिकल युक्त रंग, भारी धातुएं और जलन पैदा करने वाले तत्व उनके लिए नुकसानदेह हो सकते हैं।

संभावित समस्याएं
त्वचा पर रैशेज, खुजली और एलर्जी
आंखों में लालिमा और जलन
सांस लेने में कठिनाई
गलती से निगलने पर पेट की समस्याएं
इंफेक्शन का खतरा बढ़ना
बच्चे अनजाने में अपनी आंखें रगड़ सकते हैं या रंग लगे हाथ मुंह में डाल सकते हैं, जिससे संक्रमण का जोखिम और बढ़ जाता है।
हर्बल कलर का करें चुनाव
बच्चों के लिए हमेशा नेचुरल और हर्बल रंग ही चुनें। फूलों के अर्क, हल्दी, चुकंदर आदि से बने रंग सुरक्षित होते हैं। मेटालिक या चमकदार रंगों से बचें, क्योंकि इनमें हानिकारक रसायन और भारी धातुएं हो सकती हैं। हर्बल रंग न केवल त्वचा के लिए सुरक्षित होते हैं, बल्कि बाद में आसानी से साफ भी हो जाते हैं।
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स्किन और बालों पर तेल लगाएं
होली खेलने से पहले बच्चों की त्वचा और बालों पर नारियल तेल या सरसों का तेल जरूर लगाएं। यह एक सुरक्षात्मक परत का काम करता है। रंग आसानी से हटता है और त्वचा पर जलन नहीं होती।

आंखों की सुरक्षा: सनग्लासेस जरूरी
बच्चों की आंखें बेहद नाजुक होती हैं। होली खेलते समय उन्हें सनग्लासेस पहनाएं। अगर रंग आंखों में चला जाए, तो तुरंत साफ पानी से धोएं। उन्हें समझाएं कि आंखें रगड़ना नहीं है।
हाइड्रेशन का रखें खास ध्यान
होली अक्सर बाहर मनाई जाती है। बच्चों को पानी पिलाते रहें। नारियल पानी या ताजे फलों का जूस भी दें। यह डिहाइड्रेशन और गर्मी से बचाव करता है।
सही कपड़े और जूते पहनाएं
बच्चों को पूरी बांह वाले कॉटन कपड़े पहनाएं ताकि त्वचा कम से कम धूप में आए। आरामदायक जूते या सैंडल पहनाएं, ताकि फिसलन या गिरने का खतरा कम हो।
बच्चों पर हमेशा नजर रखें
बच्चों को पानी के गुब्बारों और भीड़ वाली जगहों से दूर रखें। उन्हें सिखाएं कि दूसरों के चेहरे पर बिना अनुमति रंग न लगाएं। तेज केमिकल वाले रंग, पानी के बैलून और गलत तरीके से खेलने से चोट और संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
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होली के बाद बच्चों की देखभाल
बच्चों को गुनगुने पानी और हल्के साबुन से नहलाएं। त्वचा को जोर से न रगड़ें। नहाने के बाद मॉइस्चराइज़र लगाएं। कपड़े अलग से धोएं ताकि रंगों का संक्रमण न हो। अगर त्वचा पर दाने, जलन या लालिमा 24 घंटे से अधिक रहे, तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।

