बच्चे के दूध के दांतों को नुकसान पहुंचा सकती है मां की यह गलती

punjabkesari.in Saturday, Jun 27, 2026 - 11:22 AM (IST)

नारी डेस्क : छोटे बच्चों के दूध के दांत बेहद नाजुक होते हैं और उनकी सही देखभाल करना बहुत जरूरी है। अक्सर माता-पिता सोचते हैं कि दूध के दांत तो टूटने ही हैं, इसलिए इनमें सड़न कोई बड़ी समस्या नहीं है। लेकिन डॉक्टर का कहना है कि दूध के दांतों की अनदेखी बच्चे के आने वाले पक्के दांतों को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

किस गलती से सड़ते हैं बच्चे के दूध के दांत?

डॉक्टर के अनुसार, सिर्फ चॉकलेट, टॉफी या मीठी चीजें ही बच्चों के दांत खराब नहीं करतीं। रात में बच्चे को बार-बार दूध पिलाना या बोतल से दूध पिलाकर सुला देना भी दूध के दांतों में सड़न का बड़ा कारण बन सकता है। इस स्थिति को नर्सिंग बॉटल कैरिज (Nursing Bottle Caries) कहा जाता है।

क्यों खराब हो जाते हैं दांत?

जब बच्चा दूध पीकर तुरंत सो जाता है, तो दूध में मौजूद प्राकृतिक शुगर (लैक्टोज) उसके दांतों और मसूड़ों पर जमा रह जाती है। रात के समय मुंह में लार कम बनती है, जिससे दांतों की प्राकृतिक सफाई नहीं हो पाती। ऐसे में मुंह में मौजूद बैक्टीरिया इस शुगर को खाकर एसिड बनाते हैं, जो धीरे-धीरे दांतों की ऊपरी परत (एनामेल) को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। यही कारण है कि बच्चे के दूध के दांतों में कैविटी और सड़न की समस्या शुरू हो सकती है।

एक-दो नहीं, सारे दांत हो सकते हैं खराब

नर्सिंग बॉटल कैरिज की समस्या में सड़न सिर्फ एक या दो दांतों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि धीरे-धीरे बच्चे के कई दांत या पूरे दूध के दांतों को प्रभावित कर सकती है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो कुछ ही महीनों में दांतों पर काले धब्बे दिखाई देने लगते हैं, उनमें छोटे-छोटे छेद बन सकते हैं और बच्चे को दर्द, संवेदनशीलता तथा खाने-पीने में परेशानी भी होने लगती है।

रात में दूध पिलाने के बाद क्या करें?

अगर बच्चा छोटा है और रात में दूध पिलाना जरूरी है, तो दूध पिलाने के बाद साफ और गीले कपड़े से उसके मसूड़ों और दांतों को साफ करें।
2 साल से अधिक उम्र के बच्चों को रात में बार-बार दूध पिलाने की आदत से बचाना चाहिए।
बच्चे को दूध पीकर तुरंत सोने की आदत न डालें।

दूध के दांतों की सड़न पक्के दांतों को भी पहुंचा सकती है नुकसान

कई माता-पिता सोचते हैं कि दूध के दांत टूट जाएंगे और नए दांत आ जाएंगे, लेकिन यह धारणा गलत है। दूध के दांतों में संक्रमण और सड़न नीचे मौजूद पक्के दांतों की जड़ों तक पहुंच सकती है, जिससे आने वाले दांत भी प्रभावित हो सकते हैं।

बच्चे को कब से ब्रश करवाना चाहिए?

विशेषज्ञों के अनुसार, 1 साल की उम्र के बाद बच्चे को सॉफ्ट बेबी ब्रश से धीरे-धीरे ब्रश करवाना शुरू कर देना चाहिए। इससे दांतों की सफाई बनी रहती है और कैविटी का खतरा कम हो जाता है।

बच्चों के दांत स्वस्थ रखने के आसान उपाय

रात में दूध पिलाने के बाद दांत जरूर साफ करें।
मीठी चीजों का सेवन सीमित रखें।
बच्चे को रोज सुबह और रात ब्रश करने की आदत डालें।
हर 6 महीने में डेंटिस्ट से जांच करवाएं।
बोतल में दूध भरकर बच्चे को लंबे समय तक चूसने न दें।

बच्चों के दूध के दांत भले ही अस्थायी हों, लेकिन उनकी सही देखभाल करना बेहद जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही आगे चलकर बच्चे के दांतों की सेहत पर बड़ा असर डाल सकती है।


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Content Editor

Monika

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