Fashion की Devi थी भारत की ये खूबसूरत रानी, हीरे मोती लगाकर पहनती थी Sandals
punjabkesari.in Thursday, Apr 30, 2026 - 04:16 PM (IST)
नारी डेस्क: भारत की वो रानी जिसे दुनिया फैशन की देवी भी कहती थी, जिसने प्यार के लिए परिवार से बगावत भी की और खुद मंगेतर को चिट्ठी लिखकर कह भी दिया कि वो किसी और से प्यार करती हैं। हम बात कर रहे हैं कूच बिहार की महारानी इंदिरा देवी (Maharani Indira Devi) की, जिन्हें लोग इंदिरा राजे गायकवाड़ से भी जानते हैं। जयपुर की रानी गायत्री देवी इन्हीं की बेटी थी और इंदिरा को एक जमाने में देश की सबसे खूबसूरत महिला माना जाता था।

महंगे सैंडलों का शौक रखती थी महारानी
इंदिरा देवी की फैशन सेंस भी कमाल की थी। वो ऐसी रानी थी जिसके जूते भी हीरे मोतियों से सजे होते थे। यूरोप में पली बढ़ी इंदिरा राजे में कई दोस्त तो हॉलीवुज के स्टार्स ही थे जो उनकी पार्टीज में आते ही रहते थे। महंगे सैंडलों का शौक रखने वाली रानी इंदिरा के जूतों पर मंहगे हीरे-मोती जवाहरात जड़े होते थे। यूरोप में पली थी इसलिए पहरावे में विदेशी टच भी रहता था और फैशन अप टू डेट।
प्यार के लिए तोड़ी सगाई
बड़ौदा की राजकुमारी, महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय और उनकी दूसरी पत्नी चिम्नाबाई द्वितीय की इकलौती बेटी थी जो अपने भाइयों के साथ बड़ौदा के भव्य लक्ष्मी विलास पैलेस में पली-बढ़ीं थी। छोटी उम्र में ही ग्वालियर के तत्कालीन महाराजा माधो राव सिंधिया से उनकी सगाई हो गई थी। लेकिन ये सगाई टूट गई क्योंकि उन्हें कूच बिहार के तत्कालीन महाराजा राजेंद्र नारायण के छोटे भाई जितेंद्र से प्यार हो गया था। अपने प्यार के लिए रानी ने ग्वालियर के महाराजा से सगाई तोड़ दी थी वो भी अपने मंगेतर को खुद पत्र लिखकर।

शादी के लिए नहीं तैयार थे माता-पिता
इस शादी के लिए रानी इंदिरा के माता-पिता कभी राजी नहीं थे क्योंकि वह जितेंद्र को एक लापरवाह परिवार का लड़का मानते थे लेकिन उन्होंने अपने प्यार से ही शादी करने का फैसला कर लिया था। बेटी की जिद्द के आगे माता-पिता ने आधा-अधूरा समझौता किया। उन्होंने इंदिरा को अपनी छत छोड़कर लंदन जाने और जितेंद्र से शादी करने की इजाजत दे दी। इंदिरा और जितेंद्र की शादी लंदन के एक होटल में हुई थी, जिसमें इंदिरा के परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। ब्रह्म समाज के रीति-रिवाजों से उनकी शादी हुई जिस संप्रदाय का पालन जितेंद्र की मां सुनीति देवी करती थी। जब शादी हुई थी तब उनके पति राजा की गद्दी पर नहीं थे लेकिन जब जीतेंद्र के बड़े भाई राजा राजेंद्र नारायण गंभीर बीमारी से चल बसे तो उन्हें राजा की गद्दी मिली लेकिन इंदिरा भरी जवानी में ही विधवा हो गई। अभी बच्चे छोटे थे इसलिए रानी ही कूच बिहार की संरक्षिका बनीं।

इंदिरा बनी 5 बच्चों की मां
इंदिरा 5 बच्चों की मां बनी लेकिन शराब की लत उनके परिवार में आम थी। कहा जाता है कि पहले बड़े भाई और फिर राजा जीतेंद्र की मृत्यु का कारण भी वहीं लत बनी। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 31 साल बताई गई। 5 बच्चों के साथ महारानी इंदिरा देवी ने ही लंबे समय तक कूच बिहार का राजकाज संभाला।

फैशनेबल रानी थी इंदिरा
इंदिरा फैशनेबल रानी थी। कहते हैं कि जब वह साड़ी पहनती थी तो अलग ही ग्रेस दिखता था। सिल्क, शिफॉन साड़ियों को ट्रेंड में लाने का श्रेय एक तरह से उन्हीं को ही जाना चाहिए। वहीं उनकी बेटी जयपुर की राजमाता गायत्री देवी भी अपनी शिफॉन साड़ी लुक के लिए ही बेहद फेमस थी।

डिजाइनर खूबसूरत जूतों का शौक
साड़ियों के साथ महारानी को डिजाइनर खूबसूरत जूतों का भी शौक था इसलिए तो वह एक साथ ही कई डिजाइनर्स जूतों का आर्डर दे देती थी। वह अपने जूतों में हीरे मोती भी जड़वाती थीं। जूते बनाने वाली कंपनी को वह खुद अपनी पसंद के रत्न भेजा करती थीं जिन्हें वो जूतों में लगा सके। अपने लिए खास हीरे मोती वाला जूता तैयार करने के लिए उन्होंने 20वीं सदी की इटली की नंबर वन डिजाइनर कंपनी को 100 जोड़ी जूते बनाने का आर्डर दिया, जिसमें एक को हीरे और रत्न जड़कर तैयार करना था।

हीरे और मोती जड़े जुते पहनने का शौक
इटली के साल्वातोर फेरागेमो उनके पसंदीदा वेस्टर्न डिजाइनर्स में थे। साल्वातोर ने अपनी आत्मकथा में लिखा- एक बार महारानी ने उनकी कंपनी को जूते बनाने का आर्डर दिया, इसमें एक आर्डर इस तरह की सैंडल बनाने का था, जिसमें हीरे और मोती जड़े हों। उन्हें ये हीरे और मोती अपने कलेक्शन के ही चाहिए थे। लिहाजा उन्होंने आर्डर के साथ हीरे और मोती भी भेजे थे।...तो ये थी महारानी इंदिरा देवी की रॉयल लाइफस्टोरी। पैकेज अच्छा लगा तो इसे लाइक करना ना भूलें।

