गुमनामी में जिंदगी काट रही ShahRukh की बहन 'लाला रुख', वो हादसा जो कभी उनके दिमाग से निकला ही नहीं

punjabkesari.in Tuesday, Oct 19, 2021 - 11:38 AM (IST)

इस समय बॉलीवुड के किंग खान के घर मुश्किलों के बादल छाए हुए हैं। बेटे आर्यन को लेकर घर के सारे सदस्य परेशान हैं। हमेशा सुर्खियों में बने रहने वाले शाहरुख खान इन दिनों बुरे वक्त से गुजर रहे हैं। वहीं बेटे को छुड़वाने के लिए वह अपना पूरा जोर लगाए हुए हैं। आर्यन खान, उनकी मां गौरी खान और बहन सुहाना सब परेशान है। अक्सर लाइमलाइट में रहने वाला ये परिवार इन दिनों मीडिया से दूर है हालांकि शाहरुख के परिवार में एक ऐसी सदस्य है जो पहले से ही लाइमलाइट से दूर रही हैं। जी हां, वो कोई और नहीं बल्कि शाहरुख की बहन शहनाज लालारुख खान है।

 

शाहरुख ने अपनी जिंदगी में बहुत से दुख देखे हैं, ऐसे ही दुखों का सामना उनकी बड़ी बहन शहनाज ने भी किया। जिंदगी में घटे कुछ हादसों ने उनकी बहन को खामोश कर दिया। चलिए इस पैकेज में शाहरुख खान की बहन के बारे में ही आपको बताते हैं कि अब वो कहां हैं ...

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शाहरुख की बहन उनसे करीब 6 साल बड़ी हैं और उन्होंने शादी नहीं की। वैसे तो वह लाइमलाइट से कोसो दूर रहती है लेकिन अपने भाई के परिवार के साथ वह कभी कभार  स्पॉट हो जाती हैं हालांकि अब भी वह काफी समय से स्पॉट नहीं हुई है।

 

एक वक्त ऐसा आया था जब शाहरुख की बहन अपना मानसिक संतुलन खो बैठी थीं। दरअसल साल 1981 में शाहरुख के पिता की मौत कैंसर के कारण हुई थी। जिस दिन पिता की मौत हुई शहनाज घर पर नहीं थी लेकिन जैसे ही वह घर लौटीं तो पिता की डेड बॉडी देख वह बेहोश हो गईं। पिता की मौत का गहरा सदमा शहनाज के दिल दिमाग पर लगा। इस सदमे से वह डिप्रेशन में चली गई थीं और बीमार रहने लगी थीं।

 

शाहरुख उस वक्त सिर्फ 15 साल के थे। शाहरुख ने बताया कि एक दिन जब वह घर लौटे तो उनके पिता ने बताया कि उन्हें कैंसर हो गया है क्योंकि उस वक्त वे इस बीमारी की गंभीरता को नहीं जानते थे तो सभी ने सोचा कि ये ठीक हो जाएगा हालांकि महज 3 महीने के बाद ही वह गुजर गए। इसके कुछ महीने बाद जब परिवार इससे उबरने की कोशिश कर रहा था तभी उनकी मां का भी इसी बीमारी से निधन हो गया। शहनाज को मां-पिता की मौत का ऐसा सदमा लगा कि वह रोई भी नहीं थी। कई साल उन्होंने गुमसुम काटे।

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SRK ने कहा, 'वह रोई नहीं थी, उसने कुछ भी नहीं कहा। वह बस गिर गई और उसका सिर नीचे जमीन पर टकरा गया। घटना के 2 साल बाद तक वह ना रोई और ना ही बोली। वह बस आसमान की तरफ देखती थी तो केवल देखती रहती थी और इस दौरान वो किसी से कुछ भी बात नहीं करती थी।

 

दो साल तक वह इससे ऊबर नहीं पाईं। पिता की मौत के बाद वह रोती नहीं थीं। लेकिन उनके जाने का गम उनके चेहरे पर साफ दिखाई पड़ता था। वह लंबा समय डिप्रैशन में रहीं। उसके बाद मां के जाने का गम भी उन्हें अंदर से तोड़ गया।  इस घटना ने उसकी दुनिया बदल दी, अब वह बेहतर है लेकिन कुछ प्रभाव अभी भी उसमें देखने को मिलते हैं। दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई थी। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए स्विट्जरलैंड ले जाया गया। 'मैं जब 'तुझे देखा तो ये जाना सनम' गाने की शूटिंग कर रहा था उस वक्त स्विट्जरलैंड में शहनाज का इलाज चल रहा था। इलाज के बाद उनकी हालत पहले से ठीक हो गई थी लेकिन वो पूरी तरह ठीक नहीं हो पाईं।

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शहनाज पिता मीर ताज मोहम्मद के काफी करीब थीं। उनके पिता ने ही उन्हें मिडल नेम 'लाला रुख' दिया था जिसका मतलब होता है, फूल जैसी कोमल और खूबसूरत। माता-पिता के बाद सारी जिम्मेदारी शाहरुख के कंधों पर आ गई। उन्होंने अपनी बहन को संभाला। आज भी वह अपने भाई के घर ही रहती हैं। उन्होंने शादी क्यों नहीं की और वह कोई काम करती हैं या नहीं इसकी किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं हैं।

 

जीवन में कई बार ऐसे हादसे घट जाते हैं जो जीवन भर भुलाए नहीं जाते। ऐसे ही गम में शाहरुख की बहन अपनी जिंदगी गुमनामी में काट रही हैं हालांकि किंग खान ने बहन को अच्छी लाइफ देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।


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Content Writer

Vandana

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