इस विटामिन की कमी से सिकुड़ जाएगी दिमाग की सारी नसें, Brain को डेमेज करती

punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 08:12 PM (IST)

नारी डेस्कः हमारे शरीर को हैल्दी रहने के लिए हर तरह के विटामिन्स और मिनरल्स की जरूरत रहती है। वैसे ही दिमाग के लिए भी ये बहुत जरूरी है। कुछ विटामिन्स तो ऐसे हैं जो दिमाग की नसों को सिकुड़ने से बचाने और स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि वो विटामिन ही हमारी याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता और संतुलित व्यवहार के लिए बेहद जरूरी है। अक्सर कहा जाता है कि विटामिन B12 की कमी से दिमाग की नसें सिकुड़ने लगती हैं हालांकि यह पूरी तरह अचानक नहीं होता। ऐसा लंबे समय तक कमी रहने पर होता है जिससे तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

विटामिन B12 क्या करता है?

विटामिन B12 दिमाग और नसों की सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक है क्योंकि ये शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्य करता है। नसों के चारों ओर मौजूद माइलिन (Myelin) नामक सुरक्षात्मक आवरण को बनाए रखना
लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण।
डीएनए बनाने में सहायता।
दिमाग की कार्यप्रणाली को एक्टिव रखना।
यदि B12 की कमी हो जाती है, तो माइलिन आवरण क्षतिग्रस्त होने लगता है। इससे नसें कमजोर पड़ सकती हैं और दिमाग के सिग्नल ठीक से काम नहीं कर पाते।

विटामिन B12 की कमी के लक्षण

शुरुआत में लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन समय के साथ गंभीर हो सकते हैं:
याददाश्त कमजोर होना
बार-बार भूलना
ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन
थकान और कमजोरी
चक्कर आना
डिप्रेशन या मूड में बदलाव
गंभीर मामलों में डिमेंशिया जैसे लक्षण।
लंबे समय तक अनदेखी करने पर तंत्रिका क्षति स्थायी भी हो सकती है।

किन लोगों में ज्यादा खतरा?

50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
शाकाहारी या वीगन (क्योंकि B12 मुख्यतः पशु उत्पादों में मिलता है)
पेट या आंत की सर्जरी करवाने वाले
गैस्ट्रिक या एसिडिटी की दवाएं लंबे समय तक लेने वाले
थायरॉयड या ऑटोइम्यून रोग से ग्रस्त व्यक्ति

अन्य जरूरी पोषक तत्व

सिर्फ B12 ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य पोषक तत्व भी दिमाग की सेहत के लिए जरूरी हैं:
फोलेट (Vitamin B9) – कोशिकाओं की मरम्मत में मदद
Vitamin B6 – न्यूरोट्रांसमीटर संतुलन
ओमेगा-3 फैटी एसिड – दिमाग की कोशिकाओं को मजबूत रखने में सहायक
Vitamin D – मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा
इनकी कमी भी मानसिक कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है।

विटामिन B12 के स्रोत

दूध, दही, पनीर, अंडा, मांस और मछली, फोर्टिफाइड अनाज (कुछ पैक्ड सीरियल) यदि खान-पान से पर्याप्त मात्रा नहीं मिल पा रही हो, तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट या इंजेक्शन दिए जा सकते हैं।

जांच और इलाज

अगर लंबे समय से याददाश्त में कमी, सुन्नपन या मानसिक भ्रम हो रहा हो, तो डॉक्टर से मिलकर Vitamin B12 Blood Test करवाना चाहिए। 
ओरल सप्लीमेंट
इंजेक्शन (गंभीर कमी में)
आहार में बदलाव
समय पर इलाज शुरू करने से अधिकांश लक्षणों में सुधार संभव है।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?

अचानक भ्रम या व्यवहार में बदलाव
बोलने या चलने में दिक्कत
लगातार सुन्नपन
अत्यधिक कमजोरी


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Content Writer

Vandana

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