अब 40 साल से भी कम उम्र में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, डॉक्टरों ने बताए ये 3 बड़े कारण

punjabkesari.in Thursday, Mar 12, 2026 - 04:58 PM (IST)

नारी डेस्क: आजकल ब्रेन स्ट्रोक केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गया है। अब 40 साल से कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। ब्रेन स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग तक जाने वाला रक्त प्रवाह अचानक रुक जाता है या किसी ब्लड वेसल के फटने से दिमाग को नुकसान पहुँचता है। इसके कारण दिमाग की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती और शरीर के कई कार्य प्रभावित होने लगते हैं।

ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण

ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण अचानक दिखाई देते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति गंभीर और जानलेवा भी बन सकती है। आम लक्षणों में शामिल हैं: चेहरे या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, बोलने या समझने में परेशानी, तेज सिरदर्द, चक्कर आना, चलने या देखने में कठिनाई। इन संकेतों को अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है।

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40 साल से कम उम्र में ब्रेन स्ट्रोक के मुख्य कारण

सिगरेट और नशीले पदार्थों का सेवन

सिगरेट और तंबाकू में मौजूद हानिकारक तत्व ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुँचाते हैं। इसके कारण खून के थक्के बनने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा नशीले पदार्थों का सेवन भी दिमाग की ब्लड वेसल्स को प्रभावित कर सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर, तनाव और अनहेल्दी लाइफस्टाइल

हाई ब्लड प्रेशर, अत्यधिक तनाव, मोटापा और अस्वस्थ जीवनशैली स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाते हैं। खराब खानपान, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी इसे बढ़ावा देती हैं।

अनहेल्दी खानपान

जंक फूड, तैलीय भोजन और अधिक मीठा खाने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर का स्तर बढ़ता है। यह भी ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है।

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ब्रेन स्ट्रोक के प्रकार

ब्रेन स्ट्रोक मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं

इस्केमिक स्ट्रोक – यह सबसे आम प्रकार है। इसमें दिमाग की किसी ब्लड वेसल में खून का थक्का बन जाता है और रक्त प्रवाह रुक जाता है।

हेमोरेजिक स्ट्रोक – इसमें दिमाग की ब्लड वेसल फट जाती है और खून बहने लगता है। यह स्थिति गंभीर होती है और तुरंत इलाज की जरूरत होती है।

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ट्रांजिएंट इस्केमिक अटैक (मिनी स्ट्रोक) – इसमें रक्त प्रवाह कुछ समय के लिए रुक जाता है लेकिन बाद में सामान्य हो जाता है। हालांकि यह भविष्य में बड़े स्ट्रोक का संकेत भी हो सकता है।

किन लोगों में स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है

कुछ लोगों में स्ट्रोक का खतरा दूसरों की तुलना में ज्यादा होता है। जिनमें शामिल हैं: हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, मोटापा और हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग। साथ ही ज्यादा तनाव लेने वाले, लंबे समय तक शारीरिक गतिविधियों से दूर रहने वाले और अनहेल्दी खानपान करने वाले लोग भी जोखिम में हैं। यदि परिवार में पहले किसी को स्ट्रोक हुआ हो, तो जोखिम और बढ़ जाता है।

ब्रेन स्ट्रोक से बचाव के तरीके

ब्रेन स्ट्रोक से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है। सिगरेट और नशीले पदार्थों से दूरी बनाएं। नियमित व्यायाम करें और वजन नियंत्रित रखें। योग, वॉक और स्ट्रेचिंग मदद कर सकते हैं। संतुलित और पौष्टिक आहार लें, जिसमें फल, सब्जियां, प्रोटीन और हेल्दी फैट शामिल हों। ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराते रहें। पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने की कोशिश करें। किसी भी स्ट्रोक-संबंधित लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

समय पर सावधानी और सही जीवनशैली अपनाने से इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।  


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Content Editor

Priya Yadav

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