मधुमक्खियां भी ले सकती हैं जान, इनका डंक सीधा फेफड़े और ब्रेन पर करता है अटैक !

punjabkesari.in Friday, Feb 27, 2026 - 11:05 AM (IST)

नारी डेस्क:  अक्सर लोग सोचते हैं कि सांप का ज़हर ही सबसे खतरनाक होता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में मधुमक्खी का डंक  भी जानलेवा साबित हो सकता है। खासकर तब, जब शरीर में तेज एलर्जी रिएक्शन या कई डंक एक साथ लग जाएं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि  पिछले चार माह में विभिन्न जिलों में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। एक अनुमान के अनुसार मधुमक्खियों के डंक से 200 से ज्यादा लोगों की जान चली जाती है। यानी कि मधुमक्खी के डंक को मामूली समझना खतरनाक साबित हो सकता है। 

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 मधुमक्खी का डंक कब बनता है खतरनाक?

तेज एलर्जिक रिएक्शन (Anaphylaxis): कुछ लोगों को मधुमक्खी के डंक से एनाफिलैक्टिक शॉक हो सकता है। इसमें अचानक सांस लेने में तकलीफ,  गला और जीभ सूज जाना, ब्लड प्रेशर गिरना, दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना या बेहोशी हो सकती है। अगर तुरंत इलाज न मिले तो यह जानलेवा हो सकता है। कई मामलों में यह स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि हार्ट अटैक तक आ सकता है।

 एक साथ कई डंक लगना: अगर शरीर पर दर्जनों या सैकड़ों डंक लग जाएं तो ज़हर की मात्रा ज्यादा हो जाती है। इससे शरीर में टॉक्सिन तेजी से फैलते हैं, किडनी फेल होने का खतरा रहता है, मांसपेशियों को नुकसान होता है, फेफड़ों में सूजन (Pulmonary Edema) बए़ जाती है और दिमाग में सूजन (Cerebral Edema) भी हो सकती है। फेफड़ों और दिमाग में सूजन की वजह से सांस रुक सकती है या कोमा की स्थिति बन सकती है।


 सांप के ज़हर से तुलना क्यों?

सांप का ज़हर सीधा नर्वस सिस्टम या खून पर असर करता है, लेकिन मधुमक्खी का डंक एलर्जी से शरीर की पूरी इम्यून सिस्टम को झटका देता है, अचानक ब्लड प्रेशर गिरा देता है, दिल और फेफड़ों पर गंभीर असर डाल सकता है अगर व्यक्ति को पहले से दिल की बीमारी, अस्थमा या एलर्जी है तो खतरा और बढ़ जाता है।

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इन लोगों को ज्यादा खतरा 

- जिन्हें पहले भी डंक से एलर्जी हुई हो
-हार्ट पेशेंट
- बुजुर्ग
- बच्चे
-जिन पर एक साथ बहुत सारे डंक लगे हों


 डंक लगने पर तुरंत करें ये काम 

डंक को तुरंत निकालें (नाखून या कार्ड से हल्के से खुरचकर),  ठंडी सिकाई करें, अगर सांस लेने में दिक्कत, चक्कर, सूजन या उल्टी हो तो तुरंत अस्पताल जाएं, जिन लोगों को एलर्जी है, वे डॉक्टर की सलाह से एपिनेफ्रिन ऑटो-इंजेक्टर साथ रखें।  याद रखें हर मधुमक्खी का डंक जानलेवा नहीं होता, लेकिन शरीर की प्रतिक्रिया उसे खतरनाक बना सकती है। समय पर पहचान और इलाज से जान बचाई जा सकती है। अगर डंक के बाद लक्षण सामान्य से अलग लगें, तो देरी बिल्कुल न करें।
 


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vasudha

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