सिगरेट की कश कहीं ले न ले आपकी जान, एक्सीडेंट और हार्ट अटैक से ज्यादा Smoking से मर रहे लोग
punjabkesari.in Saturday, Apr 11, 2026 - 06:36 PM (IST)
नारी डेस्क: धूम्रपान वास्तव में बहुत हानिकारक है। यह बात ज्यादातर लोग जानते हैं। यहां तक कि धूम्रपान करने वाले भी मानते हैं कि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लेकिन ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि यह कितना नुकसानदायक है। हर साल धूम्रपान से मरने वालों की संख्या शराब, मादक पदार्थों के सेवन, कार दुर्घटनाओं, आत्महत्याओं और हत्याओं से होने वाली कुल मौतों की संख्या से कहीं अधिक है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य संगठनों के अनुसार, इसके सेवन से हर साल लाखों लोगों की जान चली जाती है। इसके बावजूद, बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और खैनी जैसी आदतें कई देशों में आम बनी हुई हैं।
सिगरेट क्यों है इतना खतरनाक
सिगरेट में निकोटिन और कई जहरीले रसायन होते हैं जो शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाते हैं। यह धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर करता है और कई गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। सिगरेट के सेवन से फेफड़ों का कैंसर, मुंह का कैंसर, गले का कैंसर और अन्य कई प्रकार के कैंसर होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। यह ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। सिगरेट से क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और COPD जैसी गंभीर सांस की बीमारियां हो सकती हैं, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। मुंह में संक्रमण, दांतों का पीला पड़ना और मसूड़ों की बीमारी भी तंबाकू का बड़ा असर है।
पैसिव स्मोकिंग भी है खतरनाक
सिर्फ सिगरेट पीने वाला ही नहीं, बल्कि उसके आसपास रहने वाले लोग भी सेकेंड हैंड स्मोक (Passive Smoking) के कारण प्रभावित होते हैं। बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर इसका असर और भी गंभीर हो सकता है। सिगरेट छोड़ना आसान नहीं होता, लेकिन संभव जरूर है। इसके लिए काउंसलिंग और मेडिकल सहायता, निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी, परिवार और समाज का समर्थन बहुत मददगार हो सकता है। सिगरेटआज भी दुनिया में मौत का एक प्रमुख कारण है, लेकिन यह पूरी तरह रोकी जा सकने वाली (preventable) समस्या है। अगर लोग समय रहते जागरूक होकर इसे छोड़ दें, तो लाखों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं और एक स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है।

