रिसर्च का दावा- जिंदगी में एक नहीं, दो बार होता है सच्चा प्यार

punjabkesari.in Friday, Feb 13, 2026 - 03:13 PM (IST)

 नारी डेस्क:  फिल्मों और कहानियों में अक्सर यह दिखाया जाता है कि इंसान को जिंदगी में सिर्फ एक ही बार सच्चा प्यार होता है। लेकिन एक नई रिसर्च इस सोच को बदलती नजर आ रही है। अध्ययन के मुताबिक, ज्यादातर लोग अपनी जिंदगी में एक से ज्यादा बार सच्चा प्यार अनुभव करते हैं।

किन्से इंस्टीट्यूट की बड़ी स्टडी

अमेरिका के Kinsey Institute ने 10,036 अविवाहित लोगों पर यह अध्ययन किया। इसमें 18 से 99 साल तक के लोग शामिल थे। यह पहली बार है जब किसी स्टडी में लोगों से सीधे पूछा गया कि उन्हें जिंदगी में कितनी बार सच्चा प्यार हुआ है। उनका कहना है कि ज्यादातर लोगों के लिए ‘गहरा और सच्चा प्यार’ का अनुभव कुछ ही बार होता है, लेकिन यह एक से ज्यादा बार भी हो सकता है।

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कितनी बार होता है सच्चा प्यार?

स्टडी के नतीजे काफी दिलचस्प रहे

30.3% लोगों ने कहा कि उन्हें दो बार सच्चा प्यार हुआ। 27.8% लोगों ने माना कि उन्हें सिर्फ एक बार प्यार हुआ। 16.8% लोगों ने बताया कि वे तीन बार प्यार में पड़ चुके हैं। वहीं 14% लोगों ने कहा कि उन्होंने कभी ‘जुनूनी’ या गहरा प्यार महसूस ही नहीं किया।

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उम्र के साथ बढ़ता है प्यार का अनुभव

रिसर्च में यह भी सामने आया कि बुजुर्ग लोगों ने युवाओं की तुलना में ज्यादा बार प्यार में पड़ने की बात स्वीकार की। इससे पता चलता है कि जीवन के अलग-अलग पड़ाव पर इंसान अलग-अलग लोगों से गहरा जुड़ाव महसूस कर सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि ‘गहरा प्यार’ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि यह अनुभव किसे और कितनी बार मिलता है।

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पुरुष जल्दी, महिलाएं गहराई से प्यार करती हैं

ऑस्ट्रेलिया की Australian National University के विश्लेषण में भी प्यार को लेकर एक दिलचस्प बात सामने आई। 33 देशों के 808 युवाओं (18 से 25 साल) पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि  पुरुष औसतन महिलाओं से लगभग एक महीना पहले प्यार में पड़ जाते हैं। महिलाएं प्यार को ज्यादा गहराई से महसूस करती हैं और अपने पार्टनर के बारे में अधिक सोचती हैं।

क्या कहती है रिसर्च?

रिसर्च का निष्कर्ष यह है कि इंसान को केवल एक ‘सोलमेट’ के इंतजार में बैठने की जरूरत नहीं है। जिंदगी के अलग-अलग चरणों में अलग-अलग लोगों से सच्चा और गहरा प्यार हो सकता है।  


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Content Editor

Priya Yadav

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