"पुलिस पर हमला करना गलत..."  रूपाली गांगुली ने छात्रों को दी शांतिपूर्ण विरोध करने की नसीहत

punjabkesari.in Thursday, Jul 23, 2026 - 12:33 PM (IST)

नारी डेस्क: एक्ट्रेस और नेता रूपाली गांगुली ने राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर अपनी बात रखी है। 2024 में बीजेपी में शामिल हुईं एक्ट्रेस ने अपने X  अकाउंट पर एक लंबा नोट लिखकर इन विरोध प्रदर्शनों पर अपनी राय रखी और यह बात भी कही कि विरोध प्रदर्शनों को गलत दिशा में मोड़ा जा रहा है। उन्होंने लिख- "जो लोग कानून को अपने हाथ में लेते हैं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं और पुलिस पर हमला करते हैं, उन्हें छात्र नहीं कहा जा सकता। ऐसी हरकतें किसी जायज मकसद को कमजोर ही करती हैं। पेपर लीक मामले में न्याय की मांग जायज़ है"। 
PunjabKesari

एक्ट्रेस ने आगे लिखा- "छात्र एक निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली, जवाबदेही और मजबूत सुरक्षा उपायों के हकदार हैं ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। हाल के पेपर लीक मामलों में सरकारों और जांच एजेंसियों ने जांच शुरू की है संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है।" उन्होंने आगे कहा- "साथ ही, परीक्षा प्रक्रिया को मज़बूत करने और भविष्य में लीक को रोकने के प्रयास भी शुरू किए गए हैं। दुर्भाग्य से, जब शांतिपूर्ण विरोध की जगह हिंसा ले लेती है, तो छात्रों की असली चिंताएं दबने का खतरा पैदा हो जाता है। अगर देश-विरोधी या राजनीतिक एजेंडे वाले लोग छात्रों के आंदोलन का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो इससे उन छात्रों को ही नुकसान होता है जो न्याय चाहते हैं। भारत अपने छात्रों के साथ खड़ा है। भारत अपने लोगों के साथ खड़ा है। लड़ाई पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर सुधारों के लिए होनी चाहिए न कि हिंसा या तबाही के लिए"। 


रूपाली ने लिखा- हर छात्र और हर नागरिक से अपील है: शांति से विरोध करें, एकजुट रहें और किसी को भी अपने आंदोलन को गलत दिशा में मोड़ने या राजनीतिक या वैचारिक एजेंडे के लिए अपनी भावनाओं का फायदा उठाने न दें। आपका भविष्य बहुत कीमती है, इसे किसी और के हाथों का खिलौना न बनने दें। शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से काम करना ही स्थायी बदलाव लाने का सबसे मज़बूत तरीका है।" देश में राजनीतिक माहौल तेज़ी से गरमा रहा है और विरोध प्रदर्शन अब बड़े शहरों (मेट्रो) से टियर-1 शहरों तक फैल रहे हैं। राजधानी में स्थिति तनावपूर्ण और अस्थिर है और इसका असर मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में भी महसूस किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन तब और तेज़ हो गए जब 18 जुलाई की सुबह दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध स्थल से ज़बरदस्ती हटा दिया; उन्होंने तब तक 21 दिनों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पूरी कर ली थी। 
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

vasudha

Related News

static