कॉमेडियन Pranit More के खिलाफ FIR दर्ज, '370 बिरयानी' विवाद में होगी बड़ी कार्रवाई
punjabkesari.in Friday, Jun 12, 2026 - 12:11 PM (IST)
नारी डेस्क : स्टैंड-अप कॉमेडियन Pranit More के खिलाफ महाराष्ट्र साइबर सेल ने कथित अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के प्रसारण को लेकर FIR दर्ज की है। आरोप है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो और क्लिप्स में महिलाओं, सहमति (कंसेंट) और मृत व्यक्तियों को लेकर विवादित टिप्पणियां की गईं, जिन्हें ऑनलाइन व्यूअरशिप बढ़ाने और आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से प्रमोट किया गया। महाराष्ट्र साइबर, जो राज्य में साइबर अपराधों की नोडल एजेंसी है, ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की नियमित निगरानी के दौरान कुछ ऐसे वीडियो सामने आए, जिनमें कथित तौर पर अश्लील, आपत्तिजनक और सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत टिप्पणियां की गई थीं। इन वीडियो के आधार पर नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
प्रणित मोरे के शो से जुड़े वीडियो बने जांच का आधार
महाराष्ट्र साइबर के अनुसार, जांच के दायरे में आए वीडियो और क्लिप्स कथित तौर पर प्रणित मोरे के एक कार्यक्रम के दौरान रिकॉर्ड किए गए थे। बाद में इन्हें यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर और प्रसारित किया गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 75(1)(iv), 75(3), 294, 353(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत FIR दर्ज की गई है। FIR में प्रणित मोरे, Himanshu Jangra, Dr. Sejal Pawar समेत अन्य संबंधित लोगों को आरोपी बनाया गया है।
महिलाओं और कंसेंट पर टिप्पणी को लेकर विवाद
जांच के दौरान महाराष्ट्र साइबर को एक वीडियो क्लिप मिली, जिसमें कथित तौर पर हिमांशु जांगरा ने डेट पर खर्च किए गए पैसे के बदले शारीरिक संबंध का अधिकार होने जैसी टिप्पणी की थी। एजेंसी का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है और सहमति जैसे संवेदनशील विषय को हल्के में पेश करती है।
यें भी पढ़ें : ब्रेस्ट कैंसर के छिपे संकेत: सिर्फ गांठ नहीं, इन शुरुआती लक्षणों को भी न करें नजरअंदाज
मृत व्यक्तियों को लेकर भी उठे सवाल
जांच में एक अन्य वीडियो भी सामने आया, जिसमें कथित तौर पर डॉ. सेजल पवार द्वारा मेडिकल शिक्षा में उपयोग किए जाने वाले शवों और मृत पुरुषों के शरीरों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। महाराष्ट्र साइबर का मानना है कि ऐसी टिप्पणियां मृत व्यक्तियों की गरिमा और सार्वजनिक शालीनता के मानकों के खिलाफ हैं।
व्यूअरशिप और मोनेटाइजेशन के लिए कंटेंट प्रमोट करने का आरोप
महाराष्ट्र साइबर का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान रिकॉर्ड की गई इस सामग्री को जानबूझकर विभिन्न सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, ऐसा अधिक व्यूअरशिप हासिल करने, दर्शकों की भागीदारी बढ़ाने और ऑनलाइन मोनेटाइजेशन के जरिए आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से किया गया हो सकता है।
यें भी पढ़ें : रिपोर्ट में हुआ खुलासा: इन दो ब्लड ग्रुप वालों को सबसे ज्यादा Heart Attack का खतरा!
तीनों आरोपियों को भेजा गया समन
मामले की जांच के सिलसिले में महाराष्ट्र साइबर ने प्रणित मोरे, हिमांशु जांगरा और डॉ. सेजल पवार को समन जारी किया है। तीनों को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। महाराष्ट्र साइबर का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया यूजर्स से अपील
महाराष्ट्र साइबर ने कंटेंट क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे ऑनलाइन सामग्री तैयार करते और साझा करते समय कानून और सामाजिक जिम्मेदारियों का पालन करें। साथ ही लोगों को चेतावनी दी गई है कि वे ऐसी कथित अश्लील या आपत्तिजनक सामग्री को शेयर, फॉरवर्ड या प्रसारित करने से बचें, क्योंकि ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

