गुलाबी होंठ अब होने लगे काले? जानें Lip Pigmentation के कारण और होंठों को काला पड़ने से कैसे बचाएं

punjabkesari.in Saturday, Oct 03, 2026 - 05:27 PM (IST)

 नारी डेस्क:  चेहरे पर पिगमेंटेशन नजर आए तो हम तुरंत उसका ध्यान रखने लगते हैं, लेकिन होंठों के बदलते रंग को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। शुरुआत में होंठों का रंग थोड़ा गहरा होना मामूली लग सकता है, लेकिन अगर पहले होंठों का रंग सामान्य था और अब धीरे-धीरे काला या भूरा होने लगा है, तो इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं। धूप, धूम्रपान, एलर्जी, बार-बार होंठ चाटना, सूखापन और कुछ हार्मोनल बदलाव इसके संभावित कारणों में शामिल हैं। होंठों का रंग हर व्यक्ति में अलग हो सकता है और यह त्वचा में मौजूद मेलेनिन तथा आनुवंशिक कारणों पर भी निर्भर करता है। इसलिए हर व्यक्ति के होंठों का गुलाबी होना जरूरी नहीं है। चिंता की बात तब हो सकती है जब होंठों का रंग अचानक बदलने लगे या उन पर नए गहरे पैच दिखाई देने लगें।

हर गहरे रंग के होंठ का मतलब पिगमेंटेशन नहीं

होंठों को रंग मेलेनिन से मिलता है। किसी व्यक्ति के होंठ हल्के गुलाबी हो सकते हैं, तो किसी के भूरे या बैंगनी-भूरे रंग के। यह कई बार पूरी तरह सामान्य होता है और व्यक्ति की त्वचा के रंग तथा आनुवंशिकता पर निर्भर करता है। लेकिन अगर आपके होंठ पहले हल्के रंग के थे और कुछ समय से उनका रंग लगातार गहरा हो रहा है, तो इसके कारण को समझना जरूरी है। कई बार होंठों पर गहरे भूरे या काले पैच भी दिखाई देने लगते हैं। इसे लिप पिगमेंटेशन कहा जा सकता है।

आखिर क्यों काले पड़ने लगते हैं होंठ

धूप में ज्यादा रहना

होंठ भी शरीर की त्वचा की तरह सूरज की यूवी किरणों के संपर्क में आते हैं। लंबे समय तक धूप में रहने और होंठों को सूर्य की किरणों से सुरक्षा न देने पर उनमें पिगमेंटेशन बढ़ सकता है।

धूम्रपान और तंबाकू

सिगरेट और तंबाकू का इस्तेमाल होंठों के रंग में बदलाव से जुड़ा हो सकता है। लंबे समय तक धूम्रपान करने वालों में होंठों का रंग गहरा दिखाई दे सकता है।

लिपस्टिक या लिप बाम से एलर्जी

किसी लिपस्टिक, लिप बाम, टूथपेस्ट या उसमें मौजूद फ्लेवरिंग एजेंट से एलर्जी होने पर होंठों में जलन, खुजली या सूजन हो सकती है। बार-बार होने वाली जलन के बाद होंठों का रंग भी गहरा पड़ सकता है।

होंठों का सूखना और बार-बार चाटना

रूखे होंठों को बार-बार चाटने से समस्या और बढ़ सकती है। होंठों की नमी कम होने पर उनमें दरारें पड़ सकती हैं और कई लोग सूखी त्वचा को नोचने या काटने लगते हैं। लगातार ऐसा करने से होंठों में जलन और रंग में बदलाव हो सकता है।

हार्मोन में बदलाव

कुछ लोगों में हार्मोनल बदलाव के दौरान त्वचा और होंठों में पिगमेंटेशन बढ़ सकता है। गर्भावस्था या किशोरावस्था में ऐसे बदलाव देखे जा सकते हैं। हालांकि हर मामले में होंठों के काले होने का कारण हार्मोन ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है।

मौसम का असर

गर्मियों में ज्यादा धूप और सर्दियों में होंठों का ज्यादा सूखना भी समस्या को बढ़ा सकता है। इसलिए मौसम बदलने के साथ होंठों की देखभाल करना जरूरी है।

होंठों को काला पड़ने से कैसे बचाएं?

होंठों को रखें मॉइस्चराइज

होंठों को बहुत ज्यादा सूखने न दें। पेट्रोलियम जेली, सेरामाइड या शीया बटर जैसे मॉइस्चराइजिंग तत्वों वाला लिप बाम इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर किसी प्रोडक्ट से जलन होती है तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें। बहुत ज्यादा खुशबू वाले उत्पादों से संवेदनशील लोगों को परेशानी हो सकती है। साथ ही दिनभर पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, खासकर अगर आपको होंठों के सूखने की समस्या रहती है।

एसपीएफ वाला लिप बाम लगाएं

होंठों को धूप से बचाना भी उनकी देखभाल का जरूरी हिस्सा है। दिन में एसपीएफ 30 या उससे ज्यादा वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम लिप बाम इस्तेमाल किया जा सकता है। खाने-पीने के बाद इसे दोबारा लगाना जरूरी हो सकता है।

होंठों को चाटना और नोचना छोड़ें

बार-बार होंठ चाटने, काटने या सूखी त्वचा को नोचने की आदत से बचें। इससे होंठों की ऊपरी सुरक्षा परत को नुकसान पहुंच सकता है और जलन बढ़ सकती है। होंठों को नम रखने के लिए नियमित रूप से मॉइस्चराइजर या लिप बाम लगाएं।

जिस प्रोडक्ट से परेशानी हो, उसे बंद करें

अगर किसी नई लिपस्टिक, लिप बाम या टूथपेस्ट का इस्तेमाल शुरू करने के बाद होंठों पर जलन, खुजली या रंग में बदलाव दिखाई देने लगा है, तो उस प्रोडक्ट को कुछ समय के लिए बंद करके डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

होंठों का रंग हल्का करने के चक्कर में न करें ये गलतियां

लिप पिगमेंटेशन देखकर कई लोग तुरंत घरेलू नुस्खे आजमाने लगते हैं। लेकिन हर प्राकृतिक चीज होंठों के लिए सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं है। होंठों पर नींबू का रस, बेकिंग सोडा, तेज एसेंशियल ऑयल या टूथपेस्ट लगाने से बचें। ये चीजें संवेदनशील त्वचा पर जलन पैदा कर सकती हैं और समस्या को और बढ़ा सकती हैं। इसी तरह चीनी, नमक और टूथपेस्ट से होंठों को रगड़कर रंग हल्का करने की कोशिश भी न करें। इससे होंठों पर छोटे-छोटे घाव और जलन हो सकती है। बिना डॉक्टर की सलाह के होंठों पर फेशियल ब्लीच, रेटिनॉल, हार्श एक्सफोलिएटर या हाइड्रोक्विनोन जैसे एक्टिव प्रोडक्ट इस्तेमाल करना भी ठीक नहीं है। होंठों की त्वचा काफी संवेदनशील होती है, इसलिए किसी भी पिगमेंटेशन ट्रीटमेंट से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

हर लिप पिगमेंटेशन गंभीर समस्या नहीं होती, लेकिन कुछ बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर से सलाह लें अगर:

होंठ पर नया गहरा पैच दिखाई दे और उसका आकार लगातार बढ़ रहा हो। पिगमेंटेशन अचानक शुरू हुआ हो और तेजी से बढ़ रहा हो। लगातार खुजली, जलन, सूजन, पपड़ी या दरारें बनी हुई हों। होंठ पर घाव, अल्सर या गांठ दिखाई दे। किसी जगह से बार-बार खून निकल रहा हो और घाव ठीक न हो रहा हो। होंठ का कोई हिस्सा लंबे समय से खुरदुरा या पपड़ीदार बना हुआ हो और उसका रंग भी बदल गया हो। होंठों के बदलाव के साथ शरीर में कोई और असामान्य बदलाव भी नजर आ रहा हो।

इलाज कैसे होता है

लिप पिगमेंटेशन का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। डॉक्टर आपकी समस्या, त्वचा और रोजमर्रा की आदतों को देखकर उपचार तय कर सकते हैं। कुछ मामलों में केवल सही लिप केयर और कारण पैदा करने वाले प्रोडक्ट को बंद करने से सुधार हो सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर दवाएं या दूसरी प्रक्रियाएं, जैसे लेजर उपचार, सुझा सकते हैं।

इसलिए होंठों का रंग बदलते ही खुद से कोई तेज केमिकल या घरेलू नुस्खा लगाने के बजाय पहले वजह समझना ज्यादा जरूरी है। सही देखभाल, धूप से बचाव और होंठों को मॉइस्चराइज रखना पिगमेंटेशन को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकता है।   

 


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Content Editor

Priya Yadav

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