ज्यादा मीठा खाने से Liver पर क्या पड़ता है असर? डॉक्टर से जानें
punjabkesari.in Tuesday, Oct 06, 2026 - 01:35 PM (IST)
नारी डेस्क: त्योहारों के मौसम में मिठाइयों से दूरी बनाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। घर में मिठाई आती है, रिश्तेदारों के यहां से डिब्बे आते हैं और फिर कई दिनों तक मीठा खाने का सिलसिला चलता रहता है। कभी-कभार थोड़ी मात्रा में मिठाई खाना आमतौर पर बड़ी समस्या नहीं होती, लेकिन अगर रोजाना या लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा चीनी और मीठी चीजें खाई जाएं तो इसका असर शरीर के साथ-साथ लिवर पर भी पड़ सकता है। ज्यादा चीनी और कैलोरी का सेवन वजन बढ़ने, इंसुलिन प्रतिरोध और लिवर में फैट जमा होने जैसी समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ज्यादा मीठा खाने के बाद लिवर में क्या होता है और क्या चीनी सीधे लिवर में सूजन पैदा करती है?
लिवर तक कैसे पहुंचती है ज्यादा चीनी
शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. भुमेश त्यागी के मुताबिक, चीनी को शरीर में प्रोसेस करने में लिवर की अहम भूमिका होती है। खासकर फ्रक्टोज का मेटाबॉलिज्म मुख्य रूप से लिवर में होता है। जब हम मिठाई, मीठे पेय या दूसरी मीठी चीजें खाते हैं तो उनमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट टूटकर शुगर में बदलते हैं। ग्लूकोज का इस्तेमाल शरीर ऊर्जा के लिए करता है और जरूरत से ज्यादा होने पर इसे आगे इस्तेमाल के लिए स्टोर भी किया जा सकता है। वहीं फ्रक्टोज का एक बड़ा हिस्सा लिवर में प्रोसेस होता है। अगर शरीर को लगातार जरूरत से ज्यादा कैलोरी और फ्रक्टोज मिलता रहे तो लिवर अतिरिक्त ऊर्जा के कुछ हिस्से को फैट में बदल सकता है। समय के साथ यह फैट लिवर में जमा होने लग सकता है।

क्या रोज ज्यादा मीठा खाने से फैटी लिवर हो सकता है
सिर्फ एक-दो दिन ज्यादा मिठाई खा लेने से आमतौर पर फैटी लिवर नहीं हो जाता। समस्या तब बढ़ती है जब लंबे समय तक ज्यादा कैलोरी, चीनी और मीठे पेय का सेवन आपकी रोजमर्रा की आदत बन जाए। ऐसी स्थिति में शरीर का वजन बढ़ सकता है और इंसुलिन के प्रति शरीर की संवेदनशीलता कम हो सकती है। इसे इंसुलिन प्रतिरोध कहा जाता है। इसके साथ लिवर में फैट जमा होने का खतरा भी बढ़ सकता है। इसी तरह की स्थिति को आजकल मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) कहा जाता है। इसे पहले नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज यानी NAFLD कहा जाता था।
ज्यादा चीनी से लिवर में फैट कैसे जमा होता है
जब शरीर को जरूरत से ज्यादा ऊर्जा मिलती रहती है तो लिवर उस अतिरिक्त ऊर्जा को संभालने के लिए कुछ हिस्से को फैट में बदल सकता है। फ्रक्टोज इस प्रक्रिया में खास भूमिका निभा सकता है। लिवर में फैटी एसिड बनने की प्रक्रिया को डी नोवो लिपोजेनेसिस कहा जाता है। लंबे समय तक ज्यादा चीनी और कैलोरी लेने पर यह प्रक्रिया बढ़ सकती है और बनने वाला कुछ फैट लिवर की कोशिकाओं में जमा हो सकता है। यही वजह है कि सिर्फ मिठाई ही नहीं, बल्कि मीठे सॉफ्ट ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, मीठी चाय-कॉफी और दूसरी ज्यादा चीनी वाली चीजों का लगातार सेवन भी ध्यान देने वाली बात है।
क्या चीनी खाने से लिवर में सूजन आती है
यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। लिवर में फैट जमा होना और लिवर में सूजन होना एक ही चीज नहीं है। कुछ लोगों में लिवर में फैट जमा हो सकता है, लेकिन उस समय लिवर में सूजन या कोशिकाओं को नुकसान जरूरी नहीं होता। हालांकि कुछ मामलों में समस्या आगे बढ़ सकती है। जब लिवर में फैट के साथ सूजन और लिवर की कोशिकाओं को नुकसान होने लगे तो इसे मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोहेपेटाइटिस (MASH) कहा जाता है। यह MASLD का अधिक गंभीर रूप हो सकता है। अगर ऐसी स्थिति लंबे समय तक बनी रहे और इलाज व जीवनशैली में सुधार न किया जाए तो लिवर में फाइब्रोसिस यानी घाव जैसा ऊतक बनने, सिरोसिस और कुछ मामलों में लिवर कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
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किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है
हर व्यक्ति में ज्यादा मीठे का असर एक जैसा नहीं होता। लेकिन जिन लोगों का वजन ज्यादा है, जिन्हें इंसुलिन प्रतिरोध या टाइप-2 डायबिटीज है, या जिनकी डाइट में लगातार ज्यादा कैलोरी और चीनी शामिल रहती है, उनमें फैटी लिवर का जोखिम ज्यादा हो सकता है। इसलिए त्योहारों के दौरान मिठाई पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है, लेकिन मात्रा पर ध्यान देना काफी अहम है।

त्योहारों में मीठा खाते समय रखें इन बातों का ध्यान
त्योहार पर मिठाई का आनंद लिया जा सकता है, बस थोड़ी समझदारी जरूरी है। एक साथ बहुत ज्यादा मिठाई खाने के बजाय कम मात्रा लें। मीठे ड्रिंक और सॉफ्ट ड्रिंक की जगह पानी या बिना चीनी वाले पेय को प्राथमिकता दें। मिठाई के साथ तला-भुना खाना भी ज्यादा न लें। रोजाना थोड़ी शारीरिक गतिविधि या वॉक को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। अगर वजन बढ़ रहा है या डायबिटीज है तो चीनी और मीठी चीजों की मात्रा पर खास ध्यान दें।
लंबे समय से फैटी लिवर या लिवर से जुड़ी समस्या है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार डाइट रखें।
एक बात याद रखें
त्योहार पर एक दिन मिठाई खाने से लिवर अचानक खराब नहीं हो जाता। असली चिंता तब होती है जब ज्यादा चीनी और ज्यादा कैलोरी वाला खाना लंबे समय तक आपकी आदत बन जाए। संतुलित डाइट, नियमित शारीरिक गतिविधि और वजन को नियंत्रण में रखना लिवर की सेहत के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है।

