खिलौने से लिपटकर सो गया मां को खोने वाला अनाथ बंदर, तस्वीरें देख नम हो जाएंगी आंखें
punjabkesari.in Saturday, Feb 21, 2026 - 01:34 PM (IST)
नारी डेस्क : मां की गोद वो सुकून है, जिसे पाने की तड़प इंसान ही नहीं बल्कि बेजुबान जानवर भी उम्रभर रखते हैं। जापान के एक चिड़ियाघर से सामने आई यह कहानी पूरी दुनिया की आंखें नम कर रही है। यह कहानी है पंच नाम के एक नन्हे बंदर की, जिसने मां का प्यार खिलौने में ढूंढा।

जन्म के साथ ही शुरू हुआ अकेलेपन का सफर
26 जुलाई 2025 को Ichikawa City Zoo में पंच का जन्म हुआ। लेकिन जन्म के तुरंत बाद ही उसकी मां ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया। मां की ममता से वंचित पंच को जू के कर्मचारियों ने संभाला, दूध पिलाया और उसकी देखभाल की, लेकिन मां की गर्माहट कोई नहीं दे सका।

खिलौने में तलाशता रहा मां की ममता
जैसे-जैसे पंच थोड़ा बड़ा हुआ, वह बार-बार अपनी मां और झुंड के पास जाने की कोशिश करता रहा, लेकिन हर बार उसे ठुकरा दिया गया। डर और अकेलेपन से सहमा पंच अपने कमरे में लौट आता और एक सॉफ्ट टॉय को सीने से लगाकर सो जाता। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि कैसे पंच उस बेजान खिलौने से लिपटकर ऐसे सोता था, मानो वही उसकी मां हो। खिलौने की रुई में वह मां की धड़कन और सुकून तलाशता नजर आया। यह दृश्य देखकर लाखों लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।

दुखद कहानी का सुखद अंत
हालांकि यह कहानी सिर्फ दर्द पर खत्म नहीं हुई। जू के कर्मचारियों ने हिम्मत नहीं हारी और पंच को धीरे-धीरे दूसरे बंदरों के साथ घुलने-मिलने का मौका दिया।
ताजा जानकारी के मुताबिक, अब झुंड के दूसरे बंदरों ने पंच को अपनाना शुरू कर दिया है। वह अब खिलौने के सहारे नहीं, बल्कि अपने साथियों के साथ खेलता नजर आता है। जो नन्हा बंदर कभी मां की ममता को तरसता था, आज उसे अपना परिवार मिल गया है।

सोशल मीडिया पर भावुक हुए लोग
पंच की कहानी को लोग सिर्फ एक बंदर की कहानी नहीं, बल्कि ममता की ताकत और रिश्तों की अहमियत का प्रतीक बता रहे हैं। यह कहानी याद दिलाती है कि मां का प्यार हर जीव के लिए सबसे बड़ी जरूरत होता है। चाहे वो इंसान हो या कोई बेजुबान।


