नेपाल में बाढ़ का असर बढ़ा तो बिहार में थमेगी ट्रेनों की रफ्तार, रेलवे ने जारी किया हाई अलर्ट
punjabkesari.in Thursday, Aug 27, 2026 - 12:17 PM (IST)
नारी डेस्क : नेपाल में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए बिहार में भी प्रशासन और रेलवे को अलर्ट कर दिया गया है। नेपाल से आने वाले पानी के कारण सीमावर्ती इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर रेल मंडल ने हाई अलर्ट जारी किया है। रेलवे प्रशासन ने रेलवे ट्रैक, पुल-पुलिया और आसपास के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। किसी भी रेलखंड पर पानी बढ़ने या ट्रैक की सुरक्षा प्रभावित होने की सूचना मिलते ही संबंधित ट्रेनों का परिचालन तत्काल रोका या नियंत्रित किया जा सकता है।
पूर्वी और पश्चिमी चंपारण प्रशासन से रेलवे का समन्वय
नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए समस्तीपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ज्योति प्रकाश मिश्रा ने पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के जिला प्रशासन से संपर्क कर आपसी समन्वय बनाए रखने की अपील की है। रेलवे और जिला प्रशासन के बीच लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान करने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी या बाढ़ की स्थिति पैदा होने पर समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।

इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों को अलर्ट रहने का निर्देश
डीआरएम (DRM) ने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। ट्रैकमैन के साथ-साथ पुलों की निगरानी करने वाले कर्मचारियों को भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। सभी संबंधित कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में रेलवे ट्रैक, पुल-पुलिया और जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तरह की असामान्य स्थिति की जानकारी तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया है।
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बाढ़ नियंत्रण विभाग के संपर्क में रहेगा रेलवे
रेल प्रशासन के अधिकारी राज्य के बाढ़ नियंत्रण निदेशक के लगातार संपर्क में रहेंगे। इसका उद्देश्य नेपाल से आने वाले पानी और सीमावर्ती क्षेत्रों में जलस्तर की स्थिति की जानकारी समय पर हासिल करना है। रेलवे प्रशासन संभावित बाढ़ के दौरान ट्रैक और पुलों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

पानी बढ़ा या ट्रैक असुरक्षित हुआ तो रोकी जाएंगी ट्रेनें
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी रेलखंड पर पानी का स्तर बढ़ता है या ट्रैक की सुरक्षा प्रभावित होने की सूचना मिलती है, तो संबंधित ट्रेनों का परिचालन तत्काल नियंत्रित किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर ट्रेनों को रोकने का फैसला भी लिया जा सकता है। रेलवे का कहना है कि इस पूरी निगरानी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बाढ़ के कारण रेलवे ट्रैक और पुलों को होने वाले संभावित नुकसान को रोकने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन, जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें पहले से सतर्क हैं। अब रेलवे ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में ट्रेनों के परिचालन को समय रहते सुरक्षित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।

