म्यांमार भूकंप के बाद मांडले बना कब्रिस्तान, मलबे से उठ रही लाशों की गंध, महामारी का बढ़ा खतरा
punjabkesari.in Monday, Mar 31, 2025 - 04:47 PM (IST)

नारी डेस्क: म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले में 7.7 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। भूकंप के तीन दिन बाद, मलबे में दबे शवों से तेज दुर्गंध आ रही है और पूरे शहर में स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। मलबे में दबे लोगों के शवों को तलाशने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन लगातार बढ़ती गर्मी और सड़ती लाशों के कारण लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस भयानक हादसे के बाद, मांडले की सड़कें कब्रिस्तान में तब्दील हो चुकी हैं, और पूरे शहर में चीख-पुकार मची हुई है।
भूकंप ने 1,600 से ज्यादा जिंदगियों को लील लिया
शुक्रवार को आए भूकंप के कारण मांडले और आसपास के इलाकों में इमारतें धराशायी हो गईं और राजमार्गों को नुकसान पहुंचा। भूकंप के कारण म्यांमार में 1,600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,400 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। कई लोग अभी भी लापता हैं। राहत कार्य में जुटे लोग मलबे के नीचे दबे लोगों की खोज करने में जुटे हुए हैं, लेकिन समय बीतने के साथ जिंदा लोगों के मिलने की संभावना कम होती जा रही है।
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सड़कों पर पड़े शव और दर्दनाक हालात
मांडले में सड़कों पर शवों के पड़े होने से स्थिति और भी भयावह हो गई है। इसके साथ ही लगातार आने वाले झटकों के कारण अस्थिर इमारतों के गिरने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोग मलबा हटाने के लिए खुदाई करने में जुटे हुए हैं, लेकिन भारी उपकरणों की कमी के कारण यह काम बहुत धीमी गति से हो रहा है। कई लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं और उनकी तलाश जारी है।
भारत और अन्य देशों की टीमें राहत कार्य में शामिल
भारत और अन्य देशों से राहत और बचाव टीमों ने म्यांमार में पहुंचकर घायलों का इलाज शुरू कर दिया है। लेकिन अभी भी कई इलाकों में बचाव कार्य नहीं हो पाया है। म्यांमार में कोरोना जैसी महामारी फैलने का भी खतरा बढ़ गया है, क्योंकि सड़ती लाशों और मलबे से संक्रमण का खतरा हो सकता है।
म्यांमार में आई भूकंप की इस आपदा के बीच, स्थानीय लोग अब भी अपनों को तलाश रहे हैं और शहर में जारी राहत कार्य के बीच कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।