सुबह की इन आदतों से रखें ‘गुर्दों’ का ख्याल, दिन की शुरुआत में ही करें ये छोटे बदलाव

punjabkesari.in Sunday, Oct 04, 2026 - 11:05 AM (IST)

नारी डेस्क:  सुबह की शुरुआत जिस तरह होती है, उसका असर आपकी पूरी दिनचर्या पर पड़ सकता है। रातभर सोने के दौरान शरीर को पानी नहीं मिलता, ऐसे में सुबह उठने पर हल्की डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी महसूस हो सकती है। यही वजह है कि सुबह उठते ही कुछ छोटी-छोटी आदतों पर ध्यान देना जरूरी है। ये आदतें न सिर्फ शरीर को दिनभर सक्रिय रखने में मदद कर सकती हैं, बल्कि किडनी यानी गुर्दों की सेहत का भी ख्याल रखने में सहायक हो सकती हैं। किडनी हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी अंग है। यह खून को फिल्टर करने, शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालने और शरीर में पानी व कई जरूरी खनिजों का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। इसलिए रोजमर्रा की कुछ आदतों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।

सुबह उठते ही पिएं पानी

सुबह आंख खुलने के बाद एक गिलास पानी पीना दिन की अच्छी शुरुआत हो सकती है। रातभर पानी न पीने के कारण शरीर में तरल पदार्थ की थोड़ी कमी हो सकती है। ऐसे में सुबह चाय या कॉफी लेने से पहले पानी पीने की आदत डाली जा सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति के शरीर की पानी की जरूरत एक जैसी नहीं होती। मौसम, उम्र, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य जैसी कई चीजों के आधार पर पानी की जरूरत बदल सकती है। इसलिए जबरदस्ती जरूरत से ज्यादा पानी पीने की बजाय शरीर की जरूरत के अनुसार तरल पदार्थ लेना बेहतर है।

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पेशाब को ज्यादा देर तक रोकने की आदत छोड़ें

रातभर सोने के दौरान ब्लैडर में पेशाब जमा हो जाता है। इसलिए सुबह उठने के बाद पेशाब कर लेना बेहतर माना जाता है। सिर्फ सुबह ही नहीं, बल्कि दिनभर भी पेशाब की इच्छा होने पर उसे लंबे समय तक रोकने की आदत से बचना चाहिए। बार-बार या लंबे समय तक पेशाब रोकना अच्छी आदत नहीं है। अगर पेशाब से जुड़ी कोई परेशानी लगातार बनी हुई है, जैसे बार-बार पेशाब आना, पेशाब करते समय दर्द या जलन होना, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

खाली पेट दर्द की दवा लेने से बचें

सिरदर्द, बदन दर्द या किसी दूसरी तकलीफ में कई लोग खुद से दर्द की दवा ले लेते हैं। कभी-कभार दवा लेने से ज्यादा चिंता की बात नहीं होती, लेकिन दर्दनिवारक दवाओं का बार-बार या गलत तरीके से इस्तेमाल किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खासकर अगर किसी व्यक्ति को पहले से किडनी की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या दूसरी स्वास्थ्य समस्या है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेना ठीक नहीं है। किसी भी दवा को डॉक्टर द्वारा बताए गए तरीके और मात्रा के अनुसार ही लेना चाहिए।

एक्सरसाइज के बाद शरीर को हाइड्रेट रखें

सुबह टहलना, योग या एक्सरसाइज करना सेहत के लिए अच्छी आदत है। लेकिन वर्कआउट के दौरान पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए एक्सरसाइज के बाद अपनी जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। अगर आप लंबे समय तक या ज्यादा मेहनत वाली एक्सरसाइज करते हैं और काफी पसीना निकलता है, तो शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पर भी ध्यान देना चाहिए। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए जरूरत अलग हो सकती है।

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नाश्ता करने की आदत डालें

व्यस्त जीवनशैली और वजन कम करने की कोशिश में कई लोग सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं। हालांकि, सिर्फ किडनी को स्वस्थ रखने के लिए नाश्ता जरूरी है, ऐसा कहना सही नहीं होगा। लेकिन दिन की शुरुआत संतुलित और पौष्टिक भोजन से करना पूरे शरीर की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। नाश्ता छोड़ने के बाद कुछ लोगों को दिन में बहुत ज्यादा भूख लग सकती है और वे बाद में ज्यादा तला-भुना या अस्वास्थ्यकर खाना खा लेते हैं। इसलिए अपनी जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार पौष्टिक नाश्ता करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

किडनी को स्वस्थ रखने के लिए दिनभर इन बातों का रखें ध्यान

किडनी की सेहत केवल सुबह की कुछ आदतों पर निर्भर नहीं करती। इसके लिए पूरे दिन की जीवनशैली भी महत्वपूर्ण है। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना, संतुलित आहार खाना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और जरूरत से ज्यादा नमक खाने से बचना जैसी आदतें शरीर के लिए अच्छी रहती हैं। इसके अलावा डॉक्टर की सलाह के बिना दवाओं का लगातार इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर आपको पहले से किडनी से जुड़ी कोई बीमारी है या डॉक्टर ने पानी पीने की मात्रा को लेकर कोई विशेष सलाह दी है, तो सामान्य नियमों के बजाय डॉक्टर की बताई दिनचर्या का ही पालन करें।

शरीर के इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

किडनी से जुड़ी परेशानी हमेशा शुरुआत में साफ-साफ दिखाई दे, ऐसा जरूरी नहीं है। लेकिन अगर लंबे समय तक असामान्य थकान महसूस हो, पेशाब के रंग या मात्रा में बदलाव नजर आए, पेशाब करते समय दर्द या जलन हो, बार-बार पेशाब आए या पैरों, टखनों अथवा चेहरे पर सूजन दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इनमें से कोई एक लक्षण दिखाई देने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को किडनी की बीमारी ही है। कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी ऐसे लक्षण हो सकते हैं। लेकिन अगर ये लक्षण बार-बार या लंबे समय तक बने रहें, तो जांच करवाने में देरी नहीं करनी चाहिए।

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ध्यान रखें: अगर आपको किडनी की बीमारी है, पानी सीमित मात्रा में पीने की सलाह मिली है, आप नियमित दवाएं लेते हैं या कोई दूसरी गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो अपनी डाइट और पानी की मात्रा में बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
 

 


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Content Editor

Priya Yadav

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