रात को पड़ी मां की डांट सुबह बेटी ने भारत को दिलाया मेडल, 21 साल की निशानेबाज ईशा सिंह का कमाल
punjabkesari.in Monday, Sep 28, 2026 - 06:29 PM (IST)
नारी डेस्क: भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने सोमवार को यहां एशियाई खेलों की महिला 25 मीटर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में एक गलत निशाने से स्वर्ण पदक गंवाया लेकिन दर्द, थकान और दबाव के बीच लगातार पांच शूट-ऑफ के रोमांचक दौर के बाद रजत पदक पक्का करने में सफल रही। हैदराबाद की 21 वर्षीय ईशा इस वर्ग की मौजूदा विश्व नंबर एक हैं। उन्होंने रजत की दौड़ में बने रहने के लिए वियतनाम की टी थू विन्ह के खिलाफ तीन शूट-ऑफ जीते।

फाइनल से पहले ईशा सिंह काफी दबाव में थी लेकिन मां से समय पर मिली डांट उनके लिये वरदान साबित हुई और उन्होंने रजत पदक जीता । 21 वर्ष की ईशा ने रोमांचक फाइनल में जबर्दस्त मानसिक दृढता और शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन किया । पिछली बार हांगझोउ में चार पदक जीत चुकी ईशा ने कहा ,'' मैं झूठ नहीं बोलूंगी काफी दबाव में थी और सो नहीं पा रही थी फिर मां से हुई बात ने सब कुछ बदल दिया । उन्होंने कल रात फोन किया और डांटने लगी कि इतना तनाव क्यों ले रही हो ।''

निशानेबाज ने बताया - '' मां ने मुझसे कहा कि खेल का आनंद लो , सभी को यह मौका नहीं मिलता । मुझे लगता है कि वह डांट जरूरी थी । मैं हमदर्दी तलाश रही थी और मुझे भाषण मिल गया । उन्होंने मुझे चुपचाप सोने के लिये कहा ।'' ईशा ने अगली सुबह एलिमिनेशन के करीब पहुंचकर वापसी करते हुए लगातार शूटआफ खेलकर दूसरा स्थान हासिल किया। ईशा ने 2023 हांगझोउ खेलों में 25 मीटर स्पोटर्स पिस्टल व्यक्तिगत रजत, टीम वर्ग में स्वर्ण , 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता था । उत्तर कोरिया की किम ह्योन सुक ने ईशा के खिलाफ शूट-ऑफ में हारने के बाद 34 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।

