Good News: निसंतान महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण बनी किडनी के ये दवा
punjabkesari.in Thursday, Feb 12, 2026 - 07:42 PM (IST)
नारी डेस्क: हाल ही में सामने आई एक रिसर्च के अनुसार, किडनी से जुड़ी बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एक दवा को अब इंफर्टिलिटी (बांझपन) के उपचार में संभावित रूप से प्रभावी पाया गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज उन दंपतियों के लिए नई उम्मीद बन सकती है, जो लंबे समय से संतान प्राप्ति में कठिनाई का सामना कर रहे हैं।
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आखिर कैसे काम करती है यह दवा?
शोध में पाया गया कि यह दवा शरीर में उन जैविक प्रक्रियाओं (biological pathways) को प्रभावित करती है, जो हार्मोन संतुलन और अंडाशय या शुक्राणु की कार्यप्रणाली से जुड़ी होती हैं। कुछ मामलों में यह दवा अंडाशय की कार्यक्षमता सुधारने में मदद कर सकती है, ओव्यूलेशन (अंडोत्सर्जन) को नियमित कर सकती है। शरीर में सूजन या मेटाबॉलिक असंतुलन को कम कर सकती है। इन्हीं कारणों से इसे इंफर्टिलिटी ट्रीटमेंट में संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
किन लोगों को हो सकता है फायदा?
हार्मोनल असंतुलन से जूझ रही महिलाएं, पीसीओएस जैसी समस्याओं वाली मरीज, जिन पुरुषों में शुक्राणु गुणवत्ता की समस्याएं हैं उन्हें इसका फायदा हो सकता है। हालांकि, यह सभी के लिए समान रूप से प्रभावी हो ऐसा अभी स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार अभी यह शोध प्रारंभिक चरण में है, बड़े स्तर पर क्लिनिकल ट्रायल की जरूरत है। डॉक्टर की निगरानी के बिना इसका सेवन नहीं करना चाहिए, हर मरीज की स्थिति अलग होती है
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इस बात को समझने की जरूरत
यह दवा फिलहाल एक संभावित विकल्प के रूप में देखी जा रही है। पारंपरिक इलाज जैसे आईवीएफ या अन्य फर्टिलिटी ट्रीटमेंट अभी भी महत्वपूर्ण हैं। किडनी की दवा का इंफर्टिलिटी इलाज में उपयोग एक दिलचस्प और आशाजनक खोज है। लेकिन इसे चमत्कारी समाधान मानने से पहले और वैज्ञानिक प्रमाण जरूरी हैं। किसी भी प्रकार की दवा शुरू करने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।

