जन्माष्टमी पर इस विधि से बनाएं पंचामृत, कान्हा को कराएं स्नान और लगाएं भोग
punjabkesari.in Friday, Sep 04, 2026 - 06:45 PM (IST)
नारी डेस्क : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण का पंचामृत से अभिषेक करना और पंचामृत का भोग लगाना पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पंचामृत केवल पांच चीजों को मिलाकर बनाया गया कोई सामान्य मिश्रण नहीं है, बल्कि इसे एक निश्चित विधि से तैयार करने की परंपरा है। जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को पंचामृत से स्नान कराने के बाद इसे प्रसाद के रूप में भी ग्रहण किया जाता है।
पंचामृत बनाने की विधि
पंचामृत बनाने के लिए सबसे पहले पूजा की सामग्री को स्वच्छ स्थान पर तैयार करें। इसके लिए 1 चम्मच घी, 2 चम्मच शहद, 4 चम्मच मिश्री, 8 चम्मच दही और 16 चम्मच गाय का दूध लें। अब एक साफ पात्र में इन सभी चीजों को डालकर अच्छी तरह मिला लें। पंचामृत तैयार करते समय भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करें और ‘ॐ क्लीं कृष्णाय नमः’ मंत्र का जाप करें। पंचामृत तैयार होने के बाद इसके ऊपर एक तुलसी का पत्ता रखकर भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित करें।

पंचामृत से कराएं लड्डू गोपाल का अभिषेक
जन्माष्टमी की मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के समय लड्डू गोपाल को पंचामृत से स्नान कराया जा सकता है। इसके बाद उन्हें स्वच्छ जल से स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाएं और सुंदर श्रृंगार करें। भगवान को मुकुट, मोरपंख, चंदन और तुलसी दल अर्पित करें। इसके बाद पंचामृत समेत माखन-मिश्री और अन्य सात्विक भोग लगाएं।
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पंचामृत का क्या है धार्मिक महत्व?
हिंदू धार्मिक परंपरा में पंचामृत को पवित्र माना जाता है। ‘पंचामृत’ शब्द पांच तत्वों—दूध, दही, घी, शहद और मिश्री से बने मिश्रण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जन्माष्टमी समेत कई धार्मिक अनुष्ठानों में भगवान के अभिषेक के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।

ध्यान रखें : पंचामृत बनाने के तरीके और मात्रा में अलग-अलग परंपराओं, परिवारों और पूजा-पद्धतियों के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए इसे अपनी कुल-परंपरा या पूजा-विधि के अनुसार भी तैयार किया जा सकता है। पूजा में इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्री स्वच्छ और ताजी रखें।

