बंद किस्मत का ताला खोलेंगे मोरपंख के ये 4 उपाय, जन्माष्टमी पर जरूर करें
punjabkesari.in Friday, Sep 04, 2026 - 05:40 PM (IST)
नारी डेस्क : जन्माष्टमी के पावन पर्व पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के साथ मोरपंख से जुड़े कुछ उपाय करने की भी धार्मिक मान्यता है। भगवान कृष्ण के मुकुट में मोरपंख का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी पर मोरपंख से जुड़े कुछ आसान उपाय करने से घर में सकारात्मकता आती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है। आइए जानते हैं ऐसे ही 4 आसान उपाय।
मुख्य द्वार पर लगाएं मोरपंख
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में मोरपंख को शुभता का प्रतीक माना जाता है। जन्माष्टमी के दिन घर के मुख्य द्वार पर मोरपंख लगाने की मान्यता है। माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है। साथ ही, राहु और कालसर्प दोष से जुड़े नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए भी मोरपंख का उपाय किया जाता है।

बच्चों की पढ़ाई के लिए करें ये उपाय
अगर आप बच्चों की एकाग्रता और पढ़ाई में प्रगति के लिए धार्मिक उपाय करना चाहते हैं, तो जन्माष्टमी के दिन पूजा के दौरान एक मोरपंख भगवान कृष्ण को अर्पित करें। पूजा के बाद इसे बच्चे की स्टडी टेबल या सिरहाने रखा जा सकता है। मान्यता है कि इससे बच्चे की एकाग्रता बढ़ती है और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है।
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तिजोरी में रखें मोरपंख
जन्माष्टमी की सुबह एक मोरपंख भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अर्पित करें। दिनभर पूजा के बाद मध्यरात्रि में जन्मोत्सव और पूजा संपन्न होने पर इस मोरपंख को अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती और आर्थिक स्थिति में सकारात्मकता आती है।

दांपत्य जीवन में मधुरता के लिए
दांपत्य जीवन में प्रेम और सुख-शांति बनाए रखने के लिए जन्माष्टमी के दिन बेडरूम की पूर्व या उत्तर दिशा में दो मोरपंख रखने की धार्मिक मान्यता है। माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक वातावरण बनता है और पति-पत्नी के रिश्ते में मधुरता बनी रहती है।

