Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, श्रीकृष्ण हो सकते हैं नाराज

punjabkesari.in Tuesday, Sep 01, 2026 - 06:30 PM (IST)

नारी डेस्क : भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी इस साल 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं और रात में श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा के बाद उन्हें माखन-मिश्री समेत कई तरह के पकवानों का भोग लगाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए और कुछ कामों से परहेज करना चाहिए। कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा और भाव से प्रसन्न होते हैं। इसलिए इस दिन मन को शांत रखते हुए भगवान का स्मरण और पूजा करना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं जन्माष्टमी पर किन 5 बातों का ध्यान रखने की मान्यता है।

जन्माष्टमी के दिन न तोड़ें तुलसी की पत्तियां

हिंदू धर्म में तुलसी को बेहद पवित्र माना गया है और भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रीकृष्ण को लगाए जाने वाले भोग में तुलसी दल जरूर रखा जाता है। हालांकि, जन्माष्टमी के दिन तुलसी की पत्तियां तोड़ने से बचने की सलाह दी जाती है। अगर भोग के लिए तुलसी दल चाहिए तो इसे एक दिन पहले तोड़कर रख सकते हैं। इस दिन तुलसी के पौधे की पूजा करना शुभ माना जाता है।

PunjabKesari

चावल खाने से करें परहेज

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी के व्रत के दौरान चावल समेत कुछ अनाज का सेवन नहीं किया जाता। कई लोग व्रत न होने पर भी इस दिन चावल खाने से परहेज करते हैं। हालांकि, व्रत और भोजन के नियम अलग-अलग परंपराओं और परिवारों में अलग हो सकते हैं। इसलिए अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार ही नियमों का पालन करें।

यें भी पढ़ें : दिमाग की नस फटने से 1 दिन पहले शरीर देता है ये संकेत, लापरवाही सबसे बड़ी गलती

तामसिक भोजन से रहें दूर

जन्माष्टमी के दिन सात्विक भोजन करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन प्याज-लहसुन, मांसाहार और शराब जैसी चीजों से दूरी बनानी चाहिए। भक्त इस दिन फल, दूध, दही, मखाना और अन्य सात्विक चीजों का सेवन करते हैं। व्रत रखने वाले लोग भी अपनी परंपरा के अनुसार फलाहार करते हैं।

PunjabKesari

गाय और बछड़े को न करें परेशान

भगवान श्रीकृष्ण का बचपन गायों और ग्वाल-बालों के साथ जुड़ा हुआ है। उन्हें गोपाल नाम से भी जाना जाता है। इसी वजह से जन्माष्टमी के दिन गाय और बछड़े की सेवा और सम्मान को विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि इस दिन किसी भी पशु को परेशान नहीं करना चाहिए। अगर संभव हो तो गाय को चारा खिलाकर या उसकी सेवा करके भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया जा सकता है।

यें भी पढ़ें : सोने की कलम से लिखी होती है इस मूलांक वालों की किस्मत, धन-वैभव खुद आता है इनके पास

किसी का अपमान करने से बचें

जन्माष्टमी का दिन भक्ति, प्रेम और सकारात्मकता से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में इस दिन किसी का अपमान, अनादर या किसी से बेवजह विवाद करने से बचना चाहिए। भक्त भगवान श्रीकृष्ण का नाम जपते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और पूजा-पाठ में समय बिताते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शांत मन और सच्ची श्रद्धा के साथ भगवान का स्मरण करना इस पर्व की सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक है।

PunjabKesari

जन्माष्टमी पर रखें मन और व्यवहार की शुद्धता

जन्माष्टमी सिर्फ व्रत और पूजा का पर्व नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का भी अवसर है। इस दिन अपने व्यवहार में प्रेम, करुणा और संयम रखने की कोशिश करें। धार्मिक नियमों का पालन करते समय अपनी पारिवारिक परंपरा और मान्यताओं का भी ध्यान रखें।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Monika

Related News

static