क्या नॉर्मल है बच्चों के पैरों में लाल दाने होना? चिंता करने से पहले समझो पूरी बात
punjabkesari.in Thursday, May 07, 2026 - 04:29 PM (IST)
नारी डेस्क: अक्सर ऐसा होता है कि किसी छोटे बच्चों के पैरों पर अचानक से स्किन रैशेज निकल आते हैं। हालांकि स्किन में कोई भी गड़बड़ी होना चिंता की बात तो है ही, लेकिन यह जानकर तसल्ली रखें कि इनमें से कई छोटे-छोटे दाने या चकत्ते अपने आप ही ठीक हो जाते हैं और शायद आपके बच्चे को ज़्यादा परेशान नहीं करेंगे। आप उन अंदरूनी स्वास्थ्य समस्याओं की जांच कर लें, जिनकी वजह से रैशेज हो सकते हैं। आज हम आपको एक्जिमा के बारे में बताते हैं जो बच्चों को अपना शिकार बना लेती है।
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एक्जिमा
लगभग 20% छोटे बच्चों में एक्जिमा (जिसे एटॉपिक डर्मेटाइटिस भी कहा जाता है) विकसित हो जाता है, जिससे त्वचा रूखी, फटी हुई और जगह-जगह खुजलीदार दाने हो जाते हैं। यह मुख्य रूप से गालों, माथे, कोहनी और घुटनों के पीछे होती है। इसके लिए नियमित मॉइस्चराइजेशन, गुनगुने पानी से स्नान, और ट्रिगर्स (जैसे साबुन, धूल) से बचाव जरूरी है। गंभीर मामलों में डॉक्टर से परामर्श लेकर स्टेरॉयड क्रीम का उपयोग करें।
शिशुओं में एक्जिमा हाेने के कारण
जैसे पालतू जानवरों की रूसी या कीड़े के काटने से, कुछ कपड़े, जैसे ऊन, लेटेक्स और सिंथेटिक कपड़े से, पर्यावरणीय कारक जैसे पराग, फफूंद और सिगरेट का धुआं । सुगंधित उत्पाद, जैसे साबुन, डिटर्जेंट और लोशन के कारण ये समस्या पैदा हो गई । हल्के रंग की त्वचा पर ये दाने अक्सर गुलाबी या लाल रंग के होते हैं और गहरे रंग की त्वचा पर गहरे भूरे, बैंगनी या धूसर रंग के हो सकते हैं। एक्जिमा के धब्बे बहुत खुजलीदार भी होते हैं। अगर खुजली नहीं हो रही है, तो शायद यह एक्जिमा नहीं है।
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इन बच्चों को ज्यादा खतरा
2 साल तक के शिशुओं में बड़े बच्चों और वयस्कों की तुलना में पैरों पर एक्जिमा होने की संभावना अधिक होती है। बड़े बच्चों में पैरों पर एक्जिमा होने की संभावना घुटनों या टखनों के पीछे अधिक होती है। एक्जिमा शरीर के लगभग किसी भी हिस्से में हो सकता है। चेहरे, खोपड़ी और बांहों की सिलवटों पर त्वचा में इसी तरह के बदलाव देखें। नहलाने का समय कम रखें और ध्यान रखें कि पानी बहुत गर्म न हो। हल्के, बिना साबुन वाले और तटस्थ pH वाले क्लींजर का प्रयोग करें। यदि त्वचा में सूजन है, तो जलन को शांत करने के लिए ओटमील बाथ का प्रयोग करें। अपने बच्चे को तौलिए से थपथपाकर सुखाएं और तुरंत बाद बिना खुशबू वाली क्रीम या मरहम (विशेषज्ञ एक्वाफोर को पसंद करते हैं) लगाएं ताकि नमी बनी रहे और त्वचा पर एक सुरक्षात्मक परत बन जाए।

