ज्यादा गर्मी से तनाव में रहते हैं बच्चे, जानिए उनकी सही देखभाल का तरीका

punjabkesari.in Tuesday, May 26, 2026 - 05:39 PM (IST)

नारी डेस्क: नोएडा के मेदांता अस्पताल में बच्चों की देखभाल विभाग की डायरेक्टर डॉ. शालिनी त्यागी ने माता-पिता को सलाह दी कि वे बढ़ती लू की स्थिति के बीच बच्चों के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतें। उन्होंने चेतावनी दी कि खराब मौसम के दौरान बच्चों को डिहाइड्रेशन, गर्मी के तनाव और इससे जुड़े संक्रमणों का खतरा ज़्यादा होता है। मौसम में होने वाला हर बदलाव बड़ों की तुलना में बच्चों पर ज़्यादा असर डालता है।

PunjabKesari
दस्त और डिहाइड्रेशन से  पीड़ित होते हैं बच्चे

बच्चों के स्वास्थ्य पर गर्मी के असर के बारे में ANI से बात करते हुए डॉ. त्यागी ने कहा, " अगर आप देखें, तो बच्चों के शरीर का सतह क्षेत्र (body surface area) उनके वजन के हिसाब से ज़्यादा होता है, जिसका मतलब है कि वे ज़्यादा गर्मी सोखते हैं। इसके अलावा, उनका 'थर्मोरेगुलेशन सिस्टम' (शरीर का तापमान नियंत्रित करने वाला तंत्र) बड़ों जितना विकसित नहीं होता।" उन्होंने आगे चेतावनी दी कि मौसमी गर्मी के कारण बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी कई जटिलताएं पैदा हो रही हैं। गर्मी की वजह से  बच्चे दस्त और डिहाइड्रेशन से पीड़ित होते हैं, और इस दौरान कुछ श्वसन संक्रमण भी बढ़ जाते हैं।" हालाक  उन्होंने बच्चों की बाहरी गतिविधियों को पूरी तरह से रोकने के खिलाफ भी आगाह किया। 

PunjabKesari
बच्चों का इस तरह रखें ध्यान

डॉक्टर ने कहा- "मैं बच्चों से यह नहीं कहूंगी कि वे बस घर पर बैठे रहें और बाहर खेलने न जाएं, क्योंकि खेलना उनके स्वास्थ्य का एक ज़रूरी हिस्सा है यह बड़ों के लिए व्यायाम के बराबर है।"  एम्स (AIIMS) और यूनिसेफ (UNICEF) के विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें थोड़ी-थोड़ी देर में पानी या ओआरएस (ORS) देते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) न हो। चिलचिलाती धूप में, खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, बच्चों को बाहर खेलने से रोकें। उन्हें हल्के, सूती और ढीले कपड़े पहनाएं ताकि हवा आसानी से पास हो सके। बचों को चिप्स और मीठे पेय पदार्थों देने से बचें, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ा सकते हैं। 
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

vasudha

Related News

static