सबसे साफ शहर में नलों में सप्लाई हुआ टॉयलेट का पानी, बेमौत मारे गए कई लोग
punjabkesari.in Friday, Jan 02, 2026 - 10:21 AM (IST)
इंदौर के महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, जिसे भागीरथपुरा इलाके में स्वास्थ्य संकट के पीछे के कारण का पता लगाने के लिए पानी के नमूनों की जांच का काम सौंपा गया था,ने गुरुवार को अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जांच में पता चला है कि पानी में ई-कोलाई और शिगेला जैसे घातक बैक्टीरिया मौजूद थे, जो सीधे तौर पर मानव मल में पाए जाते हैं। इस बड़ी गलती ने 14 जानें ले ली और कुछ लोग मौत और जिंदगी के बीच जंग लड़ रहे हैं।
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इंदौर के मुख्य स्वास्थ्य और चिकित्सा अधिकारी (CHMO) डॉ. माधव हसानी ने कहा- "मेडिकल कॉलेज की टेस्ट रिपोर्ट से पता चला है कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में पाइपलाइन में लीकेज के कारण पानी की सप्लाई दूषित हो गई थी। हालांकि, प्रदूषण का सटीक स्तर और मौत का सटीक कारण अभी पता नहीं चल पाया है।" उन्होंने बताया- "गुरुवार को 8,500 से ज़्यादा लोगों की मेडिकल जांच की गई। 1,700 से ज़्यादा घरों में 338 नए मरीज़ों की पहचान की गई। सभी नए पहचाने गए मरीज़ों को उनके घरों पर प्राथमिक उपचार दिया गया। कुल मिलाकर, 272 मरीज़ों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। उनमें से, 1 जनवरी तक 72 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। फिलहाल, 201 मरीज़ अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 32 इंटेंसिव केयर यूनिट में इलाज करवा रहे हैं।"
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हालांकि, मरने वालों की सही संख्या अभी भी स्पष्ट नहीं है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार 21 दिसंबर, 2025 और 1 जनवरी, 2026 के बीच 14 लोगों की मौत हो सकती है। प्रभावित लोगों का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं, सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया था, जब दूषित पानी से 100 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पीने के पानी की सप्लाई पाइपलाइन में एक ऐसी जगह पर लीकेज पाया गया, जहां एक शौचालय बना हुआ है। दावा किया गया कि इस लीकेज के कारण इलाके में पानी की सप्लाई दूषित हो गई।

