कितना वजन कम होना बन सकता है जानलेवा? समझें शरीर पर पड़ने वाला असर

punjabkesari.in Saturday, Jul 18, 2026 - 01:15 PM (IST)

नारी डेस्क: वजन कम करना आज के समय में कई लोगों का लक्ष्य होता है। सही डाइट, एक्सरसाइज और बेहतर लाइफस्टाइल के जरिए वजन कम होना आमतौर पर अच्छी बात मानी जाती है। लेकिन जब वजन तेजी से और बिना किसी योजना के कम होने लगे, खासकर लंबे समय तक खाना न खाने की स्थिति में, तो यह शरीर के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की लगातार जारी भूख हड़ताल के बीच उनका वजन तेजी से घटने की खबर सामने आई है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन न मिलने से शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं, जो गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं।

भूख हड़ताल के बाद अस्पताल में भर्ती हुए सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। 17 जुलाई को उनकी भूख हड़ताल का 20वां दिन था, जिसके बाद उन्हें स्वास्थ्य कारणों से जंतर-मंतर से उठाकर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में उनका वजन करीब 350 ग्राम और कम हुआ। अब उनका वजन 56.55 किलोग्राम रह गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भूख हड़ताल शुरू करने के बाद उनका कुल वजन लगभग 9.5 किलोग्राम कम हो चुका है। डॉक्टरों ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर 108/68 mmHg, ब्लड शुगर 80 mg/dL, पल्स रेट 72 प्रति मिनट और ऑक्सीजन सैचुरेशन 96 प्रतिशत दर्ज किया गया। मेडिकल टीम के अनुसार, उनमें हल्के डिहाइड्रेशन के संकेत हैं, लेकिन उनकी मानसिक स्थिति सामान्य और वह पूरी तरह सतर्क हैं।

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लंबे समय तक खाना न मिलने पर शरीर में क्या होता है

जब शरीर को लंबे समय तक भोजन नहीं मिलता, तो सबसे पहले वह अपनी ऊर्जा के लिए जमा ग्लाइकोजन का इस्तेमाल करता है। आमतौर पर एक-दो दिन बाद लिवर और मांसपेशियों में मौजूद ग्लाइकोजन की मात्रा कम होने लगती है। इसके बाद शरीर ऊर्जा बनाने के लिए फैट को तोड़ना शुरू करता है और कीटोन बनने लगते हैं। हालांकि शरीर के कुछ महत्वपूर्ण हिस्से, जैसे दिमाग और रेड ब्लड सेल्स, पूरी तरह कीटोन पर निर्भर नहीं रह सकते। उन्हें ग्लूकोज की जरूरत होती है। ऐसी स्थिति में शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों को तोड़ना शुरू कर सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर शरीर की ताकत कम होने लगती है और इसका असर हार्ट की मांसपेशियों पर भी पड़ सकता है। अगर हार्ट की मांसपेशियां बहुत कमजोर हो जाएं तो यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।

कितना वजन कम होना माना जाता है खतरनाक

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किसी व्यक्ति का कुल वजन अगर 40 से 50 प्रतिशत तक कम हो जाए तो यह जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। यह खतरा व्यक्ति के शुरुआती वजन, स्वास्थ्य स्थिति और शरीर में पोषण की उपलब्धता पर भी निर्भर करता है।अगर कोई व्यक्ति पूरी तरह भोजन लेना बंद कर देता है, तो सामान्य परिस्थितियों में 8 से 12 सप्ताह के अंदर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि शरीर को थोड़ी मात्रा में कैलोरी और पर्याप्त प्रोटीन मिलता रहे तो व्यक्ति अधिक समय तक जीवित रह सकता है, क्योंकि शरीर ऊर्जा के लिए फैट का इस्तेमाल करता रहता है।

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तेजी से वजन घटना भी हो सकता है नुकसानदायक

वजन कम होना हमेशा फायदेमंद नहीं होता। अगर वजन बहुत तेजी से घट रहा है, तो यह शरीर के अंदर किसी समस्या का संकेत भी हो सकता है। एक अध्ययन में सामने आया कि हार्ट डिजीज और मोटापे से जूझ रहे लोगों में वजन का बहुत तेजी से बढ़ना या घटना दोनों ही स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकते हैं। यह अध्ययन करीब 8,297 लोगों पर लगभग 14 साल तक किया गया था। अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों का वजन 10 किलोग्राम से ज्यादा बढ़ा, उनमें हार्ट संबंधी मौत का खतरा बढ़ा। वहीं, जिन लोगों का वजन 10 किलोग्राम से अधिक कम हुआ, उनमें किसी भी कारण से मृत्यु का जोखिम करीब 54 प्रतिशत तक ज्यादा पाया गया।

डॉक्टरों की सलाह: वजन को संतुलित रखना जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि वजन कम करने का सबसे सही तरीका धीरे-धीरे और स्वस्थ तरीके से वजन घटाना है। अचानक वजन कम होना, खासकर बिना किसी स्पष्ट कारण के, शरीर में किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। हार्ट रोग, डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए वजन में अचानक बदलाव पर नजर रखना बेहद जरूरी है। शरीर को पर्याप्त पोषण, प्रोटीन और जरूरी कैलोरी मिलना स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।

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कब लेनी चाहिए डॉक्टर की सलाह

अगर बिना कोशिश के लगातार वजन कम हो रहा है, भूख कम लग रही है, कमजोरी महसूस हो रही है, चक्कर आ रहे हैं या शरीर में अचानक बदलाव दिख रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्वस्थ वजन वही है जो सही खानपान, नियमित गतिविधि और शरीर की जरूरतों के अनुसार संतुलित तरीके से बनाए रखा जाए।
   
 


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Content Editor

Priya Yadav

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