जब मंदिर बने घर का सबसे खूबसूरत स्पेस
punjabkesari.in Saturday, Jun 27, 2026 - 12:07 PM (IST)
नारी डेस्क: घर का मंदिर केवल पूजा करने की जगह नहीं होता, बल्कि यह पूरे घर की सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र होता है। आज के समय में लोग ऐसा मंदिर चाहते हैं जो आध्यात्मिक होने के साथ-साथ घर की सुंदरता भी बढ़ाए। सही डिज़ाइन, उचित मटेरियल, अच्छी लाइटिंग और वास्तु के अनुसार बनाया गया मंदिर घर के सबसे आकर्षक स्थानों में से एक बन सकता है।

घर की जगह के अनुसार चुनें सही डिज़ाइन
यदि घर बड़ा है तो अलग पूजा कक्ष बनाया जा सकता है। वहीं छोटे फ्लैट या अपार्टमेंट में फ्लोटिंग मंदिर, वॉल-माउंटेड यूनिट या किसी शांत कोने में कॉम्पैक्ट पूजा स्पेस बनाया जा सकता है। आजकल स्लाइडिंग जाली, फ्लूटेड पैनल और स्मार्ट स्टोरेज वाले मंदिर काफी पसंद किए जा रहे हैं।

सही मटेरियल मंदिर की खूबसूरती बढ़ाता है
मंदिर का मटेरियल केवल सुंदर ही नहीं, बल्कि टिकाऊ भी होना चाहिए।
● लकड़ी : मंदिर को गर्माहट और पारंपरिक सुंदरता देती है।
● मार्बल : पवित्रता, शालीनता और भव्यता का प्रतीक माना जाता है।
● ग्लास : आधुनिक और हल्का लुक देता है।
● मेटल एक्सेंट्स : ब्रास, कॉपर या गोल्ड फिनिश मंदिर को दिव्य और लक्ज़री लुक देते हैं।
● इनले वर्क : मार्बल, ब्रास या स्टोन इनले का उपयोग मंदिर की दीवारों, स्तंभों या बॉर्डर पर किया जाए तो मंदिर बेहद प्रीमियम और आकर्षक दिखाई देता है।
मटेरियल चुनते समय ध्यान रखें कि वे साफ करने में आसान हों, लंबे समय तक टिकें और आपके घर के इंटीरियर से मेल खाते हों। अलग-अलग टेक्सचर का संतुलित उपयोग मंदिर को और अधिक आकर्षक बनाता है।

सही रोशनी से बढ़े दिव्य एहसास
मंदिर की सुंदरता को निखारने में सही रोशनी की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
● हल्की पीली रोशनी शांत और सुकून भरा वातावरण बनाती है।
● पीछे से प्रकाशित पैनलों पर ॐ, कमल या मंत्रों की आकृतियाँ मंदिर को विशेष आकर्षण देती हैं।
● पारंपरिक दीपक या दीये मंदिर के आध्यात्मिक माहौल को जीवंत बनाए रखते हैं।
● छोटे लटकने वाले सजावटी दीप मंदिर को आधुनिक और आकर्षक रूप देते हैं।
अत्यधिक तेज़ रोशनी की बजाय सॉफ्ट और संतुलित लाइटिंग हमेशा बेहतर रहती है।

आर्टवर्क से दें प्रीमियम लुक
आजकल मंदिर में केवल मूर्ति ही नहीं, बल्कि कलात्मक डिटेलिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैकलिट ओम, कमल, स्वास्तिक, CNC जाली, मेटल आर्ट और हस्तनिर्मित म्यूरल मंदिर को एक अलग पहचान देते हैं।
यदि मंदिर को और अधिक रॉयल लुक देना चाहते हैं, तो दीवारों और सीलिंग पर गोल्ड लीफिंग आर्टवर्क का उपयोग किया जा सकता है। यह पारंपरिक कला मंदिर को बेहद प्रीमियम, दिव्य और भव्य स्वरूप प्रदान करती है।


सीलिंग डिज़ाइन भी हो खास
मंदिर की सीलिंग को साधारण न छोड़ें। कमल डिज़ाइन, लकड़ी की ग्रूव सीलिंग, हल्की कोव लाइट, गोल्ड लीफिंग और सजावटी पैटर्न मंदिर की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देते हैं। यदि ऊँचाई कम हो तो सरल और हल्की सीलिंग डिज़ाइन अधिक प्रभावशाली रहती है।

रंगों का सही चुनाव
मंदिर में हल्के और शांत रंग सबसे अच्छे माने जाते हैं।
● सफेद: पवित्रता और सादगी का प्रतीक।
● बेज और क्रीम: गर्माहट और सुकून का एहसास।
● हल्का पीला: सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक।
● सॉफ्ट पेस्टल रंग: शांत और संतुलित वातावरण बनाते हैं।
मंदिर को दें अपनी पहचान
मंदिर में परिवार की आराध्य प्रतिमा, पीढ़ियों से चली आ रही धार्मिक वस्तुएँ, अपनी पसंद की कलाकृति या कस्टम डिज़ाइन यूनिट शामिल की जा सकती है। छोटे पौधे या प्राकृतिक तत्व जोड़ने से भी स्थान अधिक जीवंत और शांत महसूस होता है।
ऐसा व्यक्तिगत स्पर्श मंदिर से भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाता है, पूजा का अनुभव बेहतर बनाता है और आपके घर को एक अलग पहचान देता है।
वास्तु का रखें ध्यान
वास्तु के अनुसार मंदिर के लिए उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) सबसे उपयुक्त माना जाता है। पूजा करते समय मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। मंदिर के आसपास साफ-सफाई, प्राकृतिक रोशनी और पर्याप्त हवा का आना भी आवश्यक है। मंदिर के ऊपर या नीचे शौचालय नहीं होना चाहिए।
2026 के ट्रेंडिंग मंदिर डिज़ाइन
इस वर्ष फ्लोटिंग मंदिर, फ्लूटेड पैनल, इनले वर्क, गोल्ड लीफिंग, बैकलिट स्टोन, प्राकृतिक मार्बल, ब्रास डिटेलिंग, स्मार्ट स्टोरेज, वार्म लाइटिंग और आधुनिक डिज़ाइन के साथ पारंपरिक कला का संयोजन सबसे अधिक पसंद किया जा रहा है।
मंदिर का डिज़ाइन केवल सुंदर दिखने के लिए नहीं, बल्कि ऐसा होना चाहिए जो मन को शांति दे, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाए और घर के इंटीरियर से भी मेल खाए। जब आस्था, वास्तु, कला और आधुनिक डिज़ाइन एक साथ आते हैं, तब घर का मंदिर वास्तव में पूरे परिवार के लिए सुकून, श्रद्धा और सौंदर्य का केंद्र बन जाता है।
लेखक: रक्षा सेठी | इंटीरियर डिज़ाइनर एवं वास्तु कन्सल्टेंट, इंदौर

