70 किलो बर्फ में 12 मिनट तक बैठीं हिना खान, जानिए क्या है ये थेरेपी
punjabkesari.in Monday, Aug 03, 2026 - 05:02 PM (IST)
नारी डेस्क: ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर और टीवी अभिनेत्री हिना खान ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह करीब 70 किलो बर्फ से भरे टब में लगभग 12 मिनट तक बैठकर क्रायोथेरेपी (Cryotherapy) लेती नजर आईं। वीडियो के साथ उन्होंने यह भी बताया कि यह प्रक्रिया विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में की गई थी। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे कि आखिर क्रायोथेरेपी क्या होती है, इसका इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाता है और क्या यह कैंसर के इलाज का हिस्सा है। आइए जानते हैं इस थेरेपी से जुड़ी जरूरी बातें।
क्या होती है क्रायोथेरेपी
क्रायोथेरेपी एक ऐसी चिकित्सा तकनीक है, जिसमें शरीर को कुछ मिनटों के लिए बेहद कम तापमान के संपर्क में रखा जाता है। यह थेरेपी पूरे शरीर (Whole Body Cryotherapy) के लिए भी की जा सकती है और केवल किसी विशेष हिस्से पर भी लागू की जा सकती है। इसका उद्देश्य शरीर की कुछ शारीरिक प्रतिक्रियाओं को सक्रिय करना होता है। खेल जगत में कई एथलीट कठिन प्रशिक्षण या मुकाबले के बाद मांसपेशियों की रिकवरी के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, यह हर व्यक्ति के लिए जरूरी या उपयुक्त नहीं होती।
आइस बाथ और मेडिकल क्रायोथेरेपी में क्या है अंतर?
अक्सर लोग आइस बाथ और क्रायोथेरेपी को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों में अंतर होता है। आइस बाथ में व्यक्ति बर्फ और ठंडे पानी से भरे टब में कुछ समय तक बैठता है। वहीं, मेडिकल क्रायोथेरेपी विशेष उपकरणों और नियंत्रित तापमान में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की निगरानी में की जाती है। इसमें सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाता है, इसलिए इसे सामान्य आइस बाथ से अलग माना जाता है।
क्रायोथेरेपी के संभावित फायदे क्या हैं
उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, कुछ मामलों में क्रायोथेरेपी मांसपेशियों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकती है। कठिन व्यायाम या खेल गतिविधियों के बाद शरीर की रिकवरी तेज करने में भी इसका उपयोग किया जाता है। कुछ लोगों का अनुभव है कि इससे अस्थायी रूप से दर्द में राहत मिलती है और शरीर में ताजगी महसूस होती है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए अभी और व्यापक वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है। इसलिए इसे किसी बीमारी के निश्चित इलाज के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
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क्या ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में होती है इसका इस्तेमाल
यह समझना बेहद जरूरी है कि Whole Body Cryotherapy कैंसर का इलाज नहीं है। ब्रेस्ट कैंसर और अन्य प्रकार के कैंसर के उपचार के लिए आज भी सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और टारगेटेड थेरेपी जैसी वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित चिकित्सा पद्धतियां ही अपनाई जाती हैं। कुछ मरीजों में डॉक्टर उपचार के दौरान होने वाले दर्द, सूजन या मांसपेशियों की परेशानी को कम करने के लिए सहायक उपायों की सलाह दे सकते हैं। लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि क्रायोथेरेपी कैंसर को खत्म कर सकती है या यह मुख्य इलाज का विकल्प है।

क्या हर कोई कर सकता है क्रायोथेरेपी
क्रायोथेरेपी या लंबे समय तक आइस बाथ हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं होता। विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों को हृदय रोग, अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर, गंभीर अस्थमा, रक्त संचार से जुड़ी समस्याएं, ठंड से एलर्जी या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के यह थेरेपी नहीं करनी चाहिए। अत्यधिक ठंड के संपर्क में आने से शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक गिर सकता है। कुछ लोगों में चक्कर आना, त्वचा को नुकसान, सांस लेने में दिक्कत या अन्य गंभीर जटिलताएं भी हो सकती हैं।
क्या विशेषज्ञ की निगरानी जरूरी है
यदि किसी व्यक्ति को चिकित्सकीय कारणों से क्रायोथेरेपी की सलाह दी जाती है, तो इसे हमेशा प्रशिक्षित विशेषज्ञ और डॉक्टर की निगरानी में ही कराया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बिना चिकित्सकीय सलाह के घर पर लंबे समय तक आइस बाथ करना जोखिम भरा हो सकता है। हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी नई थेरेपी को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

