बाढ़ की दिल दहला देने वाली घटना! 12 घंटे तक भूखी-प्यासी पेड़ पर बैठी रही मां, गोद में था इकलौता बेटा
punjabkesari.in Wednesday, Jul 29, 2026 - 11:05 AM (IST)
नारी डेस्क: कहते हैं कि दुनिया में बच्चे के लिए मां से बड़ा रखवाला कोई नहीं है। जब बात बच्चे की सुरक्षा की आती है, तो एक मां अपनी जान की परवाह किए बिना किसी भी बड़े से बड़े खतरे या चुनौती से टकराने के लिए तैयार हो जाती है। ऐसी ही एक मां की कहानी सामने आई है जिसे सुन आंखें भी नम हुई और इस बहादुर मां पर गर्व भी हुआ। बाढ़ से बचने के लिए एक महिला अपने इकलौते बेटे को सीने से लगाकर लगातार 12 घंटे तक पेड़ पर बैठी रही।
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दरअसल पड़ोसी राज्य नागालैंड में भारी बारिश के कारण ऊपरी असम के सिवसागर जिले में अचानक बाढ़ का पानी घुस गया। जिससे देखते ही देखते सब कुछ जलमग्न हो गया। बचने का कोई रास्ता नहीं दिखा, तो रेखामोनी नाम की महिला अपने बेटे को सीने से चिपकाकर पेड़ पर चढ़ गई। अंधेरे और खौफ के बीच उन्होंने बिना अन्न-जल के 12 घंटे मौत से जंग लड़ी। इस दर्दनाक समय के दौरान जब बेटे को तेज भूख लगी तो उसने मां से कहा- "मां, पत्ते खा लेंगे... बस आप मेरे साथ रहो।"
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असम के सिवसागर जिले की रहने वाली रेखामोनी गोगोई को शादी के 12 साल बाद मां बनने का सुख मिला था, ऐसे में अपने इकलौते बेटे को बचाने के लिए उसने हिम्मत जुटाई और पेड़ का सहारा ले लिया। 12 घंटे पेड़ की शाखा में बिताने के बाद सुबह SDRF की टीम ने मां-बेटे समेत को सुरक्षित बचा लिया। यह घटना सिर्फ बाढ़ की त्रासदी नहीं, बल्कि एक मां के अटूट साहस, ममता और हिम्मत की मिसाल बन गई है। इस मां के साहस को सलाम।

