"नफरत से ज्यादा जरूरी है इंसानियत ..."सनी देओल की फिल्म बंटवारा 1947 को लेकर हेमा मालिनी ने कही ये बात
punjabkesari.in Monday, Aug 17, 2026 - 06:49 PM (IST)
नारी डेस्क: अनुभवी एक्ट्रेस और BJP सांसद हेमा मालिनी ने सनी देओल की हाल ही में रिलीज हुई पीरियड ड्रामा फिल्म 'बंटवारा 1947' की जमकर तारीफ़ की है। सोमवार को बॉलीवुड की 'ड्रीम गर्ल' ने X पर अपने ऑफ़िशियल हैंडल से फ़िल्म के मेकर्स द्वारा दिए गए शानदार मैसेज की तारीफ़ की। फ़िल्म में यह मैसेज दिया गया है कि नफ़रत के बजाय इंसानियत, आपसी सम्मान और भाईचारे को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

हेमा ने आगे यह इच्छा जताई कि यह फ़िल्म लोगों को एक-दूसरे के प्रति दयालु बनने के लिए प्रेरित करे। उन्होंने ट्वीट किया- "मैंने कल 'बंटवारा' फ़िल्म देखी। यह सचमुच शानदार है और इसमें एक साफ़ मैसेज है जो बताता है कि आज देश को किस चीज़ की ज़रूरत है। यह हमें याद दिलाती है कि नफ़रत और बंटवारे से कहीं ज़्यादा ज़रूरी इंसानियत, आपसी सम्मान और भाईचारा है। मुझे उम्मीद है कि यह खूबसूरत मैसेज लोगों को अपनी सोच बदलने और नफ़रत के बजाय दयालुता को चुनने के लिए प्रेरित करेगा।" हेमा ने 'बंटवारा 1947' में सनी के साथ-साथ शबाना आज़मी, करण देओल और प्रीति ज़िंटा की परफ़ॉर्मेंस की भी तारीफ की।
डायरेक्टर राजकुमार संतोषी और प्रोड्यूसर आमिर खान को बधाई देते हुए उन्होंने कहा- "राजकुमार संतोषी का शानदार डायरेक्शन और सनी देओल व शबाना आजमी की बेहतरीन परफ़ॉर्मेंस। करण देओल और प्रीति जिंटा ने भी अच्छी परफ़ॉर्मेंस दी। आमिर खान को एक ऐसी सदाबहार फ़िल्म बनाने के लिए बधाई, जिसका मैसेज सचमुच आज की ज़रूरत है।" फ़िल्म में अली फज़ल, अभिमन्यु सिंह, खुशी हज़ारे, कनिका कपूर, वसीम राजपूत और ईशा संधीर जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं।
'बंटवारा 1947' फ़िल्म 1947 में भारत के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर आधारित है। माना जाता है कि यह फ़िल्म असगर वजाहत के नाटक 'जिस लाहौर नई वेख्या, ओ जम्या ई नई' से प्रेरित है। यह एक लोकप्रिय पंजाबी कहावत है, जिसका मतलब है- "लाहौर घूमना इतना ज़रूरी है कि अगर आप यहां नहीं आए, तो ऐसा है जैसे आपका जन्म ही नहीं हुआ।" आज़ादी के दिन के वीकेंड पर 14 अगस्त को रिलीज़ हुई इस फ़िल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।

