ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का है बेहद महत्व, जानें कौन सा रहेगा आपके लिए शुभ

punjabkesari.in Thursday, Jul 25, 2024 - 03:50 PM (IST)

नारी डेस्क: ज्योतिष में रत्नों का महत्व उनके विशेष गुणों और ग्रहों से जुड़े प्रभाव के आधार पर माना जाता है। ये रत्न शुभता में वृद्धि करके व्यक्ति के जीवन में सफलता और उन्हें स्थापित करने में मदद करते हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से, हर ग्रह को एक विशेष रत्न से जोड़ा गया है और इसका धारणा विशेष क्षेत्रों में सफलता के लिए प्रेरित किया जाता है। उदाहरणार्थ, किसी व्यक्ति के करियर के विकास और प्रगति के लिए माणिक्य, पुखराज या मूंगा धारण किया जा सकता है, जो उनके ज्योतिषीय प्रोफाइल और ग्रहों के स्थिति के आधार पर निर्धारित किया जाता है। रत्नों के धारणा से व्यक्ति को वृद्धि और स्थिरता का संबंधित लाभ मिल सकता है, जो उनके करियर और जीवन के विभिन्न पहलुओं में मददगार साबित हो सकता है।

हीरा (Diamond)

शुक्र ग्रह का प्रतीक है। इसका धारणा सुख, धन, प्रेम और वैवाहिक सुख में वृद्धि करता है। कला, मनोरंजन, सौंदर्य उत्पादों, आतिथ्य और संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाले इसे धारण कर सकते हैं।

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मोती (Pearl)

चंद्रमा के संबंध में है। फेफड़ों, छाती, मानसिक स्वास्थ्य और महिला स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं में लाभकारी है। चिकित्सक, नर्स, यात्रा एजेंट्स और नर्सिंग और आतिथ्य उद्योग में काम करने वाले इसे धारण कर सकते हैं।

पन्ना (Emerald)

बुध ग्रह का प्रतीक है। स्मृति और बुद्धि में सुधार करता है। शिक्षक, लेखक, संपादक, लेखांकन, बैंकर और संचार से संबंधित पेशेवरों के लिए उपयुक्त है।

माणिक्य (Ruby)

सूर्य ग्रह का प्रतीक है। साहस, नेतृत्व क्षमता और सामान्य जीवन शक्ति में वृद्धि करता है। सरकारी अधिकारी, राजनेता, डॉक्टर, रक्त संबंधी समस्याओं के लिए चिकित्सक और नेताओं के लिए यह उपयुक्त है।

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मूंगा (Coral)

मंगल ग्रह का प्रतीक है। आत्मविश्वास, साहस और शारीरिक शक्ति में वृद्धि करता है। सर्जन, रक्षा कर्मियों, इंजीनियर, खिलाड़ी और साहसी पेशेवरों के लिए उपयुक्त है।

पुखराज (Yellow Sapphire)

गुरु ग्रह का प्रतीक है। आध्यात्मिक रुचि, ज्ञान और प्रतिष्ठा में वृद्धि करता है। शिक्षक, धर्म शिक्षक, विद्वान, कानूनी पेशेवर और शैक्षिक क्षेत्र में काम करने वालों के लिए यह उपयुक्त है।

नीलम (Blue Sapphire)

शनि ग्रह का प्रतीक है। खनन, पेट्रोलियम, अभियांत्रिकी, श्रम, हड्डी संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए उपयुक्त है।

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ये रत्न वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों के अनुसार आधारित माने जाते हैं और उन्हें अनुभव के हिसाब से उपयुक्त राशि और ग्रह के लिए धारण किया जाता है।


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Content Editor

Manpreet Kaur

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