गले में खराश से लेकर निगलने में दिक्कत तक, ये लक्षण हो सकते हैं कैंसर का संकेत

punjabkesari.in Thursday, Aug 13, 2026 - 11:43 AM (IST)

नारी डेस्क : गले में खराश, दर्द या खांसी जैसी समस्याएं अक्सर सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दी जाती हैं। लेकिन अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, बार-बार हों या इनके साथ निगलने में परेशानी और आवाज में बदलाव जैसी दिक्कतें भी दिखाई दें, तो इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। ये कई सामान्य बीमारियों में भी हो सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में गले के कैंसर का संकेत भी हो सकते हैं। गले का कैंसर गले, वॉयस बॉक्स (लैरिंक्स), टॉन्सिल या आसपास के हिस्सों में विकसित हो सकता है। इसके लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि कैंसर गले के किस हिस्से में है। इसलिए लंबे समय से बने रहने वाले लक्षणों की जांच करवाना जरूरी है।

गले के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

गले के कैंसर के शुरुआती लक्षण कई बार सामान्य गले की समस्या जैसे ही लग सकते हैं। 
इनमें शामिल हैं, लंबे समय तक गले में खराश या दर्द रहना
गले में कुछ अटका हुआ महसूस होना
खाना या पानी निगलने में परेशानी होना
निगलते समय दर्द होना
आवाज में बदलाव या लगातार भारीपन
लंबे समय तक खांसी रहना
बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना
गले या गर्दन में गांठ या सूजन महसूस होना
कुछ मामलों में कान में लगातार दर्द होना
इनमें से कोई एक लक्षण होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को कैंसर ही है। 
कई बार संक्रमण, एसिड रिफ्लक्स या दूसरी सामान्य समस्याओं के कारण भी ऐसे लक्षण हो सकते हैं।

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गले में कुछ अटका हुआ क्यों महसूस होता है?

गले में लगातार कुछ फंसा हुआ या अटका हुआ महसूस होना कई कारणों से हो सकता है। लेकिन अगर यह परेशानी लगातार बनी रहती है और इसके साथ निगलने में दिक्कत, दर्द या आवाज में बदलाव भी हो रहा है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

आवाज में बदलाव को न करें नजरअंदाज

अगर आपकी आवाज लंबे समय से भारी या कर्कश हो गई है और सामान्य इलाज के बावजूद इसमें सुधार नहीं हो रहा, तो ENT विशेषज्ञ से सलाह लें। खासकर लगातार आवाज बैठने की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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कान में दर्द भी हो सकता है संकेत

कुछ मामलों में गले से जुड़ी बीमारी के कारण कान में भी दर्द महसूस हो सकता है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि गले और कान से जुड़ी नसों के रास्ते आपस में जुड़े होते हैं। इसलिए बिना किसी स्पष्ट कान की समस्या के लगातार एक तरफ कान में दर्द हो रहा हो और साथ में गले से जुड़े लक्षण भी हों, तो डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर है।

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सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत लें मदद

अगर गले में बीमारी बढ़ने के कारण सांस की नली प्रभावित होती है, तो सांस लेने में परेशानी हो सकती है। सांस लेने में गंभीर दिक्कत, दम घुटने जैसा महसूस होना या अचानक सांस रुकने जैसी स्थिति आपातकालीन चिकित्सा सहायता की जरूरत हो सकती है।

2 हफ्ते से ज्यादा रहें लक्षण तो कराएं जांच

अगर दो हफ्ते या उससे ज्यादा समय तक गले में खराश, आवाज में बदलाव, निगलने में परेशानी, लगातार खांसी या गले में कुछ अटका हुआ महसूस होने जैसी समस्या बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ENT (नाक-कान-गला) विशेषज्ञ से जांच करवाना उचित है। खासकर अगर खांसी के साथ खून आए, तेजी से वजन कम हो, गर्दन में गांठ महसूस हो या सांस लेने में परेशानी हो, तो जल्द से जल्द चिकित्सकीय सलाह लें।

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किन लोगों में ज्यादा हो सकता है खतरा?

गले और सिर-गर्दन के कुछ कैंसर का जोखिम तंबाकू और धूम्रपान के सेवन से बढ़ता है। ज्यादा शराब का सेवन भी जोखिम बढ़ा सकता है। कुछ प्रकार के गले के कैंसर का संबंध HPV संक्रमण से भी पाया गया है। इसलिए तंबाकू, सिगरेट और शराब से दूरी बनाना कैंसर के जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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नोट:  गले में दर्द, खराश या निगलने में परेशानी का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता। लेकिन लक्षण लंबे समय तक बने रहें या लगातार बढ़ते जाएं, तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। समय पर जांच से समस्या का सही कारण पता लगाने और जरूरत पड़ने पर इलाज शुरू करने में मदद मिल सकती है।


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Monika

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