सुबह दिखने वाले इन संकेतों को न करें नजरअंदाज, डॉक्टरों ने बताए डेंगू के शुरुआती लक्षण
punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 04:24 PM (IST)
नारी डेस्क: मानसून के आते ही डेंगू के मामलों में तेजी देखने को मिलती है। यह बीमारी एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर के काटने से फैलती है, जो साफ और रुके हुए पानी में पनपता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू की समय रहते पहचान हो जाए तो इसका इलाज आसान हो सकता है, लेकिन शुरुआती लक्षणों को सामान्य वायरल बुखार या थकान समझकर नजरअंदाज करना कई बार गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, डेंगू के कुछ शुरुआती संकेत सुबह उठते ही महसूस होने लगते हैं। ऐसे में शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में लेने की बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है।
सुबह उठते ही तेज बुखार हो सकता है पहला संकेत
डेंगू का सबसे सामान्य और शुरुआती लक्षण अचानक तेज बुखार आना है। कई मरीजों को सुबह उठते समय शरीर सामान्य से अधिक गर्म महसूस होता है और तापमान 102 से 104 डिग्री फ़ारेनहाइट तक पहुंच सकता है। यदि तेज बुखार के साथ कंपकंपी, कमजोरी या बेचैनी महसूस हो रही है, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

शरीर, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द
डेंगू को कई बार 'ब्रेक बोन फीवर' भी कहा जाता है क्योंकि इस बीमारी में हड्डियों, जोड़ों और मांसपेशियों में काफी तेज दर्द हो सकता है। सुबह बिस्तर से उठते समय शरीर में अकड़न महसूस होना, चलने-फिरने में परेशानी होना या पूरे शरीर में दर्द रहना डेंगू के शुरुआती लक्षणों में शामिल हो सकता है।
सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द को न करें नजरअंदाज
अगर सुबह उठते ही सिर में तेज दर्द हो और आंखों के पीछे दबाव या दर्द महसूस हो, तो इसे सामान्य माइग्रेन या थकान समझने की गलती न करें। डॉक्टरों के अनुसार यह डेंगू का एक प्रमुख लक्षण हो सकता है। यदि पूरी रात आराम करने के बावजूद सुबह शरीर थका हुआ लगे और ऊर्जा की कमी महसूस हो, तो जांच कराना जरूरी हो जाता है।
त्वचा पर लाल चकत्ते और भूख कम लगना
डेंगू के कई मरीजों में बुखार आने के कुछ दिनों बाद त्वचा पर लाल दाने या चकत्ते दिखाई देने लगते हैं। यदि इसके साथ तेज बुखार और शरीर में दर्द भी हो, तो तुरंत डेंगू की जांच करवानी चाहिए। इसके अलावा सुबह उठते ही मतली महसूस होना, उल्टी जैसा लगना, भूख कम हो जाना या कुछ भी खाने का मन न करना भी डेंगू के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
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कब बढ़ जाता है खतरा?
यदि तेज बुखार के साथ बार-बार उल्टी हो, पेट में तेज दर्द होने लगे, सांस लेने में दिक्कत महसूस हो, मसूड़ों या नाक से खून आने लगे, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या मरीज बेहोशी जैसी स्थिति में पहुंच जाए, तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। डॉक्टरों के अनुसार ये गंभीर डेंगू (Severe Dengue) के संकेत हो सकते हैं और ऐसे मामलों में तत्काल इलाज की जरूरत होती है।

डेंगू से बचाव के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
डेंगू से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें, क्योंकि एडीज मच्छर साफ रुके हुए पानी में ही पनपता है। कूलर, गमले, टायर, बाल्टी और छत पर रखे बर्तनों में जमा पानी को नियमित रूप से साफ करें। घर से बाहर निकलते समय पूरे बाजू के कपड़े पहनें ताकि शरीर का अधिक हिस्सा ढका रहे और मच्छरों के काटने का खतरा कम हो। इसके अलावा मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें और घर की खिड़कियों व दरवाजों पर जाली लगवाएं, ताकि मच्छर अंदर न आ सकें।
समय पर जांच और इलाज है सबसे जरूरी
डेंगू का कोई विशेष इलाज नहीं है, लेकिन समय पर जांच, पर्याप्त आराम, तरल पदार्थों का सेवन और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार से अधिकांश मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। इसलिए यदि बारिश के मौसम में तेज बुखार या ऊपर बताए गए लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं दवा लेने की बजाय डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरत पड़ने पर डेंगू की जांच जरूर कराएं।

