क्या ज्यादा Stress लेने से आ सकता है ब्रेन स्ट्रोक? AIIMS एक्सपर्ट ने ने बताया सच
punjabkesari.in Wednesday, May 27, 2026 - 01:59 PM (IST)
नारी डेस्क: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्ट्रेस यानी तनाव लोगों की लाइफ का हिस्सा बन चुका है। ऑफिस का प्रेशर, करियर की चिंता, पैसों की टेंशन और निजी जिंदगी की परेशानियां धीरे-धीरे मानसिक ही नहीं, शारीरिक सेहत को भी प्रभावित करने लगती हैं। कई लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो लगातार तनाव लेना शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। खासतौर पर यह दिमाग और दिल दोनों पर बुरा असर डालता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ज्यादा स्ट्रेस लेने से ब्रेन स्ट्रोक भी आ सकता है? इस सवाल का जवाब AIIMS के न्यूरोसर्जन ने विस्तार से दिया है।
क्या होता है ब्रेन स्ट्रोक?
ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी होती है। जब दिमाग के किसी हिस्से में ब्लड सप्लाई अचानक रुक जाती है या बहुत कम हो जाती है, तब दिमाग तक ऑक्सीजन और जरूरी पोषण पहुंचना बंद हो जाता है। ऐसे में कुछ ही मिनटों में दिमाग की कोशिकाएं डैमेज होने लगती हैं। यही स्थिति ब्रेन स्ट्रोक कहलाती है। इसे आम भाषा में “ब्रेन अटैक” भी कहा जाता है। अगर समय रहते इलाज न मिले तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है या फिर व्यक्ति हमेशा के लिए शारीरिक रूप से कमजोर हो सकता है।

क्या स्ट्रेस बन सकता है ब्रेन स्ट्रोक की वजह?
AIIMS के न्यूरोसर्जन के मुताबिक, लगातार तनाव में रहना शरीर को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाता है। खासकर क्रोनिक स्ट्रेस यानी लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव धीरे-धीरे कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकता है। डॉक्टर बताते हैं कि जब व्यक्ति हर समय चिंता, डर या मानसिक दबाव में रहता है, तो शरीर में कई बदलाव होने लगते हैं। तनाव की वजह से ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है, नींद खराब होने लगती है, शरीर में सूजन यानी इंफ्लेमेशन बढ़ने लगती है और ब्लड शुगर भी असंतुलित हो सकती है। यही नहीं, कई लोग स्ट्रेस में स्मोकिंग, शराब या अनहेल्दी खाने की आदतों की तरफ भी बढ़ जाते हैं। ये सभी चीजें मिलकर ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देती हैं।
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कैसे बढ़ता है स्ट्रोक का रिस्क?
डॉक्टरों के अनुसार, जब व्यक्ति ज्यादा तनाव में होता है तो दिल सामान्य से ज्यादा तेजी से काम करने लगता है। इससे ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट दोनों बढ़ जाते हैं। लंबे समय तक ऐसा होने पर ब्लड वेसल्स पर दबाव बढ़ता है और शरीर में ब्लड क्लॉट बनने का खतरा पैदा हो सकता है। अगर ये क्लॉट दिमाग की नसों तक पहुंच जाएं तो ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति बन सकती है। कई रिसर्च और स्टडीज में भी स्ट्रेस, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के बीच गहरा संबंध देखा गया है।
स्ट्रेस सिर्फ दिमाग नहीं, पूरी लाइफस्टाइल बिगाड़ देता है
एक्सपर्ट्स का कहना है कि तनाव सिर्फ मानसिक स्थिति को खराब नहीं करता बल्कि व्यक्ति की पूरी दिनचर्या बिगाड़ देता है। स्ट्रेस में लोग एक्सरसाइज करना छोड़ देते हैं, ठीक से नींद नहीं लेते और खाने-पीने में भी लापरवाही करने लगते हैं। कुछ लोगों को नशे की आदत तक लग जाती है। धीरे-धीरे शरीर कमजोर होने लगता है और हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा और हार्ट डिजीज जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। यही बीमारियां आगे चलकर ब्रेन स्ट्रोक का बड़ा कारण बन सकती हैं।

ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
ब्रेन स्ट्रोक आने से पहले शरीर कुछ संकेत जरूर देता है। अगर समय रहते इन लक्षणों को पहचान लिया जाए तो बड़ा खतरा टाला जा सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक अगर अचानक शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी महसूस हो, बोलने में परेशानी हो, तेज सिरदर्द शुरू हो जाए या नजर धुंधली होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा चलने में संतुलन बिगड़ना, चेहरा टेढ़ा महसूस होना या हाथ-पैर सुन्न पड़ना भी स्ट्रोक के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
स्ट्रेस को कंट्रोल करना क्यों जरूरी है
डॉक्टर सलाह देते हैं कि मानसिक तनाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। रोजाना थोड़ी देर योग, मेडिटेशन या वॉक करने से तनाव काफी हद तक कम किया जा सकता है। पर्याप्त नींद लेना, हेल्दी डाइट खाना और स्क्रीन टाइम कम करना भी जरूरी है। अगर तनाव लगातार बढ़ रहा हो और मन हमेशा बेचैन रहने लगे तो किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेने में बिल्कुल संकोच नहीं करना चाहिए। क्योंकि स्वस्थ दिमाग ही स्वस्थ शरीर की सबसे बड़ी कुंजी है।

