सिर्फ 10 सेकंड में दिल का हाल जानें, एक्सपर्ट ने बताया आसान तरीका

punjabkesari.in Tuesday, Jun 09, 2026 - 01:17 PM (IST)

नारी डेस्क : आज के समय में लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं। कोई स्मार्टवॉच से कदम गिन रहा है, तो कोई ब्लड प्रेशर और नींद पर नजर रख रहा है। लेकिन दिल की सेहत का एक बहुत ही आसान और पुराना तरीका आज भी अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। पल्स यानी नाड़ी की जांच करना। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ 10 सेकंड में अपनी पल्स चेक करके दिल की धड़कन से जुड़ी कुछ शुरुआती समस्याओं के संकेत समझे जा सकते हैं। यह खासतौर पर उन स्थितियों में मददगार हो सकता है, जहां बीमारी बिना किसी साफ लक्षण के शरीर में मौजूद रहती है।

क्या है पल्स चेक और क्यों जरूरी है?

दिल की धड़कन जब शरीर में खून पंप करती है, तो उसे हम कलाई पर हल्की धड़कन के रूप में महसूस कर सकते हैं। इसी को पल्स (Pulse) कहा जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, पल्स देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि दिल की धड़कन सामान्य और नियमित है या नहीं। यह तरीका खासतौर पर हार्ट रिदम से जुड़ी समस्याओं को समझने में मदद कर सकता है।

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एट्रियल फिब्रिलेशन क्या है?

दिल की अनियमित धड़कन से जुड़ी सबसे आम समस्या है एट्रियल फिब्रिलेशन। इस स्थिति में दिल के ऊपरी हिस्से (चैम्बर्स) सामान्य लय में नहीं धड़कते। इस समस्या की खास बात यह है कि कई बार इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। कुछ लोगों को दिल की धड़कन तेज लगना, सांस फूलना, चक्कर आना और थकान महसूस होना। जैसे लक्षण हो सकते हैं, लेकिन कई लोग पूरी तरह सामान्य महसूस करते हैं। अगर समय पर पहचान और इलाज न हो, तो यह स्थिति आगे चलकर स्ट्रोक और गंभीर हार्ट समस्याओं का कारण बन सकती है।

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10 सेकंड में कैसे करें पल्स चेक?

एक्सपर्ट्स के अनुसार यह बेहद आसान तरीका है
अंगूठे के ठीक बगल वाली उंगली (Index finger) और 'बीच की उंगली (Middle finger) को रखें
कलाई के अंदरूनी हिस्से (अंगूठे के नीचे) पर हल्के से दबाएं
लगभग 10 सेकंड तक धड़कन महसूस करें।

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अब ध्यान दें
अगर धड़कन नियमित और समान है- सामान्य स्थिति
अगर धड़कन कभी तेज, कभी धीमी या अनियमित लगे - डॉक्टर से सलाह लें।

ध्यान रखने वाली जरूरी बात

सिर्फ पल्स चेक से किसी भी बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। यह सिर्फ एक प्रारंभिक चेतावनी संकेत (Early Warning Signal) है।
सटीक जांच के लिए डॉक्टर द्वारा किए गए टेस्ट जरूरी होते हैं।

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किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?

कुछ स्थितियों में अनियमित दिल की धड़कन का खतरा बढ़ सकता है, 
जैसे: बढ़ती उम्र
हाई ब्लड प्रेशर
डायबिटीज
मोटापा
शारीरिक गतिविधि की कमी।

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कलाई पर सिर्फ 10 सेकंड तक पल्स चेक करना एक आसान आदत हो सकती है, जो दिल की सेहत के शुरुआती संकेत देने में मदद कर सकती है। हालांकि यह कोई मेडिकल डायग्नोसिस नहीं है, लेकिन समय रहते चेतावनी देकर बड़ी समस्याओं से बचाव में सहायक जरूर हो सकता है।


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Monika

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