Birth-Death Registration Rules अब होंगे सख्त, देर होने पर काटने पड़ेगे कोर्ट के चक्कर
punjabkesari.in Friday, Jul 31, 2026 - 03:38 PM (IST)
नारी डेस्क: विपक्ष के हंगामे और लगातार नारेबाजी के बीच, लोकसभा ने शुक्रवार को जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक को मंज़ूरी दे दी। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा पेश किए गए इस विधेयक को भारी हंगामे और शोर-शराबे के बीच ध्वनि मत से पारित किया गया। नित्यानंद राय ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक के लिए सदन की सहमति मांगी और शोर-शराबे के बीच बिना किसी चर्चा के इसे कुछ ही मिनटों में पारित कर दिया गया।
यह भी पढें: बिल्ली के कारण 8 साल का बच्चा वेंटिलेशन पर, Cats से फैलती है ये बेहद खतरनाक बीमारी
ये होंगे नए नियम
विधेयक में प्रावधान है कि यदि किसी जन्म या मृत्यु की सूचना घटना के एक साल बाद लेकिन दो साल के भीतर रजिस्ट्रार को दी जाती है, तो इसे केवल ज़िला मजिस्ट्रेट, SDM या ज़िला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मंज़ूरी से ही पंजीकृत किया जा सकता है। ये संशोधन देर से पंजीकरण के प्रावधानों को और सख्त बनाने और जन्म व मृत्यु की समय पर सूचना देने को प्रोत्साहित करने के लिए लाए गए हैं।
यह भी पढें: किसी का खोया पति, किसी की टूटी टांग... इमारत गिरने की उस भयावह घटना ने कर दिया सब तहस-नहस
इससे क्या पडेगा फर्क
जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र आज सिर्फ एक दस्तावेज नहीं रह गए हैं। स्कूल एडमिशन से लेकर पासपोर्ट, सरकारी योजनाओं, संपत्ति विवाद और कानूनी प्रक्रियाओं तक इनकी जरूरत पड़ती है। ऐसे में गलत या फर्जी प्रमाणपत्र बड़ी समस्या बन सकते हैं। सरकार इसी को ध्यान में रखते हुए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को ज्यादा मजबूत बनाना चाहती है। नए संशोधन में देरी से होने वाले रजिस्ट्रेशन के लिए अलग-अलग स्तर पर मंजूरी का प्रावधान रखा गया है।

