किसी का खोया पति, किसी की टूटी टांग... इमारत गिरने की उस भयावह घटना ने कर दिया सब तहस-नहस

punjabkesari.in Friday, Jul 31, 2026 - 12:44 PM (IST)

नारी डेस्क: नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) के अनुसार, महाराष्ट्र के ठाणे में भिवंडी में इमारत गिरने से मरने वालों की संख्या नौ हो गई है, बचाव दल मलबे से शव निकाल रहे हैं। बचाव अभियान अभी भी जारी है क्योंकि अधिकारियों को डर है कि मलबे के नीचे और भी लोग फंसे हो सकते हैं। यह दुखद घटना गुरुवार देर रात हुई, जब महाराष्ट्र के भिवंडी के बालाजी नगर इलाके में चार मंजिला कोहिनूर बिल्डिंग का एक हिस्सा गिर गया। बताया जा रहा है कि उस समय मरम्मत का काम चल रहा था।

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पहले आई तेज चटकने की आवाजें

अधिकारियों ने बताया कि इमारत रात करीब 11:30 बजे गिरी। इस इमारत में 48 कमरे थे - हर मंजिल पर 12 कमरे - और स्थानीय नगर निकाय ने इसे पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था। नगरपालिका अधिकारियों के अनुसार, निवासियों ने गुरुवार रात करीब 9 बजे इमारत से तेज चटकने की आवाजें सुनीं। इन चेतावनी भरे संकेतों से घबराकर, स्थानीय निवासियों ने तुरंत परिवारों को इमारत से बाहर निकालने में मदद करना शुरू कर दिया। हालांकि, जब कुछ लोग अभी भी इमारत से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी इमारत का 'B' विंग अचानक गिर गया। कई लोग मलबे के नीचे दब गए, जिसके बाद NDRF और अन्य आपातकालीन एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया।

 

हर तरफ मची अफरा- तफरी

इस घटना में बचे दीपक कुमार यादव ने IANS को बताया- "पास की एक इमारत के खंभों की मरम्मत का काम चल रहा था। रात के खाने के बाद हम सो गए थे, तभी अचानक हमें इमारत गिरने की तेज आवाज सुनाई दी। जब हम बाहर भागे, तो हर तरफ अफरा-तफरी मची थी। अपनी जान बचाने के लिए मैं पहली मंजिल से नीचे कूद गया।" घटना के बाद अपने पति की तलाश कर रही स्थानीय निवासी नेहा सिंह ने कहा- "वह यह कहकर नीचे गए थे कि उन्हें कुछ चेक करना है। उनके नीचे जाने के ठीक 10 मिनट बाद ही इमारत गिर गई। यह घटना रात करीब 11:30 बजे हुई। वहां कुछ काम चल रहा था। मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं ऊपर ही रुकी हुई थी। मेरे पति, रंजीत सिंह, घटना के बाद से लापता हैं। उनका फोन बज रहा है, लेकिन वह जवाब नहीं दे रहे हैं।" 

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लोगों ने कूदकर बचाई जान 

एक और बची हुई महिला, संगीता प्रजापति ने कहा- "मैं पार्किंग एरिया में खड़ी थी, तभी मुझे बिल्डिंग के चटकने की आवाज़ सुनाई दी। मैंने भागने की कोशिश की, लेकिन भागते समय ही बिल्डिंग गिर गई। इस घटना में मुझे चोटें आईं।" अभय कुमार यादव ने बताया, "हम रात के खाने के बाद अपने कमरे में थे, तभी हमें ज़ोरदार आवाज़ सुनाई दी। हमने तुरंत बाहर भागने की कोशिश की, लेकिन बाहर निकलने का कोई साफ़ रास्ता नहीं था, इसलिए मैं पहली मंज़िल से कूद गया। मेरे पैर में फ्रैक्चर हो गया। बाद में, कुछ स्थानीय लोग सीढ़ी लेकर आए और बाकी लोग सुरक्षित नीचे उतर पाए। उस समय बिल्डिंग के अंदर लगभग 25 से 30 लोग थे। बिल्डिंग में करीब 45 कमरे हैं।" घटना की जानकारी मिलने के बाद, NDRF और स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (SDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। 


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vasudha

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