लड़कियों को स्कर्ट में स्कूल ना भेजें, जानें पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री ने क्यों दी ये सलाह
punjabkesari.in Sunday, Sep 06, 2026 - 03:05 PM (IST)
नारी डेस्क : डेंगू का खतरा बढ़ने के मौसम में मच्छरों से बचाव के लिए लोगों को कई तरह की सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। इसी बीच पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरदवत मुखर्जी ने स्कूलों से बच्चों को ऐसे कपड़े पहनने की अनुमति देने की अपील की है, जिससे उनके हाथ-पैर ज्यादा से ज्यादा ढके रहें। उन्होंने खास तौर पर सुझाव दिया कि डेंगू के मौसम में करीब तीन महीने तक लड़कियों को स्कर्ट की जगह सलवार-सूट पहनने की अनुमति दी जाए। स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि बच्चों की त्वचा जितनी ज्यादा ढकी रहेगी, मच्छरों के सीधे काटने की संभावना उतनी ही कम हो सकती है। उन्होंने स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर यह सुझाव डेंगू से बचाव के लिए उठाए जाने वाले एहतियाती कदमों के तौर पर दिया है।
लड़कियों को स्कर्ट की जगह सलवार-सूट पहनने की सलाह
एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने स्कूलों से अपील की कि डेंगू के सीजन में बच्चों को पूरे बाजू और शरीर को ज्यादा कवर करने वाले कपड़े पहनने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि अगले तीन महीनों तक स्कूलों को यूनिफॉर्म में अस्थायी बदलाव पर विचार करना चाहिए। लड़कियों के लिए स्कर्ट की जगह सलवार-सूट जैसे ऐसे कपड़ों की अनुमति देने का सुझाव दिया गया, जिससे पैर ज्यादा ढके रहें। स्वास्थ्य मंत्री ने डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता को भी महत्वपूर्ण बताया।

घुटने तक के मोजे कितने कारगर?
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, केवल घुटने तक के मोजे पहनाना पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे सकता। उनका तर्क है कि पतले और त्वचा से चिपके मोजों के ऊपर से भी मच्छर काट सकते हैं। हालांकि, डेंगू से बचाव के लिए कपड़ों का उद्देश्य शरीर को अधिक से अधिक ढकना है। इसलिए ढीले और शरीर को पर्याप्त रूप से कवर करने वाले कपड़े मच्छरों के सीधे संपर्क को कम करने में मदद कर सकते हैं।
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क्या सलवार-सूट पहनना डेंगू से बचाव में मदद कर सकता है?
फोर्टिस अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट और यूनिट हेड, हेड एंड नेक सर्जन डॉ. अंबेश सिंह के मुताबिक, मच्छरों से बचाव के लिए कपड़ों में अस्थायी बदलाव एक आसान और कम खर्च वाला उपाय हो सकता है। उनका कहना है कि ज्यादा जोखिम वाले मौसम में अगर स्कूल यूनिफॉर्म में ऐसा बदलाव किया जाता है, जिससे बच्चों के शरीर का ज्यादा हिस्सा ढका रहे, तो यह मच्छरों के काटने की संभावना कम करने वाली रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, केवल कपड़े बदलना डेंगू से बचाव के लिए पर्याप्त नहीं है। मच्छरों से बचाव के लिए कई उपायों को साथ में अपनाना जरूरी है।

डेंगू से बचने के लिए क्या करें?
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर आमतौर पर दिन के समय भी सक्रिय रहता है। यह साफ पानी में भी पनप सकता है।
इसलिए घर और स्कूल के आसपास पानी जमा न होने देना बेहद जरूरी है।
डेंगू से बचाव के लिए इन बातों का ध्यान रखें
परी बाजू और शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
घर, स्कूल और आसपास पानी जमा न होने दें।
पानी की टंकियों और कंटेनरों को ढककर रखें।
कूलर, गमले, टायर और अन्य जगहों पर जमा पानी नियमित रूप से साफ करें।
जरूरत के अनुसार मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
बच्चों को स्कूल या बाहर भेजते समय शरीर का अधिक हिस्सा ढका रखने वाले कपड़े पहनाएं।
घर में मच्छरदानी और अन्य मच्छर नियंत्रण उपायों का इस्तेमाल करें।
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डेंगू से बचाव में मच्छरों की संख्या कम करना और मच्छर के काटने से बचना, दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। इसलिए स्कूल यूनिफॉर्म में बदलाव की सलाह को भी इसी व्यापक मच्छर-रोधी रणनीति के एक हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए।

