सीवियर एंग्जायटी की वजह से शुरू हो जाता है हेयर फॉल! जानें क्या है दोनों के बीच कनेक्शन
punjabkesari.in Wednesday, Sep 02, 2026 - 02:00 PM (IST)
नारी डेस्क: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव और एंग्जायटी यानी चिंता काफी आम हो गई है। काम का दबाव, निजी परेशानियां, नींद की कमी और लगातार सोचते रहने का असर सिर्फ दिमाग पर ही नहीं, शरीर पर भी पड़ सकता है। कई लोगों को लंबे समय तक तनाव में रहने के दौरान अचानक बाल ज्यादा झड़ते हुए दिखाई देते हैं। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि क्या ज्यादा एंग्जायटी की वजह से सच में हेयर फॉल शुरू हो सकता है? डर्मेटोलॉजिस्ट के मुताबिक, लंबे समय तक रहने वाला या गंभीर तनाव कुछ लोगों में बाल झड़ने की समस्या को बढ़ा सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति में इसका असर एक जैसा नहीं होता और बाल झड़ने के पीछे दूसरी वजहें भी हो सकती हैं।
तनाव बालों के ग्रोथ साइकिल को कैसे प्रभावित करता है
हमारे बाल लगातार एक ही अवस्था में नहीं रहते। उनका अपना एक ग्रोथ साइकिल होता है, जिसमें बालों के बढ़ने, रुकने और फिर झड़ने के अलग-अलग चरण शामिल होते हैं। जब शरीर लंबे समय तक गंभीर तनाव या एंग्जायटी की स्थिति में रहता है, तो स्ट्रेस रिस्पॉन्स बालों के सामान्य ग्रोथ साइकिल को प्रभावित कर सकता है। ज्यादा तनाव की स्थिति में कुछ बाल समय से पहले रेस्टिंग फेज में चले जाते हैं। इसके बाद कुछ समय बीतने पर इन बालों का झड़ना बढ़ सकता है। इस स्थिति को टेलोजन एफ्लुवियम कहा जाता है।

तनाव के कारण बाल तुरंत नहीं, कुछ समय बाद झड़ सकते हैं
तनाव से जुड़े हेयर फॉल की एक खास बात यह है कि बाल उसी दिन या अगले दिन से झड़ना जरूरी नहीं है, जिस दिन तनाव बढ़ा हो। कई मामलों में हेयर फॉल कुछ हफ्तों या महीनों बाद ज्यादा नजर आता है। यही वजह है कि कई लोग बाल झड़ने और अपनी कुछ समय पहले हुई तनावपूर्ण घटना के बीच संबंध नहीं समझ पाते। नहाते समय, कंघी करते हुए या बालों में हाथ फेरने पर सामान्य से ज्यादा बाल निकलना इसका एक संकेत हो सकता है।
क्या एंग्जायटी ही हेयर फॉल की एकमात्र वजह है
नहीं। बाल झड़ने की समस्या को केवल एंग्जायटी से जोड़ना सही नहीं होगा। कई बार तनाव के साथ-साथ शरीर में होने वाले दूसरे बदलाव भी हेयर फॉल की वजह बन सकते हैं। आयरन या कुछ पोषक तत्वों की कमी, थायरॉइड की समस्या, हार्मोनल बदलाव, अचानक वजन कम होना, खराब डाइट, नींद की कमी, कुछ दवाएं और स्कैल्प से जुड़ी परेशानियां भी बाल झड़ने का कारण बन सकती हैं। इसलिए अगर बाल लगातार या सामान्य से काफी ज्यादा मात्रा में झड़ रहे हैं, तो सबसे पहले इसकी सही वजह का पता लगाना जरूरी है।

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सिर्फ बालों का इलाज नहीं, तनाव को मैनेज करना भी जरूरी
अगर जांच के बाद पता चलता है कि हेयर फॉल का संबंध लंबे समय से चले आ रहे तनाव से है, तो केवल बालों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होगा। एंग्जायटी और स्ट्रेस को मैनेज करना भी जरूरी है। इसके लिए पर्याप्त नींद लेना, संतुलित भोजन करना, नियमित एक्सरसाइज करना और मेडिटेशन या रिलैक्सेशन तकनीकों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना मददगार हो सकता है। रोजमर्रा की जिंदगी में काम और आराम के बीच संतुलन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। अगर एंग्जायटी बहुत ज्यादा है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना भी एक अच्छा कदम हो सकता है।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए
अगर कुछ समय से लगातार और बहुत ज्यादा बाल झड़ रहे हैं, सिर के किसी खास हिस्से में तेजी से बाल कम हो रहे हैं या बालों के साथ स्कैल्प में खुजली, लालिमा, पपड़ी या जलन जैसी समस्या भी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में खुद से हेयर सप्लीमेंट, दवाएं या कोई ट्रीटमेंट शुरू करने के बजाय डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार स्कैल्प की जांच और कुछ टेस्ट कराकर हेयर फॉल की असली वजह पता कर सकते हैं।
तनाव कम करें, लेकिन हेयर फॉल को नजरअंदाज न करें
सीवियर या लंबे समय तक रहने वाली एंग्जायटी कुछ लोगों में हेयर फॉल को ट्रिगर या बढ़ा सकती है, लेकिन हर बार बाल झड़ने की वजह तनाव ही हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए लगातार हो रहे हेयर फॉल को सिर्फ तनाव मानकर छोड़ना सही नहीं होगा। बालों की समस्या का सही कारण पता लगाना और उसी के अनुसार इलाज कराना सबसे जरूरी है। साथ ही मानसिक तनाव को कम करने और अच्छी नींद व संतुलित जीवनशैली पर ध्यान देना शरीर और बालों, दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है।


