Liver खराब है तो इन चीजों से बना लें दूरी, डॉक्टर ने बताया क्या नहीं खाना चाहिए

punjabkesari.in Wednesday, Sep 02, 2026 - 01:09 PM (IST)

नारी डेस्क:  लिवर हमारे शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है। यह पाचन में मदद करने के साथ शरीर में पोषक तत्वों को प्रोसेस करने, मेटाबॉलिज्म को संभालने और शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में जब लिवर किसी बीमारी से प्रभावित होता है, तो खानपान पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है। फैटी लिवर, हेपेटाइटिस, सिरोसिस या लिवर से जुड़ी दूसरी समस्याओं में गलत डाइट परेशानी को बढ़ा सकती है। इसी वजह से डॉक्टर अक्सर मरीज की बीमारी और उसकी स्थिति के अनुसार कुछ चीजों से दूरी बनाने की सलाह देते हैं।  डॉक्टर के मुताबिक, लिवर की समस्या होने पर कुछ आदतों में बदलाव करना खास तौर पर जरूरी है।

शराब से पूरी तरह बनाएं दूरी

लिवर की बीमारी में शराब से दूरी बनाना सबसे जरूरी कदमों में से एक माना जाता है। शराब को शरीर में प्रोसेस करने का काम मुख्य रूप से लिवर करता है और अत्यधिक शराब का सेवन लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। अगर किसी व्यक्ति का लिवर पहले से ही खराब है, तो शराब का सेवन उसकी स्थिति को और गंभीर बना सकता है। इसलिए फैटी लिवर से लेकर हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसी स्थितियों में शराब से पूरी तरह परहेज करने की सलाह दी जाती है।

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तली-भुनी चीजों का सेवन करें कम

लिवर की समस्या होने पर समोसा, पकौड़े, पूरी, फ्रेंच फ्राइज, चिप्स और दूसरी डीप फ्राइड चीजों का सेवन कम करना बेहतर है। इनमें अक्सर ज्यादा कैलोरी और अस्वास्थ्यकर फैट होता है, जो वजन बढ़ने और फैटी लिवर जैसी समस्याओं में परेशानी बढ़ा सकता है। खासकर जिन लोगों को फैटी लिवर की समस्या है, उन्हें तले-भुने और ज्यादा फैट वाले खाने की जगह हल्का और संतुलित भोजन लेने पर ध्यान देना चाहिए।

बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न लें

लिवर की बीमारी में दवाओं को लेकर भी सावधानी जरूरी है। कुछ दवाएं और हर्बल या सप्लीमेंट उत्पाद लिवर पर असर डाल सकते हैं, खासकर जब उन्हें जरूरत से ज्यादा मात्रा में या बिना चिकित्सकीय सलाह के लिया जाए। इसका मतलब यह नहीं है कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई जरूरी दवाएं अपने आप बंद कर दी जाएं। अगर आप पहले से कोई दवा लेते हैं या दर्द की दवा, हर्बल प्रोडक्ट या सप्लीमेंट इस्तेमाल करते हैं, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी जरूर दें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर दवा की मात्रा या विकल्प में बदलाव कर सकते हैं।

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ज्यादा नमक से भी करें परहेज

लिवर की बीमारी के कुछ गंभीर मामलों में, खासकर सिरोसिस के साथ शरीर में पानी जमा होने या पेट में सूजन यानी ascites की समस्या होने पर ज्यादा नमक परेशानी बढ़ा सकता है। ऐसे मरीजों को डॉक्टर सोडियम की मात्रा कम करने की सलाह दे सकते हैं। इसलिए खाने में ऊपर से अतिरिक्त नमक डालने और बहुत ज्यादा नमक वाले पैकेज्ड या प्रोसेस्ड फूड का सेवन करने से बचना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, नमक की सही मात्रा मरीज की स्थिति के हिसाब से डॉक्टर या डाइटीशियन तय कर सकते हैं।

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सिर्फ परहेज नहीं, सही डाइट भी जरूरी

लिवर की बीमारी में केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि क्या नहीं खाना है। शरीर को पर्याप्त पोषण देना भी उतना ही जरूरी है। आम तौर पर फल और सब्जियां, साबुत अनाज और जरूरत के मुताबिक प्रोटीन को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, हर लिवर मरीज की डाइट एक जैसी नहीं होती। फैटी लिवर, हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसी अलग-अलग स्थितियों में शरीर की जरूरतें अलग हो सकती हैं। कुछ गंभीर मामलों में प्रोटीन, नमक या तरल पदार्थ की मात्रा को लेकर भी विशेष सलाह दी जा सकती है।

लिवर की बीमारी में डॉक्टर की सलाह क्यों जरूरी

लिवर की बीमारी का कारण और उसकी गंभीरता हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। इसलिए इंटरनेट या किसी दूसरे व्यक्ति की डाइट देखकर खुद से खानपान में बड़े बदलाव करना सही नहीं है।

अगर लिवर से जुड़ी कोई बीमारी है, तो डॉक्टर से अपनी मेडिकल रिपोर्ट और मौजूदा दवाओं के बारे में चर्चा करें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर डाइटीशियन की मदद से आपके लिए ऐसी डाइट तैयार कर सकते हैं, जो बीमारी की स्थिति और शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों के मुताबिक हो।
  
 


 


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Content Editor

Priya Yadav

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