निधिवन में रात को होती है राधा-कृष्ण की रासलीला, इसे देखने वाला हो जाता है अंधा !
punjabkesari.in Wednesday, Sep 02, 2026 - 12:32 PM (IST)
नारी डेस्क: अगर आप जन्माष्टमी के मौके पर वृंदावन जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यहां के रहस्यमयी निधिवन जंगल जाना बिल्कुल ना भूलना। निधिवन शायद भारत की सबसे रहस्यमयी जगहों में से एक है। उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर वृंदावन के बीचों-बीच बसा निधिवनका हरा-भरा जंगल रहस्यों और लोक-कथाओं से घिरा हुआ है। यहां घूमने लायक खास जगहों में से एक है रंग महल मंदिर। यह जगह इसलिए मशहूर है क्योंकि यहां कृष्ण अपने हाथों से राधा रानी का श्रृंगार करते हैं।

सुबह सब मिलता है अस्त-व्यस्त
निधिवन के पेड़ छोटे और खोखले हैं और जोड़ों में आपस में लिपटे हुए हैं। भक्तों का मानना है कि रात में हर जोड़ा एक गोपी और उसकी सखी का रूप ले लेता है। शाम की पूजा-अर्चना के बाद, पुजारी वन को बंद कर देते हैं प्रसाद, पानी और राधा-कृष्ण के आराम करने के लिए रंग महल में बिस्तर रख देते हैं, और फिर सब लोग निधिवन से चले जाते हैं। कहा जाता है कि सुबह होने तक बिस्तर अस्त-व्यस्त मिलता है और पानी व दातून का इस्तेमाल हो चुका होता है।चाहे इसे आस्था कहें या लोककथा, निधिवन वृंदावन का माहौल अविस्मरणीय है।
सूरज डूबने के बाद अंदर रहने की नहीं है इजाजत
कुछ लोगों का मानना है कि निधि वन पर श्राप है। लोक-कथाओं के अनुसार, राधा (कृष्ण की शाश्वत संगिनी) कृष्ण के व्यवहार और दूसरी गोपियों (ग्वालिनों) के साथ उनकी छेड़-छाड़ से नाराज हो गई थीं। इससे उन्हें बहुत गुस्सा आया और उन्होंने पूरे निधि वन को श्राप देकर एक घने जंगल में बदल दिया। उन्होंने श्राप दिया कि सूरज डूबने के बाद वहां कोई भी पक्षी, जानवर या कीड़े-मकोड़े नहीं रह सकेंगे। हज़ारों साल बाद भी आज तक कोई सूरज डूबने के बाद उस जंगल में नहीं जाता। कहा जाता है कि जो कोई भी रात होने के बाद निधि वन में जाता है, उसके साथ कुछ रहस्यमयी होता है। लोग अंधे हो जाते हैं, मर जाते हैं या लकवाग्रस्त हो जाते हैं। उस जंगल से कोई भी वापस आकर अपनी कहानी नहीं बता पाया है।

निधि वन के पेड़ों की बनावट भी है अनोखी
रंग महल के अंदर, मंदिर के पुजारी हर रात आरती के बाद दो टूथब्रश, एक साड़ी, चूड़ियां, पान के पत्ते, एक जग में थोड़ा पवित्र जल और चार मिठाइयां (लड्डू) रखते हैं और बिस्तर तैयार करते हैं। लेकिन सुबह सब कुछ बिखरा हुआ मिलता है, जिससे इस जगह का रहस्य और बढ़ जाता है। निधि वन के पेड़ बहुत छोटे हैं और आपस में उलझे हुए हैं। इनकी बनावट ही इन्हें इतना अनोखा बनाती है। आम तौर पर पेड़ों की शाखाएं ऊपर की ओर बढ़ती हैं, लेकिन निधि वन में वे नीचे की ओर बढ़ती हैं। हालांकि, समय के साथ शिक्षा और टेक्नोलॉजी के विकास के कारण लोगों की राय बदली है। कई स्थानीय लोग और यहां आने वाले पर्यटक इसे स्थानीय ट्रस्ट और पंडितों की ओर से पैसे कमाने और पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए किया गया एक दिखावा मानते हैं।

