Basant Panchami 2026, नोट करें मां सरस्वती की पूजा का शुभ मुहूर्त
punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 03:05 PM (IST)
नारी डेस्क : बसंत पंचमी का पर्व विद्या, बुद्धि, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, इसलिए विद्यार्थी, शिक्षक, कलाकार और ज्ञान से जुड़े लोग इस दिन विशेष रूप से सरस्वती पूजा करते हैं। इस वर्ष बसंत पंचमी का पर्व शुक्रवार, 23 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में विशेष आयोजन होते हैं और जगह-जगह मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। खास बात यह है कि इस बार बसंत पंचमी चार अत्यंत शुभ योगों में मनाई जा रही है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ गया है।
बसंत पंचमी 2026 पर बन रहे हैं चार शुभ योग
दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, शिव योग और महासिद्धि योग चार अत्यंत शुभ योगों का दुर्लभ संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इन शुभ योगों में मां सरस्वती की पूजा और उपासना करने से साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है। खासतौर पर विद्या, बुद्धि, एकाग्रता, स्मरण शक्ति और जीवन में सफलता के योग प्रबल होते हैं। यही कारण है कि विद्यार्थियों, शिक्षकों, कलाकारों और ज्ञान से जुड़े लोगों के लिए बसंत पंचमी 2026 अत्यंत शुभ और फलदायी मानी जा रही है।

तिथि और योग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
सूर्योदय: 23 जनवरी को सुबह 6:38 बजे
माघ शुक्ल पंचमी तिथि: पूरे दिन रहेगी, रात 12:08 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन और पूरी रात
महासिद्धि योग: सुबह 9:14 बजे के बाद
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस दिन पंचमी तिथि का पूर्वाह्न काल पड़ता है, उसी दिन बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इसी कारण इस वर्ष शुक्रवार, 23 जनवरी को ही बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा का आयोजन किया जाएगा।
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मां सरस्वती की पूजा का शुभ मुहूर्त
वसंत पंचमी की तिथि की शुरुआत
22 जनवरी, गुरुवार रात 1:30 बजे से होगी,
जो 23 जनवरी की रात 12:22 बजे तक रहेगी।
उदय तिथि के अनुसार शुक्रवार को पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना गया है।

पूजा के प्रमुख शुभ मुहूर्त
मुख्य शुभ मुहूर्त: सुबह 7:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 बजे से 12:54 बजे तक
अमृतकाल मुहूर्त: सुबह 9:31 बजे से 11:05 बजे तक
धार्मिक मान्यता है कि इन शुभ मुहूर्तों में मां सरस्वती की पूजा करने से ज्ञान, बुद्धि, सुख-समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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चार विशेष योगों में पड़ रही बसंत पंचमी 2026 को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है। यदि आप या आपके बच्चे पढ़ाई, कला, संगीत या किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह दिन विशेष रूप से उत्तम है।

